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Bageshwar News: सब्जी उत्पादन कर आय अर्जित कर रही महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:26 PM IST
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बागेश्वर। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं परंपरागत खेती के साथ-साथ इसे व्यावसायिक रूप देकर घर खर्च का इंतजाम भी कर रही हैं। एकता स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी इस मुहिम का हिस्सा बनकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाएं समूह से ऋण लेकर मौसमी सब्जियां उगाकर आय अर्जित कर रही हैं।
काफलीगैर तहसील के घाटगाड़ गांव की छह महिलाओं ने दो साल पहले एकता स्वयं सहायता समूह का गठन किया था। समूह के सदस्यों ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से 75,000 रुपये ऋण लेकर सब्जी उत्पादन का काम शुरू किया। समूह की अध्यक्ष शोभा देवी ने बताया कि सभी महिलाएं अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार साग-सब्जी का उत्पादन कर रही हैं।
समूह सदस्य मीना देवी ने बताया कि उन्होंने समूह के सीसीएल से 50,000 रुपये ऋण लेकर सब्जी उत्पादन शुरू किया था। वर्तमान में आलू, मटर, प्याज, लहसुन, धनिया और अदरक की खेती कर रही हैं। बताया कि जिला मुख्यालय समेत आसपास के बाजार में सब्जी की बिक्री की जाती है। इससे हर महीने सात से नौ हजार रुपये तक की आय होती है। समूह की सदस्य रेखा देवी, दुर्गा देवी, विमला देवी, किरन देवी आदि ने बताया कि समूह बनाकर कार्य करने से आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है।
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काफलीगैर तहसील के घाटगाड़ गांव की छह महिलाओं ने दो साल पहले एकता स्वयं सहायता समूह का गठन किया था। समूह के सदस्यों ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से 75,000 रुपये ऋण लेकर सब्जी उत्पादन का काम शुरू किया। समूह की अध्यक्ष शोभा देवी ने बताया कि सभी महिलाएं अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार साग-सब्जी का उत्पादन कर रही हैं।
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समूह सदस्य मीना देवी ने बताया कि उन्होंने समूह के सीसीएल से 50,000 रुपये ऋण लेकर सब्जी उत्पादन शुरू किया था। वर्तमान में आलू, मटर, प्याज, लहसुन, धनिया और अदरक की खेती कर रही हैं। बताया कि जिला मुख्यालय समेत आसपास के बाजार में सब्जी की बिक्री की जाती है। इससे हर महीने सात से नौ हजार रुपये तक की आय होती है। समूह की सदस्य रेखा देवी, दुर्गा देवी, विमला देवी, किरन देवी आदि ने बताया कि समूह बनाकर कार्य करने से आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है।