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Champawat News: वनाग्नि रोकथाम के लिए कंट्रोल बर्निंग की वैज्ञानिक पद्धति अपनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 24 Jan 2026 10:39 PM IST
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चंपावत। जिला सभागार में डीएम मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में वनाग्नि की रोकथाम और नियंत्रण के लिए डिस्ट्रिक्ट फायर प्लान 2026-27 पर चर्चा की गई। डीएम ने कहा कि जिले में 31 मार्च के बाद खेतों में अवशेष कूड़ा जलाना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने वनाग्नि सुरक्षा के लिए कंट्रोल वर्निंग की वैज्ञानिक पद्धति अपनाने को कहा।
डीएम ने कहा कि जिले के 62,098 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र को वनाग्नि से सुरक्षित रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि विकासखंड स्तर पर गठित वनाग्नि समितियों को और अधिक सक्रिय बनाया जाए। डीएफओ आशुतोष सिंह ने बताया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में अग्नि सुरक्षा सप्ताह का आयोजन होगा, इसके तहत विद्यालयों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिले में 82 फायर क्रू स्टेशन वर्तमान में स्थापित हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि नई घास प्राप्त करने, पिरूल हटाने और निजी भूमि में आड़ा जलाने जैसी गतिविधियां वनाग्नि के प्रमुख कारण हैं।
बैठक में सीडीओ डॉ. जीएस खाती, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, एडीम कृष्णनाथ गोस्वामी, एसडीएम अनुराग आर्या, एसडीओ फॉरेस्ट सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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डीएम ने कहा कि जिले के 62,098 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र को वनाग्नि से सुरक्षित रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि विकासखंड स्तर पर गठित वनाग्नि समितियों को और अधिक सक्रिय बनाया जाए। डीएफओ आशुतोष सिंह ने बताया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में अग्नि सुरक्षा सप्ताह का आयोजन होगा, इसके तहत विद्यालयों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिले में 82 फायर क्रू स्टेशन वर्तमान में स्थापित हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि नई घास प्राप्त करने, पिरूल हटाने और निजी भूमि में आड़ा जलाने जैसी गतिविधियां वनाग्नि के प्रमुख कारण हैं।
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बैठक में सीडीओ डॉ. जीएस खाती, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, एडीम कृष्णनाथ गोस्वामी, एसडीएम अनुराग आर्या, एसडीओ फॉरेस्ट सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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