Almora: कटारमल में दिखेगी 10 सूर्य मंदिरों की झलक, 12 वीं शताब्दी के ऐतिहासिक मंदिर को मिलेगी नई पहचान
कटारमल में श्रद्धालुओं को देश के विभिन्न कोनों में स्थापित 10 प्रमुख सूर्य मंदिरों की झलक दिखेगी। कटारमल मंदिर को लोक निर्माण विभाग पांच करोड़ रुपये से धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगा।
विस्तार
अल्मोड़ा के कटारमल में अब श्रद्धालुओं को देश के विभिन्न कोनों में स्थापित 10 प्रमुख सूर्य मंदिरों की झलक दिखेगी। 12वीं शताब्दी की इस प्राचीन धरोहर को मानस खंड मंदिर माला मिशन के तहत धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
नागर शैली में बने प्रसिद्ध कटारमल मंदिर को लोक निर्माण विभाग पांच करोड़ रुपये से धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगा। देश के नौ सूर्य मंदिरों की मूर्तियों के प्रतिरूप के दर्शन कर श्रद्धालु मुख्य मंदिर तक पहुंचेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार के समीप ही पूजा सामग्री के लिए तीन दुकानें बनाई जाएंगी। इसके लिए शासन से बजट अवमुक्त हो चुका है।
इन मंदिरों के प्रतिरूप होंगे स्थापित
सूर्यनार कोविल मंदिर तमिलनाडु, सूर्यपहाड़ मंदिर असम, कोणार्क सूर्य मंदिर ओडिशा, दक्षिणार्क सूर्य मंदिर गया, सूर्य नारायण मंदिर राणकपुर राजस्थान, देवका सूर्य मंदिर बाड़मेर राजस्थान, सूर्य नारायण मंदिर आंध्र प्रदेश, मार्तंड सूर्य मंदिर जम्मू-कश्मीर, मोढेरा सूर्य मंदिर गुजरात।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के बेंच सहित अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। मंदिर की पार्किंग के समीप पैदल मार्ग तैयार किए जाएंगे। एक पेयजल प्वाइंट भी स्थापित किया जाएगा। मंदिर परिसर में हेल्थ सेंटर बनेगा, जहां चिकित्सकों की टीम तैनात रहेगी। मुख्य द्वार का सौंदर्यीकरण होगा और शिलालेख पर मंदिर के गौरवशाली इतिहास को उकेरा जाएगा।
कटारमल मंदिर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। इस प्रस्ताव को शासन से स्वीकृति मिल चुकी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही प्राथमिकता के साथ निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।-अंकित सिंह, अवर अभियंता, लोनिवि प्रांतीय खंड, अल्मोड़ा

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