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Bageshwar News: मिनी स्टेडियम निर्माण में लापरवाही से इंटर कॉलेज का भवन ढहा, एक ही कमरे में पढ़ने को मजबूर बच्चे
Mon, 13 Jul 2026 12:55 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 13 Jul 2026 12:55 AM IST
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कपकोट (बागेश्वर)। पोथिंग में युवा कल्याण विभाग की ओर से करीब एक करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन मिनी स्टेडियम में बरती गई घोर लापरवाही शिक्षा व्यवस्था पर भारी पड़ गई है। स्टेडियम की सुरक्षा दीवार ढहने से राजकीय इंटर कॉलेज पोथिंग का भवन क्षतिग्रस्त हो गया है।
वर्ष 2017-18 में बने चार कक्षों वाले इस भवन का एक कमरा पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका है, अन्य कमरों में दरारें आ गई हैं। स्कूल का आंगन भी धंस गया है। इस तबाही के चलते विद्यालय में अध्ययनरत 117 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रबंधन को कक्षा छह, सात और आठ के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बिठाकर पढ़ाना पड़ रहा है, वहीं कक्षा 11 की कक्षाएं प्रधानाचार्य कक्ष में संचालित की जा रही हैं।
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष कमलेश गढि़या ने आरोप लगाया कि स्टेडियम निर्माण के दौरान नियमों को ताक पर रखकर विद्यालय भवन के बिल्कुल पास गहरी खोदाई की गई थी जिससे उसी समय भवन में दरारें आनी शुरू हो गई थीं। इसके अलावा खोदाई का मलबा बेतरतीब ढंग से नीचे फेंकने के कारण ग्रामीणों का पानी का टैंक टूट गया और क्षेत्र का पौराणिक और धार्मिक महत्व का जलस्रोत भी मलबे के नीचे दब गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य के अनुसार निर्माण के दौरान ही बीईओ को लिखित रूप में इस खतरे से अवगत कराया गया था। ग्राम प्रधान सरस्वती देवी ने भी एसडीएम और युवा कल्याण विभाग को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी लेकिन समय रहते प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली जिसका खामियाजा आज नौनिहालों को भुगतना पड़ रहा है।
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....इनसेट
विधायक और अधिकारियों के घेराव में फूटा ग्रामीणों का आक्रोश
क्षतिग्रस्त स्कूल भवन की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे क्षेत्रीय विधायक सुरेश गढि़या और पूर्व विधायक शेर सिंह गढि़या को ग्रामीणों और अभिभावकों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। शुक्रवार और शनिवार को एसडीएम, युवा कल्याण विभाग और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों की मौजूदगी में हुए निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही से करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति नष्ट हुई है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और नुकसान की भरपाई की मांग की। मौके पर मौजूद युवा कल्याण अधिकारी अर्जुन रावत ने कहा कि खेल मैदान अभी निर्माणाधीन है, स्कूल को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार बनाई गई थी जो अत्यधिक बारिश के कारण ढह गई।
........कोट
मिनी स्टेडियम निर्माण कार्य में बरती गई कथित अनियमितताओं और तकनीकी कमियों की विभागीय स्तर पर गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार दोषियों के खिलाफ उचित और सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पौराणिक और धार्मिक महत्व के पानी के स्रोत में मिट्टी डाले जाने के मामले का मैंने स्वयं स्थलीय निरीक्षण किया। जलस्रोत से तुरंत मिट्टी हटाने और भविष्य में वहां मलबा रोकने के लिए संबंधित ठेकेदार को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। -अनिल नेगी, एई, भारतीय को-ऑपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमटेड
.....फोटो 12 बीजीएस 05 और 06 पी
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वर्ष 2017-18 में बने चार कक्षों वाले इस भवन का एक कमरा पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका है, अन्य कमरों में दरारें आ गई हैं। स्कूल का आंगन भी धंस गया है। इस तबाही के चलते विद्यालय में अध्ययनरत 117 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल प्रबंधन को कक्षा छह, सात और आठ के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बिठाकर पढ़ाना पड़ रहा है, वहीं कक्षा 11 की कक्षाएं प्रधानाचार्य कक्ष में संचालित की जा रही हैं।
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एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष कमलेश गढि़या ने आरोप लगाया कि स्टेडियम निर्माण के दौरान नियमों को ताक पर रखकर विद्यालय भवन के बिल्कुल पास गहरी खोदाई की गई थी जिससे उसी समय भवन में दरारें आनी शुरू हो गई थीं। इसके अलावा खोदाई का मलबा बेतरतीब ढंग से नीचे फेंकने के कारण ग्रामीणों का पानी का टैंक टूट गया और क्षेत्र का पौराणिक और धार्मिक महत्व का जलस्रोत भी मलबे के नीचे दब गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य के अनुसार निर्माण के दौरान ही बीईओ को लिखित रूप में इस खतरे से अवगत कराया गया था। ग्राम प्रधान सरस्वती देवी ने भी एसडीएम और युवा कल्याण विभाग को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी लेकिन समय रहते प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली जिसका खामियाजा आज नौनिहालों को भुगतना पड़ रहा है।
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....इनसेट
विधायक और अधिकारियों के घेराव में फूटा ग्रामीणों का आक्रोश
क्षतिग्रस्त स्कूल भवन की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे क्षेत्रीय विधायक सुरेश गढि़या और पूर्व विधायक शेर सिंह गढि़या को ग्रामीणों और अभिभावकों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। शुक्रवार और शनिवार को एसडीएम, युवा कल्याण विभाग और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों की मौजूदगी में हुए निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही से करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति नष्ट हुई है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और नुकसान की भरपाई की मांग की। मौके पर मौजूद युवा कल्याण अधिकारी अर्जुन रावत ने कहा कि खेल मैदान अभी निर्माणाधीन है, स्कूल को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार बनाई गई थी जो अत्यधिक बारिश के कारण ढह गई।
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मिनी स्टेडियम निर्माण कार्य में बरती गई कथित अनियमितताओं और तकनीकी कमियों की विभागीय स्तर पर गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार दोषियों के खिलाफ उचित और सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पौराणिक और धार्मिक महत्व के पानी के स्रोत में मिट्टी डाले जाने के मामले का मैंने स्वयं स्थलीय निरीक्षण किया। जलस्रोत से तुरंत मिट्टी हटाने और भविष्य में वहां मलबा रोकने के लिए संबंधित ठेकेदार को कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। -अनिल नेगी, एई, भारतीय को-ऑपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमटेड
.....फोटो 12 बीजीएस 05 और 06 पी