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Bageshwar News: धूराफाट और खरही क्षेत्र के अस्पताल चिकित्सक विहीन
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बागेश्वर। जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होने की बजाय बिगड़ती जा रही हैं। काफलीगैर तहसील क्षेत्र के दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिना चिकित्सक के संचालित हो रहे हैं। चिकित्सक पीजी कोर्स करने गए हैं, मरीजों को इलाज कराने के लिए 25 से 50 किमी की दूरी तय कर जिला अस्पताल आना पड़ रहा है।
तहसील क्षेत्र के खरही क्षेत्र में स्थिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छानी और धूराफाट के पीएचसी छानी में लंबे समय से चिकित्सक नहीं हैं। अस्पताल में जांच और इलाज करने की सुविधा नहीं है। छानी अस्पताल पर पंतगांव न्याय पंचायत के 13 गांवों की करीब 10 हजार की आबादी निर्भर है। बोहाला का अस्पताल भी क्षेत्र के 12 ग्राम पंचायतों की आठ हजार से अधिक की आबादी के बीच बना है। ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग से लगातार चिकित्सकों की तैनाती की मांग कर रहे हैं।
कोट
छानी के अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने से सर्दी, बुखार आने पर भी जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है। बच्चों और बुजुर्गों के बीमार होने पर परेशानी अधिक बढ़ जाती है। - पुष्पा देवी, ग्रामीण
छानी अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने की परेशानी पूरा क्षेत्र उठा रहा है। लोगों को बीमार होते ही जिला अस्पताल लेकर जाना पड़ता है। गरीब लोगों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। -कमला बिष्ट, ग्राम प्रधान, भनारतोली,
बोहाला के पीएचसी में चिकित्सक नहीं होने से काफी परेशानी हो रही है। मरीजों को 40 से 50 किमी दूर जिला अस्पताल या अल्मोड़ा लेकर जाना पड़ता है। अस्पताल खुले हैं तो चिकित्सक भी नियमित तैनात होने चाहिए। - हरीश मेहता, ग्रामीण
क्षेत्र के अस्पतालों में चिकित्सकों के पद रिक्त होने से दिक्कत हो रही है। जन संघर्ष समिति हर बैठक में इसके लिए आवाज उठा रही है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग को ज्ञापन देकर चिकित्सकों की तैनाती की मांग की जाएगी। -नरेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष, जन संघर्ष समिति, कठपुड़ियाछीना
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तहसील क्षेत्र के खरही क्षेत्र में स्थिति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छानी और धूराफाट के पीएचसी छानी में लंबे समय से चिकित्सक नहीं हैं। अस्पताल में जांच और इलाज करने की सुविधा नहीं है। छानी अस्पताल पर पंतगांव न्याय पंचायत के 13 गांवों की करीब 10 हजार की आबादी निर्भर है। बोहाला का अस्पताल भी क्षेत्र के 12 ग्राम पंचायतों की आठ हजार से अधिक की आबादी के बीच बना है। ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग से लगातार चिकित्सकों की तैनाती की मांग कर रहे हैं।
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छानी के अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने से सर्दी, बुखार आने पर भी जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ती है। बच्चों और बुजुर्गों के बीमार होने पर परेशानी अधिक बढ़ जाती है। - पुष्पा देवी, ग्रामीण
छानी अस्पताल में डॉक्टर नहीं होने की परेशानी पूरा क्षेत्र उठा रहा है। लोगों को बीमार होते ही जिला अस्पताल लेकर जाना पड़ता है। गरीब लोगों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। -कमला बिष्ट, ग्राम प्रधान, भनारतोली,
बोहाला के पीएचसी में चिकित्सक नहीं होने से काफी परेशानी हो रही है। मरीजों को 40 से 50 किमी दूर जिला अस्पताल या अल्मोड़ा लेकर जाना पड़ता है। अस्पताल खुले हैं तो चिकित्सक भी नियमित तैनात होने चाहिए। - हरीश मेहता, ग्रामीण
क्षेत्र के अस्पतालों में चिकित्सकों के पद रिक्त होने से दिक्कत हो रही है। जन संघर्ष समिति हर बैठक में इसके लिए आवाज उठा रही है। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग को ज्ञापन देकर चिकित्सकों की तैनाती की मांग की जाएगी। -नरेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष, जन संघर्ष समिति, कठपुड़ियाछीना

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