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शिक्षकों का व्यवहार बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत: आकाश सारस्वत
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Tue, 28 Apr 2026 06:34 PM IST
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कर्णप्रयाग। मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया और शिक्षकों को बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत बनने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्कारवान शिक्षक की आज अत्यंत आवश्यकता है क्योंकि उनका आचरण ही बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।
सारस्वत ने शिक्षकों को बहुभाषी प्रार्थना सभा आयोजित करने, दीवार पत्रिका तैयार करने, किचन गार्डन विकसित करने और सशक्त पुस्तकालय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने तथा विद्यालयों में सामूहिक जन्मोत्सव मनाने पर भी जोर दिया। गैरसैंण विकासखंड के पीएमश्री राइंका कुशरानी तल्ली में उन्होंने व्यसन मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान किया। विद्यार्थियों को स्वअनुशासन, समय का सदुपयोग और नियमित स्वाध्याय के लिए प्रेरित किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की पंजिकाओं का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य बच्चन लाल जितेला भी उपस्थित रहे। संवाद
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कर्णप्रयाग। मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया और शिक्षकों को बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत बनने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संस्कारवान शिक्षक की आज अत्यंत आवश्यकता है क्योंकि उनका आचरण ही बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।
सारस्वत ने शिक्षकों को बहुभाषी प्रार्थना सभा आयोजित करने, दीवार पत्रिका तैयार करने, किचन गार्डन विकसित करने और सशक्त पुस्तकालय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने तथा विद्यालयों में सामूहिक जन्मोत्सव मनाने पर भी जोर दिया। गैरसैंण विकासखंड के पीएमश्री राइंका कुशरानी तल्ली में उन्होंने व्यसन मुक्त समाज के निर्माण का आह्वान किया। विद्यार्थियों को स्वअनुशासन, समय का सदुपयोग और नियमित स्वाध्याय के लिए प्रेरित किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की पंजिकाओं का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य बच्चन लाल जितेला भी उपस्थित रहे। संवाद
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