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Bageshwar News: सड़क दुर्घटनाओं में देवदूत बनेंगे स्कूली विद्यार्थी और चालक
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बागेश्वर। सड़क हादसों के दौरान गोल्डन आवर में घायलों की जान बचाने के लिए परिवहन विभाग ने नई पहल शुरू की है। जिले में दुर्घटनाओं की दर को कम करने और घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिलाने के उद्देश्य से अब चालकों और स्कूली छात्र-छात्राओं को फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार किया जा रहा है।
परिवहन विभाग का मानना है कि पर्वतीय मार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं में अस्पताल पहुंचने से पहले ही कई घायल दम तोड़ देते हैं। ऐसे में यदि मौके पर मौजूद चालक या स्थानीय युवा प्रशिक्षित हों तो मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विभाग की ओर से स्कूलों और टैक्सी स्टैंडों में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से चालकों और विद्यार्थियों को दुर्घटना के तुरंत बाद घायल को वाहन से सुरक्षित निकालने, खून को रोकने और सीपीआर देने, घायल को अस्पताल ले जाने, एंबुलेंस और पुलिस को सूचना देते समय तकनीकी बातों का ध्यान रखने के बारे में बताया जा रहा है।
.....कोट
सड़क दुर्घटना के बाद पहले 30 से 60 मिनट घायल की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। हमारा लक्ष्य जिले के हर चालक और विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करना है ताकि वे आपातकालीन स्थिति में एक रक्षक की भूमिका निभाएं। फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार ये देवदूत सड़क सुरक्षा के हमारे मिशन में सबसे मजबूत कड़ी साबित होंगे। -अमित कुमार, एआरटीओ, बागेश्वर
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परिवहन विभाग का मानना है कि पर्वतीय मार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं में अस्पताल पहुंचने से पहले ही कई घायल दम तोड़ देते हैं। ऐसे में यदि मौके पर मौजूद चालक या स्थानीय युवा प्रशिक्षित हों तो मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विभाग की ओर से स्कूलों और टैक्सी स्टैंडों में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से चालकों और विद्यार्थियों को दुर्घटना के तुरंत बाद घायल को वाहन से सुरक्षित निकालने, खून को रोकने और सीपीआर देने, घायल को अस्पताल ले जाने, एंबुलेंस और पुलिस को सूचना देते समय तकनीकी बातों का ध्यान रखने के बारे में बताया जा रहा है।
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सड़क दुर्घटना के बाद पहले 30 से 60 मिनट घायल की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। हमारा लक्ष्य जिले के हर चालक और विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करना है ताकि वे आपातकालीन स्थिति में एक रक्षक की भूमिका निभाएं। फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार ये देवदूत सड़क सुरक्षा के हमारे मिशन में सबसे मजबूत कड़ी साबित होंगे। -अमित कुमार, एआरटीओ, बागेश्वर
