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Chamoli News: नौ साल बाद भी अधूरी जौरासी-तोणजी सड़क, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 15 Feb 2026 06:26 PM IST
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ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में खराब गुणवत्ता का लगाया आरोप
कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई करने और अधूरे कार्य को शीघ्र पूरा करवाने की मांग
पोखरी (चमोली)। विकासखंड पोखरी में वर्ष 2017 से निर्माणाधीन नौ किमी लंबी जौरासी-तोणजी सड़क अब तक पूरी नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने द्वितीय चरण के कार्यों में भारी लापरवाही और घटिया गुणवत्ता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई और अधूरे निर्माण को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर पोखरी तहसील में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क प्रथम चरण में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत साढ़े सात किमी हिल कटिंग तक सीमित रही जबकि द्वितीय चरण का कार्य एनपीसीसी को सौंपा गया। तोणजी और किमोठा के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क कटिंग के दौरान जिन खेतों को क्षति पहुंची, उनका अब तक मुआवजा नहीं मिला। कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन भेजने वालों में सत्येंद्र सिंह नेगी, तोणजी की प्रधान राजेश्वरी देवी, किमोठा के प्रधान हरिकृष्ण किमोठी, पूर्व प्रधान मुकेश नेगी, मधुसूदन किमोठी, मातबर सिंह, हुकुम सिंह और हयात सिंह सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
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कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई करने और अधूरे कार्य को शीघ्र पूरा करवाने की मांग
पोखरी (चमोली)। विकासखंड पोखरी में वर्ष 2017 से निर्माणाधीन नौ किमी लंबी जौरासी-तोणजी सड़क अब तक पूरी नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने द्वितीय चरण के कार्यों में भारी लापरवाही और घटिया गुणवत्ता का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई और अधूरे निर्माण को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर पोखरी तहसील में आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क प्रथम चरण में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत साढ़े सात किमी हिल कटिंग तक सीमित रही जबकि द्वितीय चरण का कार्य एनपीसीसी को सौंपा गया। तोणजी और किमोठा के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क कटिंग के दौरान जिन खेतों को क्षति पहुंची, उनका अब तक मुआवजा नहीं मिला। कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन भेजने वालों में सत्येंद्र सिंह नेगी, तोणजी की प्रधान राजेश्वरी देवी, किमोठा के प्रधान हरिकृष्ण किमोठी, पूर्व प्रधान मुकेश नेगी, मधुसूदन किमोठी, मातबर सिंह, हुकुम सिंह और हयात सिंह सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।
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