{"_id":"6a7b24a2fbc2f46fc80b0fd5","slug":"a-two-minute-deluge-wreaked-havoc-the-drain-surged-three-times-gopeshwar-news-c-47-1-sdrn1002-120231-2026-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: दो मिनट के सैलाब ने मचाई तबाही, तीन बार उफान पर आया नाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: दो मिनट के सैलाब ने मचाई तबाही, तीन बार उफान पर आया नाला
Tue, 11 Aug 2026 07:13 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 11 Aug 2026 07:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
जेसीबी ऑपरेटर ने संयम बरतकर खुद को बचाया, फिर हाईवे खोलने में जुटे
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। तमक नाले में सोमवार को जिस सैलाब में बैली ब्रिज बहा वह सिर्फ दो मिनट का था लेकिन नाले में ढलान होने के कारण पानी का वेग इतना अधिक था कि पुल घास के तिनके की तरह उछल गया। सोमवार को यह नाला तीन बार उफान पर आया और दूसरे उफान में ही बैली ब्रिज बह गया। वहीं जेसीबी ऑपरेटर ने संयम बरतकर खुद को बचाया।
तमक नाले में अक्सर पानी कुछ मिनट के लिए आता है लेकिन उसका वेग इतना अधिक होता है कि आसपास सबकुछ बहा ले जाता है। सोमवार दोपहर के समय जब नाला उफान पर आया, उस वक्त पानी पुल तक तो पहुंचा लेकिन पुल सुरक्षित रहा। इस दौरान भारी मलबा नदी की तलहटी पर जमा हो गया जिससे नदी का स्तर उठ गया। पुल पर आए मिट्टी व पत्थरों को हटाकर आवाजाही सुचारू करवा दी गई लेकिन शाम करीब चार बजे फिर नाला उफान पर आया जिसमें पुल के साथ एक छोटा मालवाहक वाहन बह गया।
इसी दौरान एक जेसीबी भी नदी किनारे कुछ काम कर रही थी। जेसीबी भी पानी के सैलाब में बहने लगी लेकिन जेसीबी ऑपरेटर जोगेंद्र सिंह ने संयम का परिचय दिया और खुद को सैलाब में बहने से बचा लिया। जोगेंद्र ने बताया कि जब अचानक पानी बढ़ गया तो मेरे मन में यही विचार आया कि यदि नीचे उतरता हूं तो पानी में बह जाऊंगा। इसलिए मैं जेसीबी में ही बैठा रहा। करीब दो मिनट बाद पानी कम होने लगा तो मैं सुरक्षित निकल गया। पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि सड़क पर पानी के साथ बोल्डर भी बह रहे थे। मंजर तो खौफनाक था मगर अब मेरे मन में कोई डर नहीं है। मैं आज फिर जेसीबी लेकर रास्ता खोलने के लिए पहुंच गया हूं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
रात को फिर बढ़ा पानी, वाहन हो गया लापता
सोमवार को बहा कैंपर वाहन कल तक नदी में दिखाई दे रहा था लेकिन रात को नाले के फिर उफान पर आने के बाद उसका कुछ पता नहीं चल रहा है।
विज्ञापन
जेसीबी ऑपरेटर ने संयम बरतकर खुद को बचाया, फिर हाईवे खोलने में जुटे
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्योतिर्मठ। तमक नाले में सोमवार को जिस सैलाब में बैली ब्रिज बहा वह सिर्फ दो मिनट का था लेकिन नाले में ढलान होने के कारण पानी का वेग इतना अधिक था कि पुल घास के तिनके की तरह उछल गया। सोमवार को यह नाला तीन बार उफान पर आया और दूसरे उफान में ही बैली ब्रिज बह गया। वहीं जेसीबी ऑपरेटर ने संयम बरतकर खुद को बचाया।
तमक नाले में अक्सर पानी कुछ मिनट के लिए आता है लेकिन उसका वेग इतना अधिक होता है कि आसपास सबकुछ बहा ले जाता है। सोमवार दोपहर के समय जब नाला उफान पर आया, उस वक्त पानी पुल तक तो पहुंचा लेकिन पुल सुरक्षित रहा। इस दौरान भारी मलबा नदी की तलहटी पर जमा हो गया जिससे नदी का स्तर उठ गया। पुल पर आए मिट्टी व पत्थरों को हटाकर आवाजाही सुचारू करवा दी गई लेकिन शाम करीब चार बजे फिर नाला उफान पर आया जिसमें पुल के साथ एक छोटा मालवाहक वाहन बह गया।
विज्ञापन
इसी दौरान एक जेसीबी भी नदी किनारे कुछ काम कर रही थी। जेसीबी भी पानी के सैलाब में बहने लगी लेकिन जेसीबी ऑपरेटर जोगेंद्र सिंह ने संयम का परिचय दिया और खुद को सैलाब में बहने से बचा लिया। जोगेंद्र ने बताया कि जब अचानक पानी बढ़ गया तो मेरे मन में यही विचार आया कि यदि नीचे उतरता हूं तो पानी में बह जाऊंगा। इसलिए मैं जेसीबी में ही बैठा रहा। करीब दो मिनट बाद पानी कम होने लगा तो मैं सुरक्षित निकल गया। पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि सड़क पर पानी के साथ बोल्डर भी बह रहे थे। मंजर तो खौफनाक था मगर अब मेरे मन में कोई डर नहीं है। मैं आज फिर जेसीबी लेकर रास्ता खोलने के लिए पहुंच गया हूं।
विज्ञापन
रात को फिर बढ़ा पानी, वाहन हो गया लापता
सोमवार को बहा कैंपर वाहन कल तक नदी में दिखाई दे रहा था लेकिन रात को नाले के फिर उफान पर आने के बाद उसका कुछ पता नहीं चल रहा है।