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Bageshwar News: शराब की भेंट चढ़ रहा सुहाग और सुकून, 50 फीसदी घरों में तकरार की जड़ बना नशा
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बागेश्वर। जिले में बढ़ती शराब की लत महिलाओं के लिए अभिशाप साबित हो रही है। नशे के कारण महिलाओं का सुहाग उनसे दूर हो रहा है, घर की चहारदीवारी के भीतर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सिलसिला भी बढ़ गया है। महिला हेल्पलाइन के आंकड़े डराने वाले हैं, जहां इस साल पहुंचे घरेलू विवाद के करीब 60 मामलों में से 31 की मुख्य वजह पति का शराब पीना पाया गया है।
महिला हेल्पलाइन से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस साल अब तक घरेलू तकरार के करीब 60 मामले दर्ज किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 31 मामलों में झगड़े का मुख्य कारण पति का शराब पीकर घर में हुड़दंग करना और मारपीट करना पाया गया है। काउंसलिंग के दौरान कई महिलाओं ने दर्द बयां किया कि शराब के कारण उनके जीवनसाथी भावनात्मक और सामाजिक रूप से उनसे दूर हो रहे हैं। जिले की विषम परिस्थितियों में घर-बाहर की जिम्मेदारी उठाने वाली महिलाओं के लिए नशेड़ी पति सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। काउंसलिंग के दौरान सामने आया है कि कई घरों में शराब के कारण आर्थिक तंगी इस कदर बढ़ गई है कि बच्चों की पढ़ाई तक दांव पर लगी है।
.....इनसेट
केस 1- बीते दिनों एक महिला ने हेल्पलाइन में गुहार लगाई कि उसका पति दिनभर मजदूरी करता है लेकिन शाम को पूरी कमाई शराब में उड़ा देता है। विरोध करने पर बच्चों के सामने मारपीट की जाती है। अब हालात यह हैं कि घर में दाने-दाने का संकट है।
केस-2 नगर के पास की एक शिक्षित महिला ने बताया कि उसका पति अच्छी नौकरी में होने के बावजूद शराब का आदी है। नशे की हालत में वह मानसिक प्रताड़ना देता है जिससे उनके वैवाहिक संबंधों में गहरी दरार आ गई है।
....कोट
शराब केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर रही है। हेल्पलाइन में आने वाली 50 फीसदी से अधिक महिलाएं पति के नशे और उसके बाद होने वाली हिंसा से त्रस्त हैं। हम कोशिश करते हैं कि काउंसलिंग से घर बच जाए लेकिन जहां हिंसा अधिक होती है वहां सख्त कानूनी कदम उठाए जाते हैं। -मीना रावत, प्रभारी महिला हेल्पलाइन, बागेश्वर
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महिला हेल्पलाइन से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस साल अब तक घरेलू तकरार के करीब 60 मामले दर्ज किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 31 मामलों में झगड़े का मुख्य कारण पति का शराब पीकर घर में हुड़दंग करना और मारपीट करना पाया गया है। काउंसलिंग के दौरान कई महिलाओं ने दर्द बयां किया कि शराब के कारण उनके जीवनसाथी भावनात्मक और सामाजिक रूप से उनसे दूर हो रहे हैं। जिले की विषम परिस्थितियों में घर-बाहर की जिम्मेदारी उठाने वाली महिलाओं के लिए नशेड़ी पति सबसे बड़ी चुनौती बन गए हैं। काउंसलिंग के दौरान सामने आया है कि कई घरों में शराब के कारण आर्थिक तंगी इस कदर बढ़ गई है कि बच्चों की पढ़ाई तक दांव पर लगी है।
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केस 1- बीते दिनों एक महिला ने हेल्पलाइन में गुहार लगाई कि उसका पति दिनभर मजदूरी करता है लेकिन शाम को पूरी कमाई शराब में उड़ा देता है। विरोध करने पर बच्चों के सामने मारपीट की जाती है। अब हालात यह हैं कि घर में दाने-दाने का संकट है।
केस-2 नगर के पास की एक शिक्षित महिला ने बताया कि उसका पति अच्छी नौकरी में होने के बावजूद शराब का आदी है। नशे की हालत में वह मानसिक प्रताड़ना देता है जिससे उनके वैवाहिक संबंधों में गहरी दरार आ गई है।
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शराब केवल एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर रही है। हेल्पलाइन में आने वाली 50 फीसदी से अधिक महिलाएं पति के नशे और उसके बाद होने वाली हिंसा से त्रस्त हैं। हम कोशिश करते हैं कि काउंसलिंग से घर बच जाए लेकिन जहां हिंसा अधिक होती है वहां सख्त कानूनी कदम उठाए जाते हैं। -मीना रावत, प्रभारी महिला हेल्पलाइन, बागेश्वर
