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Champawat News: फेको विधि से मोतियाबिंद के आपरेशन की सुविधा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 10 Mar 2026 11:05 PM IST
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टनकपुर के उप जिला अस्पताल में फेको विधि से मोतियाबिंद के आपरेशन के लिए उपलब्ध मशीन। संवाद
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टनकपुर (चंपावत)। उप जिला अस्पताल में फेको विधि (फेकोइमल्सीफिकेशन) से मोतियाबिंद की आधुनिक, सुरक्षित और दर्द रहित ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध हो गई है। अस्पताल में करीब 25 लाख रुपये की मशीन लगा दी गई है।
जिले के मैदानी क्षेत्र के प्रमुख उप जिला अस्पताल में फेको विधि से मोतियाबिंद के ऑपरेशन शुरू होने से लोगों को लाभ मिलेगा। इस विधि से ऑपरेशन के लिए उन्हें कहीं बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्देशों के क्रम में विभाग की ओर से अस्पताल में फेको विधि से मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए उपकरणों की स्वीकृति प्रदान की गई। सीएमएस डॉ. घनश्याम तिवारी ने बताया कि मशीन लगा दी गई है। साथ ही अस्पताल में अब फेको विधि से ऑपरेशन की सुविधा मरीजों को दी जाएगी।
नेत्र चिकित्सक डाॅ. दीप्ति जोशी ने बताया कि अभी तक ऑपरेशन में बड़ा चीरा और मैनुअल लगाया जाता था। अब टांका मुक्त बहुत छोटे चीरे लगाकर ऑपरेशन हो सकेगा। इस विधि से ऑपरेशन कम जोखिम भरा और बेहतर होते हैं। बता दें कि अस्पताल में आंख की ओपीडी 200 मरीज से अधिक होती है। सप्ताह में एक दिन चार-पांच मरीजों का ऑपरेशन किया जाता है। बहरहाल, आंखों के मरीजों को अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो गई है।
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जिले के मैदानी क्षेत्र के प्रमुख उप जिला अस्पताल में फेको विधि से मोतियाबिंद के ऑपरेशन शुरू होने से लोगों को लाभ मिलेगा। इस विधि से ऑपरेशन के लिए उन्हें कहीं बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्देशों के क्रम में विभाग की ओर से अस्पताल में फेको विधि से मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए उपकरणों की स्वीकृति प्रदान की गई। सीएमएस डॉ. घनश्याम तिवारी ने बताया कि मशीन लगा दी गई है। साथ ही अस्पताल में अब फेको विधि से ऑपरेशन की सुविधा मरीजों को दी जाएगी।
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नेत्र चिकित्सक डाॅ. दीप्ति जोशी ने बताया कि अभी तक ऑपरेशन में बड़ा चीरा और मैनुअल लगाया जाता था। अब टांका मुक्त बहुत छोटे चीरे लगाकर ऑपरेशन हो सकेगा। इस विधि से ऑपरेशन कम जोखिम भरा और बेहतर होते हैं। बता दें कि अस्पताल में आंख की ओपीडी 200 मरीज से अधिक होती है। सप्ताह में एक दिन चार-पांच मरीजों का ऑपरेशन किया जाता है। बहरहाल, आंखों के मरीजों को अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो गई है।