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Kotdwar News: 22 घंटों से 99 ग्राम पंचायतों में बिजली गुल
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 31 May 2026 06:20 PM IST
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जनरेटर से काम चला रहे व्यापारी, ग्रामीणों को भी झेलनी पड़ रही है परेशानी
कोटद्वार। तीन दिन से रुक-रुककर जारी आंधी-बारिश के कारण ऊर्जा निगम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। द्वारीखाल ब्लॉक के मस्टखाल सब-स्टेशन से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण 99 ग्राम पंचायतों में 22 घंटे से अधिक समय तक अंधेरा पसरा रहा। रविवार दोपहर तक निगम केवल 35 फीसदी क्षेत्र में ही बिजली आपूर्ति बहाल कर सका।
शुक्रवार रात शुरू हुई तेज बारिश और आंधी से कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। सबसे अधिक असर मस्टखाल विद्युत सब-स्टेशन क्षेत्र पर पड़ा। ऊर्जा निगम ने किसी तरह बिजली की आपूर्ति सुचारू की लेकिन शनिवार शाम को फिर एक बार आंधी-बारिश से चैलूसैंण से धारी तक कई गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही।
सिलोगी के व्यापारी राजेश्वर सेमवाल, संग्राम सिंह, सोहन बलूनी, चंद्रमोहन सिंह नेगी ने बताया कि बिजली नहीं होने से कारोबार प्रभावित हुआ और रविवार को भी जनरेटर के सहारे काम चलाना पड़ा। उधर, यमकेश्वर ब्लॉक के कस्याली विद्युत सब-स्टेशन के किमसार फीडर क्षेत्र में भी करीब 15 फीसदी हिस्से में बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं, दुगड्डा ब्लॉक के जौरासी गांव में 11 केवी लाइन का एक फेस लो-वोल्टेज से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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मस्टखाल फीडर शनिवार शाम से रविवार दोपहर तक बंद रहा। क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत के लिए श्रमिक लगातार कार्य कर रहे हैं। देर शाम तक सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
- रवि अरोड़ा, एसडीओ (हिल) ऊर्जा निगम कोटद्वार।
कोटद्वार। तीन दिन से रुक-रुककर जारी आंधी-बारिश के कारण ऊर्जा निगम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। द्वारीखाल ब्लॉक के मस्टखाल सब-स्टेशन से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण 99 ग्राम पंचायतों में 22 घंटे से अधिक समय तक अंधेरा पसरा रहा। रविवार दोपहर तक निगम केवल 35 फीसदी क्षेत्र में ही बिजली आपूर्ति बहाल कर सका।
शुक्रवार रात शुरू हुई तेज बारिश और आंधी से कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। सबसे अधिक असर मस्टखाल विद्युत सब-स्टेशन क्षेत्र पर पड़ा। ऊर्जा निगम ने किसी तरह बिजली की आपूर्ति सुचारू की लेकिन शनिवार शाम को फिर एक बार आंधी-बारिश से चैलूसैंण से धारी तक कई गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही।
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सिलोगी के व्यापारी राजेश्वर सेमवाल, संग्राम सिंह, सोहन बलूनी, चंद्रमोहन सिंह नेगी ने बताया कि बिजली नहीं होने से कारोबार प्रभावित हुआ और रविवार को भी जनरेटर के सहारे काम चलाना पड़ा। उधर, यमकेश्वर ब्लॉक के कस्याली विद्युत सब-स्टेशन के किमसार फीडर क्षेत्र में भी करीब 15 फीसदी हिस्से में बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं, दुगड्डा ब्लॉक के जौरासी गांव में 11 केवी लाइन का एक फेस लो-वोल्टेज से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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- रवि अरोड़ा, एसडीओ (हिल) ऊर्जा निगम कोटद्वार।