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Kotdwar News: चेक बाउंस के दोषी को एक वर्ष का साधारण कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Fri, 06 Mar 2026 06:35 PM IST
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2.30 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया, एसीजेएम कोटद्वार की अदालत ने सुनाया फैसला
कोटद्वार। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) मनोज कुमार द्विवेदी की अदालत ने चेक बाउंस के आरोपी को मामले में दोष सिद्ध पाते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और 2.30 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि अदा न करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त कारावास का दंड भुगतना होगा। अर्थदंड की धनराशि में से 2.20 लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में अदा की जाएगी। शेष 10,000 रुपये अर्थदंड राजकोष में जमा किया जाएगा।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता जसबीर राणा ने बताया कि नींबूचौड़ निवासी चंद्रप्रकाश ध्यानी ने 14 जुलाई, 2020 को कोतवाली में तहरीर दी जिसमें उन्होंने कहा कि ग्राम नंदपुर, पदमपुर मोटाढाक निवासी आरोपी आनंद स्वरूप ध्यानी रिश्ते में उसका चाचा है। आरोपी ने सितंबर, 2019 में उधार मांगा तो उन्होंने 6,00,000 रुपये दे दिए।
काफी समय तक धनराशि नहीं लौटाने पर उन्होंने राशि लौटाने के लिए कहा तो आरोपी ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा दुर्गापुर का दो लाख रुपये का चेक 25 मई, 2023 व अपने पुत्र के खाते का चार लाख रुपये का चेक दिया। उन्होंने दो लाख का चेक भुगतान के लिए लगाया तो वह बाउंस हो गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोटद्वार मनोज कुमार द्विवेदी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व साक्ष्य विवेचन के बाद मामले में आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए सजा सुनाई।
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कोटद्वार। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) मनोज कुमार द्विवेदी की अदालत ने चेक बाउंस के आरोपी को मामले में दोष सिद्ध पाते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और 2.30 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि अदा न करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त कारावास का दंड भुगतना होगा। अर्थदंड की धनराशि में से 2.20 लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में अदा की जाएगी। शेष 10,000 रुपये अर्थदंड राजकोष में जमा किया जाएगा।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता जसबीर राणा ने बताया कि नींबूचौड़ निवासी चंद्रप्रकाश ध्यानी ने 14 जुलाई, 2020 को कोतवाली में तहरीर दी जिसमें उन्होंने कहा कि ग्राम नंदपुर, पदमपुर मोटाढाक निवासी आरोपी आनंद स्वरूप ध्यानी रिश्ते में उसका चाचा है। आरोपी ने सितंबर, 2019 में उधार मांगा तो उन्होंने 6,00,000 रुपये दे दिए।
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काफी समय तक धनराशि नहीं लौटाने पर उन्होंने राशि लौटाने के लिए कहा तो आरोपी ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा दुर्गापुर का दो लाख रुपये का चेक 25 मई, 2023 व अपने पुत्र के खाते का चार लाख रुपये का चेक दिया। उन्होंने दो लाख का चेक भुगतान के लिए लगाया तो वह बाउंस हो गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोटद्वार मनोज कुमार द्विवेदी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व साक्ष्य विवेचन के बाद मामले में आरोपी को दोष सिद्ध पाते हुए सजा सुनाई।