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Bageshwar News: गरुड़ कोर्ट से बागेश्वर स्थानांतरित हुआ फौजदारी का मामला
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बागेश्वर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर की अदालत ने मानवीय संवेदनाओं और सुगम न्याय प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने न्यायिक मजिस्ट्रेट गरुड़ के न्यायालय में विचाराधीन एक फौजदारी मामले को तत्काल प्रभाव से सिविल जज जूनियर डिवीजन/न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए हैं।
मामले के अनुसार ग्राम बैगांव कालरों, गरुड़ निवासी मनोज कुमार, भाष्कर राम, काजल और पूजा ने धारा 448 बीएनएस के तहत सत्र न्यायालय में ट्रांसफर प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। प्रार्थीगण के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि विपक्षी भवान सिंह और प्रार्थीगण के बीच 5 जून 2024 की एक ही घटना को लेकर गरुड़ और बागेश्वर में अलग-अलग तीन क्रॉस मामले चल रहे हैं।
प्रार्थीगण अनुसूचित जाति परिवार से ताल्लुक रखते हैं और अलग-अलग कोर्ट की तारीखों पर आने-जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसके अलावा, अभियुक्त काजल की छह माह की एक पुत्री है जिसे हर तारीख पर गरुड़ कोर्ट ले जाने में काफी परेशानी हो रही थी और बच्ची अक्सर बीमार पड़ जा रही थी।
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सुनवाई के दौरान विपक्षी भवान सिंह के अधिवक्ता की ओर से इस स्थानांतरण पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई। अदालत ने प्रार्थियों की अर्जी स्वीकार करते हुए गरुड़ न्यायालय में लंबित को जिला न्यायालय भेजने के निर्देश दिए हैं।
मामले के अनुसार ग्राम बैगांव कालरों, गरुड़ निवासी मनोज कुमार, भाष्कर राम, काजल और पूजा ने धारा 448 बीएनएस के तहत सत्र न्यायालय में ट्रांसफर प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। प्रार्थीगण के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि विपक्षी भवान सिंह और प्रार्थीगण के बीच 5 जून 2024 की एक ही घटना को लेकर गरुड़ और बागेश्वर में अलग-अलग तीन क्रॉस मामले चल रहे हैं।
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प्रार्थीगण अनुसूचित जाति परिवार से ताल्लुक रखते हैं और अलग-अलग कोर्ट की तारीखों पर आने-जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसके अलावा, अभियुक्त काजल की छह माह की एक पुत्री है जिसे हर तारीख पर गरुड़ कोर्ट ले जाने में काफी परेशानी हो रही थी और बच्ची अक्सर बीमार पड़ जा रही थी।
सुनवाई के दौरान विपक्षी भवान सिंह के अधिवक्ता की ओर से इस स्थानांतरण पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई। अदालत ने प्रार्थियों की अर्जी स्वीकार करते हुए गरुड़ न्यायालय में लंबित को जिला न्यायालय भेजने के निर्देश दिए हैं।