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हरिद्वार कुंभ : हरकी पैड़ी से मनसा देवी तक नए रोपवे का टेंडर जारी, विफलता का डर
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Thu, 14 May 2026 05:05 PM IST
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- रेल मैट्रो कॉर्पोरेशन ने पूर्व में दिखाया पॉड टैक्सी का सपना ईंट भी नहीं रखी करोड़ोंं हो गए खर्च
- मनसा देवी पहाड़ी के ट्रीटमेंट की योजना भी ठंडे बस्ते में स्पष्ट दिख रही है दरक रही चोटी से पहाड़ी
- रेल मेट्रो कॉर्पोरेशन की नई योजना पर उठे सवाल, पुराने रोपवे की अनदेखी और परियोजना की व्यवहार्यता पर स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। रेल मेट्रो कॉर्पोरेशन ने हरकी पैड़ी से मनसा देवी मंदिर तक रोपवे परियोजना के लिए निविदा जारी की है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पूर्व में प्रस्तावित पॉड टैक्सी परियोजना अधूरी रह गई थी। नई योजना के तहत हरकी पैड़ी से सीधे रोपवे चढ़ाने की परिकल्पना की गई है। इस निविदा के माध्यम से परियोजना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि योजना पर कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि पहले से संचालित हो रहे रोपवे की अनदेखी क्यों की जा रही है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह परियोजना भी पॉड टैक्सी की तरह केवल टेंडर और सर्वे में धन खपाने की योजना तो नहीं है। बता दें कि पॉड टैक्सी परियोजना भी काफी समय तक चर्चा में रही थी लेकिन अंततः वह धरातल पर नहीं उतर पाई। अब रोपवे के लिए दोबारा निविदा जारी होने से परियोजना की व्यवहार्यता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं को मनसा देवी मंदिर तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करना है।
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दरकती पहाड़ी और गिरते बोल्डरों के लिए कोई योजना नहीं
मनसा देवी पहाड़ी की जर्जर स्थिति के लिए एक दशक से ट्रीटमेंट की योजना बनती आ रही है। इस दिशा में फिलहाल महज सिंचाई विभाग ने ड्रेनेज सिस्टम पर करीब 1.50 करोड़ रुपये से कार्य किया। वहीं लोक निर्माण विभाग कुुंभ मेला बजट से पहाड़ी की तरफ बनाकर मलबा रोकने का इंतजाम कर रहा है। अब जब रोपवे की योजना पर फिर से रेल मैट्रो कॉर्पोरेशन ने कवायद शुरू की है तो इस पर चिंता जताई जा रही है। पहाड़ी के एक शिखर से पिछली बारिश से गिरता मलबा और उसका स्वरूप राष्ट्रीय राजमार्ग से स्पष्ट देखा जा रहा है। फिर भी पहाड़ी के हिस्से को चीरने और उसे खोखला करने की योजना बनाई जा रही है।
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पुरानी योजनाओं पर सवाल
पॉड टैक्सी परियोजना का सपना अधूरा रह गया था जिस पर काफी धन खर्च किया गया था। इस परियोजना के लिए कई बार टेंडर निकाले गए और सर्वे भी कराए गए लेकिन कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। अब मनसा देवी रोपवे के लिए भी इसी तरह की प्रक्रिया दोहराई जा रही है। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि कहीं यह भी केवल कागजी कार्रवाई बनकर न रह जाए। पहले से ही दो रोपवे संचालित हैं जिनकी क्षमता और उपयोगिता पर विचार नहीं किया जा रहा है।
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- मनसा देवी पहाड़ी के ट्रीटमेंट की योजना भी ठंडे बस्ते में स्पष्ट दिख रही है दरक रही चोटी से पहाड़ी
- रेल मेट्रो कॉर्पोरेशन की नई योजना पर उठे सवाल, पुराने रोपवे की अनदेखी और परियोजना की व्यवहार्यता पर स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। रेल मेट्रो कॉर्पोरेशन ने हरकी पैड़ी से मनसा देवी मंदिर तक रोपवे परियोजना के लिए निविदा जारी की है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पूर्व में प्रस्तावित पॉड टैक्सी परियोजना अधूरी रह गई थी। नई योजना के तहत हरकी पैड़ी से सीधे रोपवे चढ़ाने की परिकल्पना की गई है। इस निविदा के माध्यम से परियोजना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि योजना पर कई सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि पहले से संचालित हो रहे रोपवे की अनदेखी क्यों की जा रही है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह परियोजना भी पॉड टैक्सी की तरह केवल टेंडर और सर्वे में धन खपाने की योजना तो नहीं है। बता दें कि पॉड टैक्सी परियोजना भी काफी समय तक चर्चा में रही थी लेकिन अंततः वह धरातल पर नहीं उतर पाई। अब रोपवे के लिए दोबारा निविदा जारी होने से परियोजना की व्यवहार्यता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं को मनसा देवी मंदिर तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करना है।
दरकती पहाड़ी और गिरते बोल्डरों के लिए कोई योजना नहीं
मनसा देवी पहाड़ी की जर्जर स्थिति के लिए एक दशक से ट्रीटमेंट की योजना बनती आ रही है। इस दिशा में फिलहाल महज सिंचाई विभाग ने ड्रेनेज सिस्टम पर करीब 1.50 करोड़ रुपये से कार्य किया। वहीं लोक निर्माण विभाग कुुंभ मेला बजट से पहाड़ी की तरफ बनाकर मलबा रोकने का इंतजाम कर रहा है। अब जब रोपवे की योजना पर फिर से रेल मैट्रो कॉर्पोरेशन ने कवायद शुरू की है तो इस पर चिंता जताई जा रही है। पहाड़ी के एक शिखर से पिछली बारिश से गिरता मलबा और उसका स्वरूप राष्ट्रीय राजमार्ग से स्पष्ट देखा जा रहा है। फिर भी पहाड़ी के हिस्से को चीरने और उसे खोखला करने की योजना बनाई जा रही है।
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पुरानी योजनाओं पर सवाल
पॉड टैक्सी परियोजना का सपना अधूरा रह गया था जिस पर काफी धन खर्च किया गया था। इस परियोजना के लिए कई बार टेंडर निकाले गए और सर्वे भी कराए गए लेकिन कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। अब मनसा देवी रोपवे के लिए भी इसी तरह की प्रक्रिया दोहराई जा रही है। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि कहीं यह भी केवल कागजी कार्रवाई बनकर न रह जाए। पहले से ही दो रोपवे संचालित हैं जिनकी क्षमता और उपयोगिता पर विचार नहीं किया जा रहा है।