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Chamoli News: जंगल की आग से जली पुलिया, 30 किमी की दूरी 120 की हो गई
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 28 Apr 2026 07:00 PM IST
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वनाग्नि से धधकते आमसौड़-बगोली के जंगल। स्रोत: जागरुक पाठक
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कर्णप्रयाग : ग्राम पंचायत सेरागाड़ के गुनाड़सेरा तोक के ग्रामीण परेशान
कहा- पहले ब्लॉक मुख्यालय तक आने-जाने में होते थे 60 रुपये खर्च अब 800 देने पड़ रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। विकासखंड के ग्राम पंचायत सेरागाड़ के गुनाड़सेरा तोक तक पहुंचने वाली लकड़ी की अस्थायी पैदल पुलिया जंगल की आग से जल गई। ऐसे में ग्रामीणों को अब कई किमी की अतिरिक्त दूरी तय करके ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचना पड़ रहा है। पहले ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय आने के लिए लगभग 30 किमी की दूरी (आना-जाना) तय करनी पड़ती थी। मगर अब यह दूरी करीब 120 किमी की हो गई है।
बीते बरसात में गांव तक पहुंचने वाला मुख्य पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके बाद वन विभाग ने बल्लियों के जरिये लकड़ी की अस्थायी पुलिया तैयार की थी। मगर यह पुलिया जंगल की आग में जल गई। अब ग्रामीणों को कर्णप्रयाग ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए खड़ी चढ़ाई पार करके नारायणबगड़ ब्लॉक के भटियाणा पहुंचना पड़ रहा है जिसका एक तरफ का किराया 400 रुपये है। पुष्कर सिंह, धर्म सिंह, दलबीर सिंह, रणजीत सिंह, लीला देवी, ग्राम प्रधान नीरज रतूड़ी ने कहा कि पहले गांव तक पहुंचने के लिए केवल 60 रुपये खर्च होते थे लेकिन अब आने-जाने के लिए 800 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। 30 किमी की दूरी करीब 120 किमी की हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द यहां नई पुलिया बनाने की मांग की।वहीं नारायणबगड़ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश भट्ट का कहना है कि पैदल रास्ते के निर्माण के लिए आकलन तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। यदि आकलन को स्वीकृति मिलती है तो जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा।
पिंडरघाटी के जंगलों में फिर भड़की आग
नारायणबगड़। पिंडरघाटी के आमसौड़ और बगोली के जंगलों में मंगलवार को फिर से आग भड़क उठी। आग से कई हेक्टेयर वन संपदा जल गई। इससे पहले सोमवार को भड़की आग पर वन विभाग ने काबू पा लिया था लेकिन दूसरे दिन मंगलवार को यह आग दोबारा भड़क गई। खड़ी चट्टानों वाले दुर्गम जंगल में आग बुझाने में वनकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। व्यापार संघ अध्यक्ष जयबीर सिंह ने वन विभाग से जल्द आग बुझाने की अपील की। वहीं वनक्षेत्राधिकारी अखिलेश भट्ट ने बताया कि आग बुझाने में वनकर्मी लगातार लगे हुए हैं और इसे जल्द ही नियंत्रित कर लिया जाएगा। संवाद
दोपहर बाद थराली में चली धूल भरी आंधी
थराली। मंगलवार को दोपहर बाद क्षेत्र में धूल भरी आंधी चली। इससे इससे गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा। धूल से राहगीरों की आंखों और गले में दिक्कतें आईं। स्थानीय रमेश चंद्र ने बताया कि धूल घरों और दुकानों में घुस गई जिससे सामान खराब हो गया। सड़कों पर वाहन कुछ समय के लिए रुक गए। आंधी चलने से तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई। संवाद
इधर... वनाग्नि रोकने के लिए बनाईं निगरानी टीमें
