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Kotdwar News: फायर स्टेशन के लिए भूमि चयन के दो साल बाद भी नहीं बनी डीपीआर
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Fri, 17 Apr 2026 04:57 PM IST
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लंबे समय से जिले के केंद्र बिंदु सतपुली में फायर स्टेशन बनाने की उठ रही मांग
सतपुली/कोटद्वार। ग्रीष्मकाल शुरू हो चुका है। अग्निकांडों से बचाव के लिए अग्निशमन विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा। दरअसल कई विकासखंडों के केंद्र बिंदु सतपुली में प्रस्तावित फायर स्टेशन की प्रक्रिया भूमि हस्तांतरण से आगे नहीं बढ़ पाई है। दो वर्ष से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन अब तक डीपीआर भी तैयार नहीं हो पाई है।
सतपुली द्वारीखाल, कल्जीखाल, एकेश्वर, जयहरीखाल, पोखड़ा और बीरोंखाल ब्लॉक का मुख्य बाजार है। आग लगने के दौरान स्थानीय स्तर पर फायर स्टेशन नहीं होने से सतपुली बाजार और आसपास के पर्वतीय क्षेत्र के ग्रामीणों को कोटद्वार और पौड़ी स्थित फायर स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
सतपुली से दोनों ही फायर स्टेशनों की दूरी अधिक होने के कारण इससे सटे पर्वतीय क्षेत्र में अग्निकांड होने की दशा में ग्रामीणों को क्षति उठानी पड़ती है। जब तक दोनों फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां पहुंचती हैं तब तक सब कुछ राख हो चुका होता है। मार्च, 2024 को सतपुली बाजार में हुए अग्निकांड में यही देखा गया था।
घटना के करीब दो घंटे बाद कोटद्वार और पौड़ी से दमकल की गाड़ियां पहुंची थी लेकिन तब तक 12 खोखे जल चुके थे। व्यापार मंडल के अध्यक्ष जयदीप नेगी, विकास रावत, पातीराम, मनीष रौतेला, विक्रम सिंह आदि का कहना है कि वह वर्षों से सतपुली में फायर स्टेशन बनाने की मांग करते आ रहे है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सतपुली में फायर स्टेशन बनाने की मांग दोहराई है।
क्या हुए प्रयास
सतपुली के पास पौड़ी हाईवे से सटे मलेठी गांव में पूर्व में एक एकड़ भूमि चिह्नित की गई थी। दो साल पहले यह भूमि विभाग को हस्तांतरित हो चुकी है। मामला भूमि चयन से आगे नहीं बढ़ पाया है। अभी तक विभाग द्वारा डीपीआर भी तैयार नहीं की गई है।
मलेठी गांव में फायर स्टेशन के लिए चयनित एक एकड़ भूमि विभाग के नाम हस्तांतरित हो चुकी है। फायर स्टेशन के निर्माण के लिए जल्द ही डीपीआर बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
- राजेन्द्र सिंह खाती, सीएफएसओ श्रीनगर गढ़वाल।
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सतपुली/कोटद्वार। ग्रीष्मकाल शुरू हो चुका है। अग्निकांडों से बचाव के लिए अग्निशमन विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा। दरअसल कई विकासखंडों के केंद्र बिंदु सतपुली में प्रस्तावित फायर स्टेशन की प्रक्रिया भूमि हस्तांतरण से आगे नहीं बढ़ पाई है। दो वर्ष से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन अब तक डीपीआर भी तैयार नहीं हो पाई है।
सतपुली द्वारीखाल, कल्जीखाल, एकेश्वर, जयहरीखाल, पोखड़ा और बीरोंखाल ब्लॉक का मुख्य बाजार है। आग लगने के दौरान स्थानीय स्तर पर फायर स्टेशन नहीं होने से सतपुली बाजार और आसपास के पर्वतीय क्षेत्र के ग्रामीणों को कोटद्वार और पौड़ी स्थित फायर स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
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सतपुली से दोनों ही फायर स्टेशनों की दूरी अधिक होने के कारण इससे सटे पर्वतीय क्षेत्र में अग्निकांड होने की दशा में ग्रामीणों को क्षति उठानी पड़ती है। जब तक दोनों फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां पहुंचती हैं तब तक सब कुछ राख हो चुका होता है। मार्च, 2024 को सतपुली बाजार में हुए अग्निकांड में यही देखा गया था।
घटना के करीब दो घंटे बाद कोटद्वार और पौड़ी से दमकल की गाड़ियां पहुंची थी लेकिन तब तक 12 खोखे जल चुके थे। व्यापार मंडल के अध्यक्ष जयदीप नेगी, विकास रावत, पातीराम, मनीष रौतेला, विक्रम सिंह आदि का कहना है कि वह वर्षों से सतपुली में फायर स्टेशन बनाने की मांग करते आ रहे है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सतपुली में फायर स्टेशन बनाने की मांग दोहराई है।
क्या हुए प्रयास
सतपुली के पास पौड़ी हाईवे से सटे मलेठी गांव में पूर्व में एक एकड़ भूमि चिह्नित की गई थी। दो साल पहले यह भूमि विभाग को हस्तांतरित हो चुकी है। मामला भूमि चयन से आगे नहीं बढ़ पाया है। अभी तक विभाग द्वारा डीपीआर भी तैयार नहीं की गई है।
मलेठी गांव में फायर स्टेशन के लिए चयनित एक एकड़ भूमि विभाग के नाम हस्तांतरित हो चुकी है। फायर स्टेशन के निर्माण के लिए जल्द ही डीपीआर बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
- राजेन्द्र सिंह खाती, सीएफएसओ श्रीनगर गढ़वाल।
