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Chamoli News: बदरीनाथ हाईवे कंचनगंगा नाला में साढ़े पांच घंटे बंद, 1000 यात्री फंसे
Tue, 28 Jul 2026 07:14 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 28 Jul 2026 07:14 PM IST
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बदरीनाथ और पांडुकेश्वर में रोके गए यात्रा वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। बदरीनाथ क्षेत्र में सोमवार रात हुई भारी बारिश के बाद कंचनगंगा नाला उफान पर आ गया जिससे बदरीनाथ हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। मंगलवार सुबह करीब पांच बजे हाईवे पर यातायात ठप हो गया। एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन ने बदरीनाथ और पांडुकेश्वर में यात्रा वाहनों को रोक दिया। इनमें करीब 1000 तीर्थयात्री सवार थे।
बीआरओ ने तीन जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। करीब साढ़े दस बजे हाईवे खोल दिया गया जिसके बाद हाईवे के दोनों ओर फंसे लगभग 1000 तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। बदरीनाथ धाम से लगभग दो किलोमीटर पहले स्थित कंचन गंगा नाले के पास हाईवे लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि फिलहाल मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बीआरओ की मशीनें मौके पर तैनात रखी गई हैं।
इंसेट
हाईवे पर टूटकर आई दीवार
चमोली। चमोली-गोपेश्वर-ऊखीमठ हाईवे पर कोठियालसैंण के पास सोमवार रात को भारी बारिश के दौरान दीवार भरभराकर हाईवे पर आ गई। यहां वाहनाें की आवाजाही मुश्किल से हो पा रही है। हाईवे पर पत्थर आने से मंगलवार को सुबह स्थानीय वाहनों के साथ ही रोडवेज की बसें भी करीब दो घंटे तक फंसी रही। हालांकि यहां वाहनों की आवाजाही के लिए जगह तो है, मगर वाहनों को गुजरने में दिक्कतें आ रही हैं। संवाद
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भारी बारिश से चमोली में 12 ग्रामीण सड़कें बंद
गोपेश्वर। चमोली जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भूस्खलन और भूधंसाव के कारण 12 संपर्क मार्ग अभी भी बंद पड़े हैं, जबकि सोमवार रात बाधित हुई 21 सड़कों में से मंगलवार को 9 मार्गों पर यातायात बहाल कर दिया गया। बंद सड़कों के कारण कई गांवों के लोगों को पैदल आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बारिश के चलते परखाल-सिलोड़ी, थराली-देवाल-मुंदोली, कुहेड़-मैठाणा-सरतोली, लासी-सरतोली, सिमली-सणकोट, छुरागाड़-सुतोल-कनोल और चोटिंग-उदयपुर सहित कई महत्वपूर्ण सड़कें भूस्खलन की चपेट में आ गई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ा है। पूर्व ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि लासी-सरतोली मोटर मार्ग बंद होने से सरतोली क्षेत्र के करीब 13 गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों और आपातकालीन कार्यों के लिए पैदल सफर करना पड़ रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि सभी निर्माणदायी संस्थाओं को बंद सड़कों को जल्द खोलने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण राहत एवं बहाली कार्यों में बाधा आ रही है।
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बदरीनाथ और पांडुकेश्वर में रोके गए यात्रा वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। बदरीनाथ क्षेत्र में सोमवार रात हुई भारी बारिश के बाद कंचनगंगा नाला उफान पर आ गया जिससे बदरीनाथ हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा आ गया। मंगलवार सुबह करीब पांच बजे हाईवे पर यातायात ठप हो गया। एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन ने बदरीनाथ और पांडुकेश्वर में यात्रा वाहनों को रोक दिया। इनमें करीब 1000 तीर्थयात्री सवार थे।
बीआरओ ने तीन जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। करीब साढ़े दस बजे हाईवे खोल दिया गया जिसके बाद हाईवे के दोनों ओर फंसे लगभग 1000 तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। बदरीनाथ धाम से लगभग दो किलोमीटर पहले स्थित कंचन गंगा नाले के पास हाईवे लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि फिलहाल मलबा हटाकर यातायात सुचारु कर दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बीआरओ की मशीनें मौके पर तैनात रखी गई हैं।
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हाईवे पर टूटकर आई दीवार
चमोली। चमोली-गोपेश्वर-ऊखीमठ हाईवे पर कोठियालसैंण के पास सोमवार रात को भारी बारिश के दौरान दीवार भरभराकर हाईवे पर आ गई। यहां वाहनाें की आवाजाही मुश्किल से हो पा रही है। हाईवे पर पत्थर आने से मंगलवार को सुबह स्थानीय वाहनों के साथ ही रोडवेज की बसें भी करीब दो घंटे तक फंसी रही। हालांकि यहां वाहनों की आवाजाही के लिए जगह तो है, मगर वाहनों को गुजरने में दिक्कतें आ रही हैं। संवाद
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भारी बारिश से चमोली में 12 ग्रामीण सड़कें बंद
गोपेश्वर। चमोली जिले में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भूस्खलन और भूधंसाव के कारण 12 संपर्क मार्ग अभी भी बंद पड़े हैं, जबकि सोमवार रात बाधित हुई 21 सड़कों में से मंगलवार को 9 मार्गों पर यातायात बहाल कर दिया गया। बंद सड़कों के कारण कई गांवों के लोगों को पैदल आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बारिश के चलते परखाल-सिलोड़ी, थराली-देवाल-मुंदोली, कुहेड़-मैठाणा-सरतोली, लासी-सरतोली, सिमली-सणकोट, छुरागाड़-सुतोल-कनोल और चोटिंग-उदयपुर सहित कई महत्वपूर्ण सड़कें भूस्खलन की चपेट में आ गई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ा है। पूर्व ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि लासी-सरतोली मोटर मार्ग बंद होने से सरतोली क्षेत्र के करीब 13 गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों और आपातकालीन कार्यों के लिए पैदल सफर करना पड़ रहा है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि सभी निर्माणदायी संस्थाओं को बंद सड़कों को जल्द खोलने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण राहत एवं बहाली कार्यों में बाधा आ रही है।