गौचर। केदारनाथ वन प्रभाग के धनपुर रेंज ने वनाग्नि सुरक्षा के लिए वन क्षेत्रों में संयुक्त निगरानी टीमों को लगाया है। इसके साथ ही जंगलों में आगजनी की घटनाओं का पता लगाने के लिए त्वरित सूचना एवं कार्रवाई तंत्र को पुख्ता किया गया है। धनपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी ने बताया कि रेंज के अंतर्गत वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए विभागीय कर्मचारियों के अलावा पुलिस और फायर ब्रिगेड का भी सहयोग लिया जा रहा है। जंगलों में गश्त के लिए संयुक्त निगरानी टीम को लगाया गया है। सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए ग्रामीणों, महिला मंगल दलों, स्वयं सहायता समूहों, वन पंचायतों, अग्नि रक्षक दलों को प्रशिक्षित कर सहयोग लिया जा रहा है। संवाद
जंगलों की आग से छाया धुआं
जखोली/कर्णप्रयाग। श्रीकोट गांव के आसपास के जंगलों में लगी भीषण आग से पूरा क्षेत्र धुएं की चपेट में है। अचानक बढ़ते तापमान और तेज हवाओं के कारण जंगलों में फैली पिरुल की सूखी पत्तियां आग को तेजी से फैलाने का काम कर रही है। पूर्व प्रधान मयाली हरीश सिंह पुण्डीर, उम्मेद सिंह राणा और जगदंबा प्रसाद ने बताया कि असामाजिक तत्वों की ओर से जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका है। वनाग्नि से गांव के जलस्रोत भी सूखने लगे हैं। ग्रामीणों ने चिंता जताई यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो आग की घटनाओं में और बढ़ोतरी हो सकती है। वन क्षेत्राधिकारी दक्षिणी जखोली रेंज हरीश थपलियाल ने बताया कि वन विभाग की टीम मौके पर आग बुझाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं को नजरअंदाज न करें और तुरंत सूचना दें। वहीं जंगल की आग से कर्णप्रयाग में धुआं छाया रहा। हालांकि सुबह तक रैखाल सहित कुछ अन्य जगह जंगलों में आग की सूचना थी लेकिन पूर्वाह्न तक ही आग पर नियंत्रण पा लिया गया। मगर धुएं से आंखों में जलन, सहित अन्य दिक्कतें बढ़ गईं। संवाद
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कहा- पहले ब्लॉक मुख्यालय तक आने-जाने में होते थे 60 रुपये खर्च अब 800 देने पड़ रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। विकासखंड के ग्राम पंचायत सेरागाड़ के गुनाड़सेरा तोक तक पहुंचने वाली लकड़ी की अस्थायी पैदल पुलिया जंगल की आग से जल गई। ऐसे में ग्रामीणों को अब कई किमी की अतिरिक्त दूरी तय करके ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचना पड़ रहा है। पहले ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय आने के लिए लगभग 30 किमी की दूरी (आना-जाना) तय करनी पड़ती थी। मगर अब यह दूरी करीब 120 किमी की हो गई है।
बीते बरसात में गांव तक पहुंचने वाला मुख्य पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके बाद वन विभाग ने बल्लियों के जरिये लकड़ी की अस्थायी पुलिया तैयार की थी। मगर यह पुलिया जंगल की आग में जल गई। अब ग्रामीणों को कर्णप्रयाग ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए खड़ी चढ़ाई पार करके नारायणबगड़ ब्लॉक के भटियाणा पहुंचना पड़ रहा है जिसका एक तरफ का किराया 400 रुपये है। पुष्कर सिंह, धर्म सिंह, दलबीर सिंह, रणजीत सिंह, लीला देवी, ग्राम प्रधान नीरज रतूड़ी ने कहा कि पहले गांव तक पहुंचने के लिए केवल 60 रुपये खर्च होते थे लेकिन अब आने-जाने के लिए 800 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। 30 किमी की दूरी करीब 120 किमी की हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द यहां नई पुलिया बनाने की मांग की।वहीं नारायणबगड़ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश भट्ट का कहना है कि पैदल रास्ते के निर्माण के लिए आकलन तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। यदि आकलन को स्वीकृति मिलती है तो जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा।
