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Haridwar: 17 जून को होगी दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा, 10 साल की रिसर्च का है परिणाम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: विकास कुमार Updated Sun, 14 Jun 2026 07:46 PM IST
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सार

दुनिया का सबसे बड़ा पारद शिवलिंग हरिद्वार में स्थापित किया जा रहा है, जिसका वजन लगभग 5200 किलो है और इसमें 3333 किलो शुद्ध पारे का उपयोग किया गया है। यह शिवलिंग 4.5 फिट ऊंचाई और 1.5 फिट की गोलाई के साथ बनाया गया है। 

consecration of worlds largest Shivling will take place in Haridwar on June 17
दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

दुनिया के सबसे बड़े पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा 17 जून को हरिद्वार में की जाएगी। शिवलिंग 5210 किलोग्राम वजनी है पारद ध्यान लिंगम का निर्माण गिरनार के ध्यान गुरु रघुनाथ येमूल गुरुजी ने वर्षों की साधना, अनुसंधान और अथक परिश्रम के बाद किया है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत अनेक राजनीतिक और कॉर्पोरेट जगत की हस्तियां शामिल होंगी।



लगातार रिसर्च के बाद तैयार किए गए 5210 किलोग्राम वजन और अद्वितीय आकार के कारण इस पारद ध्यान लिंगम को इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशिया वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल करने की प्रक्रिया भी जारी है। इसे विश्व का सबसे बड़ा पारद शिवलिंग माना गया है।
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ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान और हीलिंग के क्षेत्र में कार्यरत हैं। गिरनार में लगातार 12 वर्षों की कठोर साधना के पश्चात उन्होंने योग, ध्यान, हीलिंग और हस्तरेखा अध्ययन में कार्य प्रारंभ किया। अध्यात्म में विज्ञान की खोज के अपने संकल्प के तहत नाथ योगी परंपरा और प्राचीन रसायन शास्त्र के सिद्धांतों पर आधारित इस पारद ध्यान लिंगम के निर्माण का नेतृत्व उन्होंने किया।
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यह दिव्य पारद ध्यान लिंगम हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर भादराबाद टोल प्लाजा के समीप स्थित शिर्डी साई बाबा मंदिर में स्थापित किया गया है। वर्तमान में यह श्री साई शिव गंगा धाम, हरिद्वार में श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु उपलब्ध है।

इस महत्त्वपूर्ण परियोजना में राजीव बंसल (ट्रस्टी-शिर्डी साई समर्थ ट्रस्ट, हरिद्वार) का विशेष सहयोग रहा। साथ ही अनंत तावकेले (आईजी, उत्तराखंड), शंकर जीवाल (पूर्व डीजीपी, तमिलनाडु),  ममता जीवाल, मनोज गोहाड़ (अतिरिक्त कलेक्टर), अमित अग्रवाल (सीईओ, डिक्काई) तथा प्रदीप बत्रा (विधायक, रुड़की) सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति और सहयोग प्राप्त हुआ।

रघुनाथ गुरुजी ने बताया कि परम पूज्य पीर योगी महंत सोमनाथ बाप्पू और पद्मभूषण डॉ. विजय भटकर के विशेष आशीर्वाद से यह कार्य पूर्ण हो सका। ध्यान गुरु रघुनाथ ये मूल गुरुजी के मार्गदर्शन में निर्मित यह पारद ध्यान लिंगम भविष्य में ध्यान, आध्यात्मिक अनुसंधान और सकारात्मक ऊर्जा का वैश्विक केंद्र बनेगा, ऐसा विश्वास व्यक्त किया गया।

फैक्ट फाइल 
दुनिया का सबसे बड़ा पारद शिवलिंग हरिद्वार में स्थापित किया जा रहा है, जिसका वजन लगभग 5200 किलो है और इसमें 3333 किलो शुद्ध पारे का उपयोग किया गया है। यह शिवलिंग 4.5 फिट ऊंचाई और 1.5 फिट की गोलाई के साथ बनाया गया है। इसकी स्थापना श्री साई शिवगंगा धाम में की गई है, जो हरिद्वार से दिल्ली रोड पर टोल प्लाजा के निकट स्थित है।
यह शिवलिंग न केवल अपनी विशालता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसके पीछे की कहानी और धार्मिक महत्व भी बहुत है। इसे विश्व शांति की भावना से स्थापित किया गया है और इसके निर्माण में 10 साल का समय लगा है।

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