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Kotdwar News: डिपो से नहीं मिल रहीं बसें, टैक्सियों पर सफर कर रहे लोग
Wed, 24 Jun 2026 07:44 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 24 Jun 2026 07:44 PM IST
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कोटद्वार से दोपहर बाद उपलब्ध नहीं होती बस सेवा
दिल्ली और देहरादून जाने के लिए भी भटकते हैं लोग
कोटद्वार। रोडवेज डिपो के बाहर से प्राइवेट टैक्सियों का बेरोकटोक संचालन होने लगा है। इसका सीधा असर रोडवेज डिपो की आय पर पड़ रहा है। वहीं, मजबूरन प्राइवेट टैक्सियों में सवार होने वाले लोग रोडवेज बस सेवा की कमी को इसका जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
कोटद्वार रोडवेज डिपो से रोजाना 15 से 18 रोडवेज बसें दिल्ली रूट पर और दर्जनभर बसें हरिद्वार, देहरादून रूट पर संचालित होती हैं। इनमें अधिकांश बसें सुबह और शेष बसें अगले कुछ घंटों में गंतव्य के लिए रवाना हो जाती हैं। इसके बाद डिपो पर पहुंचने वाले यात्रियों को दिल्ली व देहरादून के लिए बसें उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। डिपो कार्यालय से बस उपलब्ध नहीं होने की सूचना पर यात्रियों के सामने गंतव्य तक पहुंचने को लेकर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
बृहस्पतिवार को भी ऐसा ही हुआ। कई लोग दिल्ली व देहरादून के लिए रोडवेज बस की प्रतीक्षा में खड़े थे। बस नहीं मिलने से लोग परेशान थे और लालबत्ती से यूपी रोडवेज की बस मिलने की सूचना पर बार-बार तीलू रौतेली चौक लालबत्ती के चक्कर काट रहे थे। इसकी भनक प्राइवेट टैक्सी संचालकों को लगने पर एक-एक कर तीन प्राइवेट टैक्सियां रोडवेज डिपो के बाहर पहुंच गईं और यात्रियों संपर्क कर दिल्ली व देहरादून के लिए टैक्सी बुक की।
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परिवहन की तात्कालिक सुविधा मिलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली। रोडवेज बस में नहीं जाने की बाबत पूछने पर एक दंपती ने बताया कि रोडवेज बस के भरोसे रुके रहे तो रात कोटद्वार में ही गुजारनी पड़ेगी।
प्राइवेट टैक्सी संचालकों का अपना कोई निर्धारित स्टैंड नहीं है। यातायात संचालन में बाधा डालने पर जहां-तहां खड़ी टैक्सियों का अक्सर चालान किया जाता है। रोडवेज डिपो प्रशासन की ओर से प्राइवेट टैक्सियों के डिपो के बाहर से संचालित होने की कभी शिकायत नहीं मिली। -संतोष सिंह, उपनिरीक्षक, यातायात पुलिस कोटद्वार।
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दिल्ली और देहरादून जाने के लिए भी भटकते हैं लोग
कोटद्वार। रोडवेज डिपो के बाहर से प्राइवेट टैक्सियों का बेरोकटोक संचालन होने लगा है। इसका सीधा असर रोडवेज डिपो की आय पर पड़ रहा है। वहीं, मजबूरन प्राइवेट टैक्सियों में सवार होने वाले लोग रोडवेज बस सेवा की कमी को इसका जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
कोटद्वार रोडवेज डिपो से रोजाना 15 से 18 रोडवेज बसें दिल्ली रूट पर और दर्जनभर बसें हरिद्वार, देहरादून रूट पर संचालित होती हैं। इनमें अधिकांश बसें सुबह और शेष बसें अगले कुछ घंटों में गंतव्य के लिए रवाना हो जाती हैं। इसके बाद डिपो पर पहुंचने वाले यात्रियों को दिल्ली व देहरादून के लिए बसें उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। डिपो कार्यालय से बस उपलब्ध नहीं होने की सूचना पर यात्रियों के सामने गंतव्य तक पहुंचने को लेकर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
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बृहस्पतिवार को भी ऐसा ही हुआ। कई लोग दिल्ली व देहरादून के लिए रोडवेज बस की प्रतीक्षा में खड़े थे। बस नहीं मिलने से लोग परेशान थे और लालबत्ती से यूपी रोडवेज की बस मिलने की सूचना पर बार-बार तीलू रौतेली चौक लालबत्ती के चक्कर काट रहे थे। इसकी भनक प्राइवेट टैक्सी संचालकों को लगने पर एक-एक कर तीन प्राइवेट टैक्सियां रोडवेज डिपो के बाहर पहुंच गईं और यात्रियों संपर्क कर दिल्ली व देहरादून के लिए टैक्सी बुक की।
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परिवहन की तात्कालिक सुविधा मिलने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली। रोडवेज बस में नहीं जाने की बाबत पूछने पर एक दंपती ने बताया कि रोडवेज बस के भरोसे रुके रहे तो रात कोटद्वार में ही गुजारनी पड़ेगी।
प्राइवेट टैक्सी संचालकों का अपना कोई निर्धारित स्टैंड नहीं है। यातायात संचालन में बाधा डालने पर जहां-तहां खड़ी टैक्सियों का अक्सर चालान किया जाता है। रोडवेज डिपो प्रशासन की ओर से प्राइवेट टैक्सियों के डिपो के बाहर से संचालित होने की कभी शिकायत नहीं मिली। -संतोष सिंह, उपनिरीक्षक, यातायात पुलिस कोटद्वार।