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Haridwar News: स्वयं सहायता समूहों से हरिपुर कलां की महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
Updated Thu, 18 Jun 2026 06:02 PM IST
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- आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी भी बढ़ी
सप्तऋषि। हरिपुर कलां में 70 से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं जिनके माध्यम से 600 से अधिक महिलाएं रोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बन रही हैं। लोकोज एप्लीकेशन के माध्यम से लोकोज सखी सीमा रायल द्वारा दिव्या स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का आधार केवाईसी कराया जा रहा है। दिव्या स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष अनीता शर्मा ने बताया कि पशुपालन, डेयरी, मशरूम उत्पादन और स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण लेकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। कोषाध्यक्ष मितीका शर्मा ने कहा कि समूह से जुड़कर महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनकी सामाजिक व राजनीतिक भागीदारी भी बढ़ी है। समूह सदस्य प्रीति डबराल ने बताया कि समूह महिलाओं को आर्थिक सहयोग और विचारों के आदान-प्रदान का मंच प्रदान करता है, जिससे घरों तक सीमित महिलाएं भी रोजगार से जुड़ रही हैं। सुषमा बेलवाल ने बताया कि समूह के सहयोग से चार वर्ष पूर्व शुरू की गई उनकी दुकान आज परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। इस अवसर पर लक्ष्मी पेटवाल, सावित्री, नीमा जोशी, जगदम्बा पैन्यूली, कांता बडोनी, ऊषा लेखवाल, रूपा गोसाई, शकुंतला तिवारी, रीना जोशी, बबीता और चमनी देवी सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
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सप्तऋषि। हरिपुर कलां में 70 से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं जिनके माध्यम से 600 से अधिक महिलाएं रोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बन रही हैं। लोकोज एप्लीकेशन के माध्यम से लोकोज सखी सीमा रायल द्वारा दिव्या स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का आधार केवाईसी कराया जा रहा है। दिव्या स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष अनीता शर्मा ने बताया कि पशुपालन, डेयरी, मशरूम उत्पादन और स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण लेकर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। कोषाध्यक्ष मितीका शर्मा ने कहा कि समूह से जुड़कर महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनकी सामाजिक व राजनीतिक भागीदारी भी बढ़ी है। समूह सदस्य प्रीति डबराल ने बताया कि समूह महिलाओं को आर्थिक सहयोग और विचारों के आदान-प्रदान का मंच प्रदान करता है, जिससे घरों तक सीमित महिलाएं भी रोजगार से जुड़ रही हैं। सुषमा बेलवाल ने बताया कि समूह के सहयोग से चार वर्ष पूर्व शुरू की गई उनकी दुकान आज परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। इस अवसर पर लक्ष्मी पेटवाल, सावित्री, नीमा जोशी, जगदम्बा पैन्यूली, कांता बडोनी, ऊषा लेखवाल, रूपा गोसाई, शकुंतला तिवारी, रीना जोशी, बबीता और चमनी देवी सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।