सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   At the end of the financial year, departments tightened their grip on defaulters and issued notices.

Kotdwar News: वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर विभागों ने बकायेदारों पर कसा शिंकजा, नोटिस जारी

संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Thu, 19 Feb 2026 06:58 PM IST
विज्ञापन
At the end of the financial year, departments tightened their grip on defaulters and issued notices.
विज्ञापन
तहसील प्रशासन की ओर से राजस्व वसूली तेज
Trending Videos

बिजली का बकाया जमा नहीं करने पर कनेक्शन कटने शुरू
कोटद्वार। वित्तीय वर्ष 2025-26 के निकलने में कम समय रह गया है। ऐसे में सभी विभागों ने राजस्व वसूली तेज करने के लिए बकायेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ऊर्जा निगम ने बड़े बकायेदारों को निर्धारित समय के भीतर पैसा नहीं चुकाने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी है। कहा कि देरी से पैसा देने पर विलंब शुल्क के साथ ही कनेक्शन जोड़ने का फिर से पैसा देना होगा। विभाग की ओर से बीते जनवरी माह में 295 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं। कनेक्शन कटने से परेशान उपभोक्ताओं ने बिल भुगतान के लिए दौड़ लगानी शुरू कर दी है।
विद्युत वितरण खंड कोटद्वार के अंतर्गत सबसे ज्यादा उपभोक्ता व बकाएदार कोटद्वार सब डिवीजन में हैं। ऊर्जा निगम के एसडीओ सिटी कमल सिंह का कहना है कि उनके एरिया में 47 हजार कनेक्शन घरेलू व व्यावसायिक के साथ ही उद्योगों के हैं। फरवरी अंतिम सप्ताह तक बिलों के भुगतान का काम जारी है। पांच हजार रुपये और इससे अधिक के बकाएदार केवल 176 उपभोक्ता हैं, जिन पर 61.90 लाख का बकाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो हजार रुपये के बकायेदारों की संख्या करीब 3500 तक पहुंच गई है। इसके लिए उन्हें नोटिस दिए गए हैं। पुराना बकाया धनराशि के साथ ही हर माह 20 करोड़ रुपये की बिलिंग होती है। उपभोक्ताओं को मार्च फाइनल को देखते हुए जल्द से जल्द बकाया धनराशि का भुगतान करने के लिए कहा जा रहा है। जनवरी माह में 26 करोड़ की वसूली और फरवरी में 27 करोड़ की वसूली का लक्ष्य निर्धारित हुआ था। वसूली में तेजी लाई गई है। अब 2.5 करोड़ का बकाया है, जिसे माह के अंत तक वसूल करने का लक्ष्य रखा गया है।

तहसील ने की 81 फीसदी वसूली, अवशेष के लिए हर संभव प्रयास
तहसील प्रशासन के पास विभिन्न प्रकार के बकाएदारों की सूची बनी हुई है, जिसमें जीएसटी, अदालती, सहकारी बैंक के ऋण, बैंक देय, वाहन ऋण के बकाएदार शामिल हैं। एक लाख रुपये से अधिक के बकाएदारों में 27 मामले लंबित है जिसकी वसूली के लिए व्यक्तिगत संपर्क कर प्रयास किए जा रहे हैं। तहसील में राजस्व वसूली का काम राजस्व संग्रह अमीन देख रहे हैं। लेखाकार कमलेश्वर प्रसाद का कहना है कि अधिकारियों के दिशा निर्देश पर वसूली का काम तेज कर दिया गया है। 3.70 करोड़ की मांग के अनुरूप अभी तक 2.99 करोड़ की वसूली कर ली गई है। 81 फीसदी वसूली कर ली गई है। अवशेष 19 फीसदी बकाया धनराशि के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed