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Kotdwar News: अधर में आजाद पार्क का सौंदर्यीकरण
Mon, 27 Jul 2026 04:27 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 27 Jul 2026 04:27 PM IST
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मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद नहीं शुरू हुआ कार्य
ऐतिहासिक धरोहर की बदहाली पर उठे सवाल
दुगड्डा (कोटद्वार)। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की ऐतिहासिक दुगड्डा यात्रा की स्मृतियों को संजोए आजाद पार्क का सौंदर्यीकरण मुख्यमंत्री की घोषणा के 19 माह बाद भी शुरू नहीं हो सका है। वन भूमि पर स्थित होने के कारण अनुमति संबंधी प्रक्रिया में देरी से योजना अटकी है जबकि पार्क की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
25 फरवरी 2025 को शहीद मेले के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत स्मृति स्थल के संरक्षण, पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण की घोषणा की थी। नगर पालिका परिषद दुगड्डा को कार्यदायी संस्था बनाया गया, लेकिन वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पाया।
स्मृति स्थल के निकट बना चबूतरा भी पानी से प्रभावित हो रहा है। पार्क का प्रवेश द्वार क्षतिग्रस्त है और परिसर में खरपतवार उगने से ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा प्रभावित हो रही है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों और क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत स्मारक समिति ने चिंता जताई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सरकार जल्द मंजूरी देकर इस ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान दिलाएगी।
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पार्क के समग्र जीर्णोद्धार, स्मृति वृक्ष के वैज्ञानिक उपचार और अन्य संरक्षण कार्यों के लिए करीब 42 लाख रुपये की डीपीआर तैयार कर डीएफओ के माध्यम से शिवालिक वृत्त के मुख्य वन संरक्षक (सीएफ) को भेज दी गई है। शासन से स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
-रमेश चंद्र सिंह नेगी, रेंजर दुगड्डा।
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ऐतिहासिक धरोहर की बदहाली पर उठे सवाल
दुगड्डा (कोटद्वार)। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की ऐतिहासिक दुगड्डा यात्रा की स्मृतियों को संजोए आजाद पार्क का सौंदर्यीकरण मुख्यमंत्री की घोषणा के 19 माह बाद भी शुरू नहीं हो सका है। वन भूमि पर स्थित होने के कारण अनुमति संबंधी प्रक्रिया में देरी से योजना अटकी है जबकि पार्क की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
25 फरवरी 2025 को शहीद मेले के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत स्मृति स्थल के संरक्षण, पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण की घोषणा की थी। नगर पालिका परिषद दुगड्डा को कार्यदायी संस्था बनाया गया, लेकिन वन विभाग की अनुमति नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पाया।
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स्मृति स्थल के निकट बना चबूतरा भी पानी से प्रभावित हो रहा है। पार्क का प्रवेश द्वार क्षतिग्रस्त है और परिसर में खरपतवार उगने से ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा प्रभावित हो रही है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों और क्रांतिकारी भवानी सिंह रावत स्मारक समिति ने चिंता जताई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि सरकार जल्द मंजूरी देकर इस ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान दिलाएगी।
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पार्क के समग्र जीर्णोद्धार, स्मृति वृक्ष के वैज्ञानिक उपचार और अन्य संरक्षण कार्यों के लिए करीब 42 लाख रुपये की डीपीआर तैयार कर डीएफओ के माध्यम से शिवालिक वृत्त के मुख्य वन संरक्षक (सीएफ) को भेज दी गई है। शासन से स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
-रमेश चंद्र सिंह नेगी, रेंजर दुगड्डा।