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पिंडरघाटी के जंगलों में फिर भड़की आग
नारायणबगड़। पिंडरघाटी के आमसौड़ और बगोली के जंगलों में मंगलवार को फिर से आग भड़क उठी। आग से कई हेक्टेयर वन संपदा जल गई। इससे पहले सोमवार को भड़की आग पर वन विभाग ने काबू पा लिया था लेकिन दूसरे दिन मंगलवार को यह आग दोबारा भड़क गई। खड़ी चट्टानों वाले दुर्गम जंगल में आग बुझाने में वनकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। व्यापार संघ अध्यक्ष जयबीर सिंह ने वन विभाग से जल्द आग बुझाने की अपील की। वहीं वनक्षेत्राधिकारी अखिलेश भट्ट ने बताया कि आग बुझाने में वनकर्मी लगातार लगे हुए हैं और इसे जल्द ही नियंत्रित कर लिया जाएगा। संवाद
दोपहर बाद थराली में चली धूल भरी आंधी
थराली। मंगलवार को दोपहर बाद क्षेत्र में धूल भरी आंधी चली। इससे इससे गेहूं की फसल को भी नुकसान पहुंचा। धूल से राहगीरों की आंखों और गले में दिक्कतें आईं। स्थानीय रमेश चंद्र ने बताया कि धूल घरों और दुकानों में घुस गई जिससे सामान खराब हो गया। सड़कों पर वाहन कुछ समय के लिए रुक गए। आंधी चलने से तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई। संवाद
इधर... वनाग्नि रोकने के लिए बनाईं निगरानी टीमें
गौचर। केदारनाथ वन प्रभाग के धनपुर रेंज ने वनाग्नि सुरक्षा के लिए वन क्षेत्रों में संयुक्त निगरानी टीमों को लगाया है। इसके साथ ही जंगलों में आगजनी की घटनाओं का पता लगाने के लिए त्वरित सूचना एवं कार्रवाई तंत्र को पुख्ता किया गया है। धनपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी ने बताया कि रेंज के अंतर्गत वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए विभागीय कर्मचारियों के अलावा पुलिस और फायर ब्रिगेड का भी सहयोग लिया जा रहा है। जंगलों में गश्त के लिए संयुक्त निगरानी टीम को लगाया गया है। सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए ग्रामीणों, महिला मंगल दलों, स्वयं सहायता समूहों, वन पंचायतों, अग्नि रक्षक दलों को प्रशिक्षित कर सहयोग लिया जा रहा है। संवाद
जंगलों की आग से छाया धुआं
जखोली/कर्णप्रयाग। श्रीकोट गांव के आसपास के जंगलों में लगी भीषण आग से पूरा क्षेत्र धुएं की चपेट में है। अचानक बढ़ते तापमान और तेज हवाओं के कारण जंगलों में फैली पिरुल की सूखी पत्तियां आग को तेजी से फैलाने का काम कर रही है। पूर्व प्रधान मयाली हरीश सिंह पुण्डीर, उम्मेद सिंह राणा और जगदंबा प्रसाद ने बताया कि असामाजिक तत्वों की ओर से जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका है। वनाग्नि से गांव के जलस्रोत भी सूखने लगे हैं। ग्रामीणों ने चिंता जताई यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो आग की घटनाओं में और बढ़ोतरी हो सकती है। वन क्षेत्राधिकारी दक्षिणी जखोली रेंज हरीश थपलियाल ने बताया कि वन विभाग की टीम मौके पर आग बुझाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं को नजरअंदाज न करें और तुरंत सूचना दें। वहीं जंगल की आग से कर्णप्रयाग में धुआं छाया रहा। हालांकि सुबह तक रैखाल सहित कुछ अन्य जगह जंगलों में आग की सूचना थी लेकिन पूर्वाह्न तक ही आग पर नियंत्रण पा लिया गया। मगर धुएं से आंखों में जलन, सहित अन्य दिक्कतें बढ़ गईं। संवाद
