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Haridwar News: लॉ कॉलेज में दाखिले के नाम पर 93 हजार की ठगी का आरोप
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हरिद्वार। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के एक युवक ने लॉ कॉलेज में प्रवेश दिलाने के नाम पर करीब 93 हजार रुपये की ठगी का आरोप लगाया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर कॉलेज प्रधानाचार्य और एक अन्य पदाधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस के अनुसार, समीर निवासी ग्राम सराय ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसने वर्ष 2025 में पंडित पूर्णानंद तिवारी लॉ कॉलेज ज्वालापुर में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए संपर्क किया था। आरोप लगाया कि कॉलेज प्रधानाचार्य अशोक तिवारी ने प्रवेश परीक्षा न देने के एवज में अतिरिक्त शुल्क के नाम पर 40 हजार लिए। इसके अलावा दाखिला फार्म, सेमेस्टर फीस, यूनिवर्सिटी फार्म, परीक्षा शुल्क और अन्य खर्चों के नाम पर समय-समय पर उससे कुल 93,500 रुपये जमा कराए। उसे नियमित रूप से कॉलेज बुलाया जाता रहा और पढ़ाई भी कराई गई, जिससे उसे विश्वास रहा कि उसका दाखिला हो चुका है।
बाद में जब यूनिवर्सिटी परीक्षा फार्म भरने का समय आया तो उसे पता चला कि उसका प्रवेश ही नहीं हुआ है। आरोप है कि इस संबंध में पूछताछ करने पर प्रधानाचार्य ने पैसे लौटाने से इन्कार कर दिया और उससे अभद्र व्यवहार किया। समीर का कहना है कि इस धोखाधड़ी के चलते उसका शैक्षणिक वर्ष खराब हो गया। पुलिस में शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार, समीर निवासी ग्राम सराय ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसने वर्ष 2025 में पंडित पूर्णानंद तिवारी लॉ कॉलेज ज्वालापुर में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के लिए संपर्क किया था। आरोप लगाया कि कॉलेज प्रधानाचार्य अशोक तिवारी ने प्रवेश परीक्षा न देने के एवज में अतिरिक्त शुल्क के नाम पर 40 हजार लिए। इसके अलावा दाखिला फार्म, सेमेस्टर फीस, यूनिवर्सिटी फार्म, परीक्षा शुल्क और अन्य खर्चों के नाम पर समय-समय पर उससे कुल 93,500 रुपये जमा कराए। उसे नियमित रूप से कॉलेज बुलाया जाता रहा और पढ़ाई भी कराई गई, जिससे उसे विश्वास रहा कि उसका दाखिला हो चुका है।
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बाद में जब यूनिवर्सिटी परीक्षा फार्म भरने का समय आया तो उसे पता चला कि उसका प्रवेश ही नहीं हुआ है। आरोप है कि इस संबंध में पूछताछ करने पर प्रधानाचार्य ने पैसे लौटाने से इन्कार कर दिया और उससे अभद्र व्यवहार किया। समीर का कहना है कि इस धोखाधड़ी के चलते उसका शैक्षणिक वर्ष खराब हो गया। पुलिस में शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है।

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