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सिलिंडर के लिए तिकड़म : डीएम-एसपी के नाम की दुहाई तो बता रहे विधायक के रिश्तेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:40 PM IST
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बागेश्वर। ईरान-इस्राइल युद्ध ने सिलिंडर को बेहद खास बना दिया है। सिलिंडर पाने के लिए अब लोग जुगाड़ लगने लगे हैं। वितरण प्वाइंट पर डीएम-एसपी की पहचान वाला बताकर सिलिंडर पाने की जद्दोजहद हो रही है। विधायक और जनप्रतिनिधियों से रिश्तेदारी बताकर भी सिलिंडर के लिए लोग जोर लगा रहे हैं। वहीं एजेंसी के कर्मचारियों को नेताओं से फोन भी कराए जा रहे हैं।
गैस वितरण केंद्रों पर आपाधापी के बीच कई उपभोक्ता लाइन में बचने के लिए अनूठे तिकड़म लगा रहे हैं। लोग डीएम और एसपी के नाम का सहारा लेने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। कई लोग विधायक समेत अन्य नेताओं से अपनी नजदीकी का हवाला दे रहा है। आलम ये है कि वितरकों के सामने लोग अपने रसूखदार परिचितों से फोन पर बात करने की गुजारिश करते नजर आ रहे हैं।
सिर्फ राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच ही नहीं सिलिंडर पाने के लिए दूर-दराज की रिश्तेदारियां भी खंगाली जा रही हैं। लोग डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर पुरानी जान-पहचान और आपसी रिश्तों का वास्ता देकर प्राथमिकता के आधार पर गैस पाने की जुगत भी लगा रहे हैं।
जुगाड़ के खेल से तंग वितरक
सुबह से शाम तक चलने वाली इस उठा पटक में वितरण केंद्रों पर जबरदस्त गहमागहमी है। लगातार फोन कॉल्स और ऊपर से आने वाले दबाव से अब गैस डिस्ट्रीब्यूटर भी तंग आ चुके हैं। उनका कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया और सीमित स्टॉक के बीच इस तरह के जुगाड़ से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। आम उपभोक्ता जो घंटों कतार में खड़ा है, उसे इन रसूखदारों के चलते और अधिक इंतजार करना पड़ रहा है। वितरण केंद्रों पर इस जुगाड़ तंत्र के चलते कई बार तीखी नोकझोंक की स्थिति भी पैदा हो रही है।
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गैस वितरण केंद्रों पर आपाधापी के बीच कई उपभोक्ता लाइन में बचने के लिए अनूठे तिकड़म लगा रहे हैं। लोग डीएम और एसपी के नाम का सहारा लेने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। कई लोग विधायक समेत अन्य नेताओं से अपनी नजदीकी का हवाला दे रहा है। आलम ये है कि वितरकों के सामने लोग अपने रसूखदार परिचितों से फोन पर बात करने की गुजारिश करते नजर आ रहे हैं।
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सिर्फ राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच ही नहीं सिलिंडर पाने के लिए दूर-दराज की रिश्तेदारियां भी खंगाली जा रही हैं। लोग डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर पुरानी जान-पहचान और आपसी रिश्तों का वास्ता देकर प्राथमिकता के आधार पर गैस पाने की जुगत भी लगा रहे हैं।
जुगाड़ के खेल से तंग वितरक
सुबह से शाम तक चलने वाली इस उठा पटक में वितरण केंद्रों पर जबरदस्त गहमागहमी है। लगातार फोन कॉल्स और ऊपर से आने वाले दबाव से अब गैस डिस्ट्रीब्यूटर भी तंग आ चुके हैं। उनका कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया और सीमित स्टॉक के बीच इस तरह के जुगाड़ से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। आम उपभोक्ता जो घंटों कतार में खड़ा है, उसे इन रसूखदारों के चलते और अधिक इंतजार करना पड़ रहा है। वितरण केंद्रों पर इस जुगाड़ तंत्र के चलते कई बार तीखी नोकझोंक की स्थिति भी पैदा हो रही है।