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Chamoli News: जमाखोरी पर चला अभियान, 25 सिलिंडर किए जब्त

संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली Updated Mon, 30 Mar 2026 07:02 PM IST
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Campaign launched against hoarding, 25 cylinders seized
इले​​क्टिक वुड स्टोव।संवाद
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प्रशासन और पूर्ति विभाग ने की चेकिंग, कई लोगों ने अतिरिक्त सिलिंडर किए थे जमा
जहां गैस नहीं बंटी वहां वाहन भेजने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बाजारों में व्यावसायिक गैस की आपूर्ति के संकट के बीच जमाखोरी को लेकर प्रशासन ने सोमवार को चेकिंग अभियान चला। इस दौरान बिना दस्तावेजों के 21 व्यावसायिक सिलिंडर सहित 25 सिलिंडर जब्त किए गए। कई लोगों ने अतिरिक्त सिलिंडर जमा किए हुए थे। साथ ही हिदायत दी गई कि गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी की तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सोमवार को उपजिलाधिकारी सोहन सिंह रांगड़, पूर्ति निरीक्षक क्रांति कुकरेती सहित अन्य अधिकारियों ने नगर के बाजारों में संचालित होटलों और उनके गोदामों का निरीक्षण किया। इस दौरान होटलों में कई घरेलू और व्यावसायिक सिलिंडर अतिरिक्त मिले जिन्हें मौके से जब्त किया गया। उपजिलाधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सिलिंडरों के वैध दस्तावेज न होने पर सिलिंडर जब्त किए गए। इसके बाद एसडीएम सोहन सिंह रांगड़ ने सिमली स्थित गैस गोदाम का निरीक्षण किया और सिलिंडरों का स्टॉक चेक किया। साथ ही भरे हुए सिलिंडरों की नाप तोल की। जिन गांवों में सिलिंडर की गाड़ी नहीं पहुंच पाई है उन क्षेत्रों में जल्द आपूर्ति करने के निर्देश दिए।
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गैस किल्लत पर महिलाओं में गुस्सा, वाहन रोककर मांगा सिलिंडर
गोपेश्वर: बैकलॉग बढ़ने के साथ लोगों में बढ़ रहा गुस्सा, गैस के वाहन पहुंचे, लाइनें लगीं, फिर लौटे खाली हाथ
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। रसोई गैस की किल्लत और बैकलॉग बढ़ने पर अब लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है। लगातार लाइन में लगने पर भी लोगों को गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा है। सोमवार को भी विभिन्न जगहों पर गैस के वाहन पहुंचे लेकिन सिलिंडर नहीं मिलने पर आधे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। वहीं महिलाएं एक गैस वाहन के आगे खड़ी हो गईं। उन्होंने कहा कि रोज आकर लाइन में लग रहे हैं लेकिन सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। काफी समझाने के बाद वह शांत हुईं।
गोपेश्वर स्थित इंडेन गैस एजेंसी में लगातार बैकलॉग बढ़ता जा रहा है। शनिवार को बैकलॉग 1400 का था जबकि सोमवार को यह 1800 पहुंच गया। सोमवार सुबह के समय कुंड कॉलोनी, नैग्वाड़ व मंदिर मार्ग में गैस का वितरण किया गया और तीनों जगह पर लोगों की लंबी कतार लगी रही। मगर आधे लोगों को ही गैस मिल पाई। गैस नहीं मिलने से लोग खासे नाराज नजर आए। वहीं नए बस अड्डे पर सिलिंडरों को छोटे वाहनों में भरा जा रहा था। इसी दौरान क्षेत्र की कुछ महिलाएं वहां पहुंच गईं और वाहन के आगे खड़ी हो गईं। उन्होंने गैस सिलिंडर देने की मांग की। महिलाओं का कहना था कि वे कई दिनों से लाइन में लग रही हैं मगर गैस नहीं मिल पा रही है। एजेंसी संचालकों ने महिलाओं को समझाया कि रोस्टर के अनुसार निर्धारित प्वाइंट पर ही गैस वितरित की जा रही है। काफी देर समझाने के बाद महिलाएं शांत हुई।


कोट
सोमवार को गोपेश्वर में 288 सिलिंडर बांटे गए। एजेंसी में वर्तमान में 1800 का बैकलॉक है। मंगलवार को भी गैस आएगी जिसे निर्धारित प्वाइंटों पर बांटा जाएगा। सिलिंडरों का वितरण निर्धारित मानकों के अनुसार किया जा रहा है। - संजय रावत, गैस एजेंसी प्रबंधक, गोपेश्वर।



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खाना बनाने के लिए लकड़ी ढो रहे मजदूर

ज्योतिर्मठ। रसोई गैस की किल्लत से स्थानीय लोगों के साथ ही यहां मजदूरी करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी गैस सिलिंडर नहीं मिलने से परेशान मजदूरों ने जंगलों से लकड़ी एकत्रित करना शुरू कर दिया है। बाजार में इन दिनों कई लोग पीठ पर लकड़ी लाते हुए नजर आ रहे हैं। नगर में दो से तीन दिन में गैस की सप्लाई हो रही है। संवाद

होटल संचालक वुड स्टोव पर बना रहे खाना
देवाल। व्यावसायिक गैस सिलिंडर नहीं मिलने पर होटल संचालकों ने इलेक्टि्रक वुड स्टोव (बिजली से चार्ज लकड़ी के चूल्हे) पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। बिजली से चार्ज होने वाला लकड़ी का चूल्हा दो घंटे चार्ज करने के बाद करीब चार घंटे चलता है। विकासखंड देवाल में इस माह व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हो पाई है। होटल व्यवसायी वीरेंद्र सिंह, गोपाल सिंह आदि ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं होने से उन्होंने करीब साढ़े पांच हजार रुपये में इलेक्टि्रक वुड स्टोव खरीदा है। अब इस पर खाना बना रहे हैं। वहीं इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधक सुरेंद्र कुनियाल ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध होने के बाद आपूर्ति की जाएगी। संवाद

कई होटलों में फास्ट फूड बनने बंद
कर्णप्रयाग। व्यावसायिक सिलिंंडरों की कमी के कारण अधिकतर होटलों में फास्ट फूड बनने बंद हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि ऐसी ही स्थिति रही तो कुछ समय बाद होटलों को बंद करना पड़ेगा।
नगर के होटलों में पहले चाऊमीन, मोमोज, छोले भटोरे, स्प्रींग रोल, डोसा आदि बनते थे लेकिन व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी के कारण धीरे-धीरे इनमें से कुछ सामान बनना बंद हो गया। होटल व्यवसायी करन भट्ट ने कहा कि होटल में छोले भटूरे और मोमोज की अच्छी ब्रिकी होती थी जिसके लिए एक अलग से चूल्हा लगाया रहता था। मगर सिलिंडरों की कमी के कारण अब इसे बंद करना पड़ा। वहीं होटल संचालक कमल सिंह नेगी ने कहा कि होटल के अन्य सामान तो भट्टी पर बन जा रहा है लेकिन चाउमीन आदि बनाने के लिए व्यावसायिक सिलिंडर की कमी पड़ने लगी है। चाय का काम बंद करना पड़ सकता है। वहीं उपजिलाधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद
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