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Bageshwar News: टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की अनदेखी करना कुमाऊं की उपेक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:15 AM IST
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बागेश्वर। केंद्र सरकार के इस साल के बजट ने भी रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति को निराश किया है। अंग्रेजों के शासन काल में स्वीकृत और सर्वे होने के बावजूद सामरिक महत्व की इस रेल लाइन का अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका है। समिति का कहना है कि रेल लाइन की अनदेखी करना केवल दो जनपदों की नहीं वरन पूरे कुमाऊं की उपेक्षा करना है।
समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी ने रेल लाइन निर्माण को चुनावी मुद्दा बनाने पर भी आक्रोश जताया है। कहा कि भाजपा हो या कांग्रेस चुनाव के समय दोनों पार्टियां रेल लाइन का निर्माण जल्द करवाने के सपने दिखाने लगती हैं। चुनाव जीतने के बाद जिसकी भी सरकार बनती है, वह पार्टी चुप्पी साध लेती है। कहा कि जब ऋषिकेश से कर्णप्रयाग, रामनगर से चौखुटिया तक रेल लाइन की बातें हो रही हैं तो बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन को सर्वे के नाम पर क्यों लटकाया जा रहा है। एक ओर बजट में हाईस्पीड रेल की बात की जा रही है, जबकि रेल सुविधा से विहीन जिलों में स्वीकृति और सर्वे के बावजूद लाइन निर्माण की पहल नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि समिति पिछले 25 साल से आंदोलन कर रही है। जब तक मांग पूरी नहीं होगी संघर्ष जारी रहेगा।
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समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी ने रेल लाइन निर्माण को चुनावी मुद्दा बनाने पर भी आक्रोश जताया है। कहा कि भाजपा हो या कांग्रेस चुनाव के समय दोनों पार्टियां रेल लाइन का निर्माण जल्द करवाने के सपने दिखाने लगती हैं। चुनाव जीतने के बाद जिसकी भी सरकार बनती है, वह पार्टी चुप्पी साध लेती है। कहा कि जब ऋषिकेश से कर्णप्रयाग, रामनगर से चौखुटिया तक रेल लाइन की बातें हो रही हैं तो बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन को सर्वे के नाम पर क्यों लटकाया जा रहा है। एक ओर बजट में हाईस्पीड रेल की बात की जा रही है, जबकि रेल सुविधा से विहीन जिलों में स्वीकृति और सर्वे के बावजूद लाइन निर्माण की पहल नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि समिति पिछले 25 साल से आंदोलन कर रही है। जब तक मांग पूरी नहीं होगी संघर्ष जारी रहेगा।
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