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Chamoli News: पुल तैयार करने के लिए निर्माण सामग्री पहुंचाना शुरू
Tue, 11 Aug 2026 07:23 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 11 Aug 2026 07:23 PM IST
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गोपेश्वर। बैली ब्रिज टूटने के बाद सीमांत क्षेत्र के कई गांवों का सड़क संपर्क कट गया है। मंगलवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, प्रशासन, बीआरओ और सुरक्षा एजेंसियों की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। बीआरओ ने क्षतिग्रस्त पुल को जल्द तैयार करने के लिए निर्माण सामग्री मौके पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह बर्त्वाल और दायित्वधारी हरेंद्र सिंह नेगी ने तमक पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सड़क और पुल को शीघ्र बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बीआरओ, सेना, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार कार्य में जुटी हैं। वहीं जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि तमक नाले के उफान पर आने के कारणों का पता आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग की अध्ययन रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।
इंसेट-
सीमा क्षेत्र में आवश्यक सामग्री पहुंचाना चुनौती
गोपेश्वर। पुल टूटने से चीन सीमा क्षेत्र के लोंग, तमक, जुम्मा, कागा, गरपक, द्रोणागिरी, जेलम, कोषा, मलारी, कैलाशपुर, मेहरगांव, बाम्पा, फरकिया, गुरगुटी, गमशाली और नीती सहित सीमांत गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। सीमा सुरक्षा चौकियों और ग्रामीणों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाना भी चुनौती बन गया है। मलारी के ग्राम प्रधान देव सिंह राणा ने बताया कि सीमा क्षेत्र के गांवों की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में आगामी सितंबर माह तक का राशन एडवांस में मिल गया था। क्षेत्र में अभी खाद्यान्न की कोई कमी नहीं है। यदि आवाजाही शीघ्र शुरू नहीं होती तो लोगों को दैनिक जरूरतों की पूर्ति करने में दिक्कतें हो सकती हैं। संवाद
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नुकसान का काश्तकारों को मिले मुआवजा
ज्योतिर्मठ। तमक गदेरे में बैली ब्रिज के साथ ही स्थानीय लोगों की कृषि भूमि बहने के बाद मंगलवार को उक्रांद के प्रतिनिधिमंडल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पूर्व कुलपति डॉ. उदय सिंह रावत, यूकेडी अध्यक्ष यदुवीर सिंह नेगी, अंकित राणा, महावीर सिंह, विक्रम सिंह राणा, राहुल कुंवर समेत कई कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। डॉ. यूएस रावत ने ज्योतिर्मठ के एसडीएम से भेंट कर शीघ्र ग्रामीणों के नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिए जाने की पैरवी की। साथ ही सीमा क्षेत्र में आवागमन जल्द सुचारु करने की मांग की। अधिकारियों ने जनता की परेशानी को देखते हुए यथाशीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। संवाद
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गोपेश्वर। बैली ब्रिज टूटने के बाद सीमांत क्षेत्र के कई गांवों का सड़क संपर्क कट गया है। मंगलवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, प्रशासन, बीआरओ और सुरक्षा एजेंसियों की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। बीआरओ ने क्षतिग्रस्त पुल को जल्द तैयार करने के लिए निर्माण सामग्री मौके पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह बर्त्वाल और दायित्वधारी हरेंद्र सिंह नेगी ने तमक पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सड़क और पुल को शीघ्र बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बीआरओ, सेना, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार कार्य में जुटी हैं। वहीं जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि तमक नाले के उफान पर आने के कारणों का पता आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग की अध्ययन रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।
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सीमा क्षेत्र में आवश्यक सामग्री पहुंचाना चुनौती
गोपेश्वर। पुल टूटने से चीन सीमा क्षेत्र के लोंग, तमक, जुम्मा, कागा, गरपक, द्रोणागिरी, जेलम, कोषा, मलारी, कैलाशपुर, मेहरगांव, बाम्पा, फरकिया, गुरगुटी, गमशाली और नीती सहित सीमांत गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। सीमा सुरक्षा चौकियों और ग्रामीणों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाना भी चुनौती बन गया है। मलारी के ग्राम प्रधान देव सिंह राणा ने बताया कि सीमा क्षेत्र के गांवों की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में आगामी सितंबर माह तक का राशन एडवांस में मिल गया था। क्षेत्र में अभी खाद्यान्न की कोई कमी नहीं है। यदि आवाजाही शीघ्र शुरू नहीं होती तो लोगों को दैनिक जरूरतों की पूर्ति करने में दिक्कतें हो सकती हैं। संवाद
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नुकसान का काश्तकारों को मिले मुआवजा
ज्योतिर्मठ। तमक गदेरे में बैली ब्रिज के साथ ही स्थानीय लोगों की कृषि भूमि बहने के बाद मंगलवार को उक्रांद के प्रतिनिधिमंडल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पूर्व कुलपति डॉ. उदय सिंह रावत, यूकेडी अध्यक्ष यदुवीर सिंह नेगी, अंकित राणा, महावीर सिंह, विक्रम सिंह राणा, राहुल कुंवर समेत कई कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। डॉ. यूएस रावत ने ज्योतिर्मठ के एसडीएम से भेंट कर शीघ्र ग्रामीणों के नुकसान का आकलन कर नियमानुसार मुआवजा दिए जाने की पैरवी की। साथ ही सीमा क्षेत्र में आवागमन जल्द सुचारु करने की मांग की। अधिकारियों ने जनता की परेशानी को देखते हुए यथाशीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। संवाद