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Chamoli News: आपदा प्रभावितों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 29 Apr 2026 07:13 PM IST
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शासन-प्रशासन केे विरोध में नारेबाजी करते नंदानगर के धुर्मा गांव के आपदा प्रभावित। संवाद
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फोटो
कहा- आठ माह बाद भी नहीं बदले हालात, किराये पर रह रहे प्रभावित, पुनर्निर्माण कार्य भी नहीं हुए
जीआईसी मोख पर भी मंडरा रहा खतरा, बिजली की स्थायी व्यवस्था भी नहीं
क्षेत्र में सुरक्षा कार्य करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदानगर। पिछले वर्ष आपदा से प्रभावित नंदानगर के ग्रामीण आज भी परेशानी झेल रहे हैं। क्षेत्र में आपदा के बाद कोई भी सुरक्षात्मक कार्य नहीं हुए हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र में सात माह बाद भी पुनर्निर्माण के नाम पर एक पत्थर तक नहीं रखा गया। इससे गुस्साए धुर्मा गांव के आपदा प्रभावितों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उन्होंने क्षेत्र में सभी जरूरी कार्य तुरंत शुरू करने की मांग उठाई।
पिछले वर्ष 17 सितंबर की रात को अतिवृष्टि से धुर्मा, सेरा, फाली कुंतरी, सैंती कुंतरी व एससी बस्ती में भारी नुकसान हुआ था। नौ लोगों की मौत हुई थी जबकि कई घर, रास्ते, खेत और पुलिया आपदा में ध्वस्त हो गए थे। आपदा पीड़ितों का कहना है कि आठ माह बाद भी यहां कोई काम नहीं हुआ है। इससे गुस्साए आपदा प्रभावितों ने धुर्मा गांव में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि धुर्मा के आपदा प्रभावित आज भी किराये पर रह रहे हैं और उन्हें किराये की धनराशि भी नहीं दी गई है। सूबेदार भोपाल सिंह रावत (सेवानिवृत्त) का कहना है कि उनके क्षेत्र में आपदा के सात माह बाद भी बिजली की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। स्यारा पाखा व मोक्ष नदी में सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई है। बरसात में यहां फिर नुकसान हो सकता है। दोनों नालों के संगम से आगे नदी का रुख जीआईसी मोख की ओर हो रखा है। इससे विद्यालय को भी खतरा बना हुआ है।
धुर्मा के ग्राम प्रधान पुष्पेंद्र रावत ने कहा कि प्रभावितों की समस्या को लेकर कई बार जिलाधिकारी को अवगत कराया गया है। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित कई नेता यहां पहुंचे मगर पुनर्निर्माण के नाम पर आज तक एक पत्थर तक नहीं रखा गया। उन्होंने सरकार से क्षेत्र की सुरक्षा के लिए शीघ्र पुनर्निर्माण शुरू कराने की मांग की। इस मौके पर देवेश्वरी देवी, गीता देवी, कमला देवी, सावित्री देवी, सुनीता देवी, हयात सिंह, पुष्कर सिंह, गुदाल सिंह, इंद्र सिंह, कान सिंह, लक्ष्मण सिंह, भोपाल सिंह, चतर सिंह आदि मौजूद रहे।
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कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
- ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महिपाल सिंह, शिवलाल, अर्जुन सिंह रावत धुर्मा गांव में आपदा प्रभावितों से मिले। उन्होंने कहा कि इस मामले में शीघ्र ही जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि फिर भी सुरक्षा कार्य शुरू नहीं होते तो सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। संवाद
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कहा- आठ माह बाद भी नहीं बदले हालात, किराये पर रह रहे प्रभावित, पुनर्निर्माण कार्य भी नहीं हुए
जीआईसी मोख पर भी मंडरा रहा खतरा, बिजली की स्थायी व्यवस्था भी नहीं
क्षेत्र में सुरक्षा कार्य करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदानगर। पिछले वर्ष आपदा से प्रभावित नंदानगर के ग्रामीण आज भी परेशानी झेल रहे हैं। क्षेत्र में आपदा के बाद कोई भी सुरक्षात्मक कार्य नहीं हुए हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र में सात माह बाद भी पुनर्निर्माण के नाम पर एक पत्थर तक नहीं रखा गया। इससे गुस्साए धुर्मा गांव के आपदा प्रभावितों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उन्होंने क्षेत्र में सभी जरूरी कार्य तुरंत शुरू करने की मांग उठाई।
पिछले वर्ष 17 सितंबर की रात को अतिवृष्टि से धुर्मा, सेरा, फाली कुंतरी, सैंती कुंतरी व एससी बस्ती में भारी नुकसान हुआ था। नौ लोगों की मौत हुई थी जबकि कई घर, रास्ते, खेत और पुलिया आपदा में ध्वस्त हो गए थे। आपदा पीड़ितों का कहना है कि आठ माह बाद भी यहां कोई काम नहीं हुआ है। इससे गुस्साए आपदा प्रभावितों ने धुर्मा गांव में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि धुर्मा के आपदा प्रभावित आज भी किराये पर रह रहे हैं और उन्हें किराये की धनराशि भी नहीं दी गई है। सूबेदार भोपाल सिंह रावत (सेवानिवृत्त) का कहना है कि उनके क्षेत्र में आपदा के सात माह बाद भी बिजली की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। स्यारा पाखा व मोक्ष नदी में सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई है। बरसात में यहां फिर नुकसान हो सकता है। दोनों नालों के संगम से आगे नदी का रुख जीआईसी मोख की ओर हो रखा है। इससे विद्यालय को भी खतरा बना हुआ है।
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धुर्मा के ग्राम प्रधान पुष्पेंद्र रावत ने कहा कि प्रभावितों की समस्या को लेकर कई बार जिलाधिकारी को अवगत कराया गया है। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित कई नेता यहां पहुंचे मगर पुनर्निर्माण के नाम पर आज तक एक पत्थर तक नहीं रखा गया। उन्होंने सरकार से क्षेत्र की सुरक्षा के लिए शीघ्र पुनर्निर्माण शुरू कराने की मांग की। इस मौके पर देवेश्वरी देवी, गीता देवी, कमला देवी, सावित्री देवी, सुनीता देवी, हयात सिंह, पुष्कर सिंह, गुदाल सिंह, इंद्र सिंह, कान सिंह, लक्ष्मण सिंह, भोपाल सिंह, चतर सिंह आदि मौजूद रहे।
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
- ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महिपाल सिंह, शिवलाल, अर्जुन सिंह रावत धुर्मा गांव में आपदा प्रभावितों से मिले। उन्होंने कहा कि इस मामले में शीघ्र ही जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि फिर भी सुरक्षा कार्य शुरू नहीं होते तो सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। संवाद
