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देश केवल राजनेताओं का नहीं, 145 करोड़ नागरिकों का : रामदेव
Sun, 16 Aug 2026 07:01 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Sun, 16 Aug 2026 07:01 PM IST
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स्वतंत्रता दिवस पर योग गुरु रामदेव बोले- गालीबाज नहीं, हुनरबाज बनें
घृणा-नफरत की दीवारें तोड़नी होंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि देश केवल कुछ राजनीतिक पार्टियों, सत्ता पर काबिज लोगों, पीएम, सीएम, एमपी, एमएलए का ही नहीं, बल्कि, 145 करोड़ भारतीयों का है, जो अधिकार और कर्तव्य राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के हैं, उतने ही ऊंचे कर्तव्य और अधिकार प्रत्येक नागरिक के भी हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर पतंजलि योगपीठ योगपीठ-2 स्थित योगभवन में स्वामी रामदेव ने कहा कि दुर्भाग्य से सड़कों से संसद तक आज घृणा व नफरत का वातावरण बना है। धिक्कार है उन लोगों को जो भारत के नागरिकों के नाम पर एक-दूसरे से घृणा करते हैं, राजनीतिक व जातीय तौर पर नफरत करते हैं।
ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, दलित, आदिवासी, वनवासी, हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध एक-दूसरे के सामने ऐसे बैर-विरोध के साथ खड़े हैं। जैसे एक-दूसरे के खून के प्यासे हों। 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर देश के लोग ये संकल्प लें कि हमें ये घृणा व नफरत की दीवारें तोड़नी होंगी।
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उन्होंने कहा कि बच्चे और युवा आपस में न लड़ें, जैन-जेड भी आपस में लड़ने वाले या सड़कों पर अराजकता और अनार्की फैलाने वाले नहीं हों। हमें अपने अधिकारों के लिए भी लड़ना है, और अपने कर्तव्यों का पालन भी करना है, कहा कि हमें गालीबाज नहीं, हुनरबाज बनना है।
कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में कुछ लोग बेईमान और भ्रष्ट हैं। जिन वीर-वीरांगनाओं व ऋषि-ऋषिकाओं की शहादत की बदौलत यह देश आजाद हुआ, वह उनके प्रति कृतघ्नता व अपमान कर रहे हैं। बेईमानी व भ्रष्टाचार भारत की जड़ों को खोखला कर रहे हैं। चारों तरफ लोग अपने अधिकारों के लिए हाहाकार कर रहे हैं।
कुछ लोगों ने सत्ता, संपत्ति व संसाधनों पर कब्जा कर लिया है। समाज में असमानता की खाई बड़ी गहरी हो गई है। पेपर लीक न हों, सबको नौकरी के समान अवसर मिलें। कहा कि जैसे हम नवरात्र, जन्माष्टमी, शिवरात्रि पर और मुस्लिम भाई रमजान में उपवास करते हैं, वैसे ही आज के दिन सब उपवास करें और राष्ट्र की आराधना करें। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यदि हम सब अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से निभाएं तो निश्चित ही भारत बहुत जल्द विश्वगुरु बनेगा।
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घृणा-नफरत की दीवारें तोड़नी होंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि देश केवल कुछ राजनीतिक पार्टियों, सत्ता पर काबिज लोगों, पीएम, सीएम, एमपी, एमएलए का ही नहीं, बल्कि, 145 करोड़ भारतीयों का है, जो अधिकार और कर्तव्य राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के हैं, उतने ही ऊंचे कर्तव्य और अधिकार प्रत्येक नागरिक के भी हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर पतंजलि योगपीठ योगपीठ-2 स्थित योगभवन में स्वामी रामदेव ने कहा कि दुर्भाग्य से सड़कों से संसद तक आज घृणा व नफरत का वातावरण बना है। धिक्कार है उन लोगों को जो भारत के नागरिकों के नाम पर एक-दूसरे से घृणा करते हैं, राजनीतिक व जातीय तौर पर नफरत करते हैं।
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ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, दलित, आदिवासी, वनवासी, हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध एक-दूसरे के सामने ऐसे बैर-विरोध के साथ खड़े हैं। जैसे एक-दूसरे के खून के प्यासे हों। 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर देश के लोग ये संकल्प लें कि हमें ये घृणा व नफरत की दीवारें तोड़नी होंगी।
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उन्होंने कहा कि बच्चे और युवा आपस में न लड़ें, जैन-जेड भी आपस में लड़ने वाले या सड़कों पर अराजकता और अनार्की फैलाने वाले नहीं हों। हमें अपने अधिकारों के लिए भी लड़ना है, और अपने कर्तव्यों का पालन भी करना है, कहा कि हमें गालीबाज नहीं, हुनरबाज बनना है।
कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में कुछ लोग बेईमान और भ्रष्ट हैं। जिन वीर-वीरांगनाओं व ऋषि-ऋषिकाओं की शहादत की बदौलत यह देश आजाद हुआ, वह उनके प्रति कृतघ्नता व अपमान कर रहे हैं। बेईमानी व भ्रष्टाचार भारत की जड़ों को खोखला कर रहे हैं। चारों तरफ लोग अपने अधिकारों के लिए हाहाकार कर रहे हैं।
कुछ लोगों ने सत्ता, संपत्ति व संसाधनों पर कब्जा कर लिया है। समाज में असमानता की खाई बड़ी गहरी हो गई है। पेपर लीक न हों, सबको नौकरी के समान अवसर मिलें। कहा कि जैसे हम नवरात्र, जन्माष्टमी, शिवरात्रि पर और मुस्लिम भाई रमजान में उपवास करते हैं, वैसे ही आज के दिन सब उपवास करें और राष्ट्र की आराधना करें। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यदि हम सब अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से निभाएं तो निश्चित ही भारत बहुत जल्द विश्वगुरु बनेगा।