{"_id":"69a594559133aa4f39050c77","slug":"indias-sulabha-to-be-international-jury-for-delphic-youth-art-competition-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-122097-2026-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: डेल्फिक यूथ आर्ट प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय जूरी होंगी भारत की सुलभा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: डेल्फिक यूथ आर्ट प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय जूरी होंगी भारत की सुलभा
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 02 Mar 2026 07:14 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
किर्गिस्तान के बिश्केक में होगा आयोजन, 20 देशों के प्रतिभागी करेंगे कला का प्रदर्शन
कोटद्वार। काशीरामपुर मल्ला निवासी आर्टिस्ट सुलभा जोशी का चयन अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित डेल्फिक यूथ आर्ट प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय जूरी सदस्य के रूप में हुआ है। यह प्रतिष्ठित आयोजन बिश्केक किर्गिस्तान में होगा। इसमें 20 देशों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। चयनित अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ जूरी पैनल में रहकर मूल्यांकन करेंगे। सुलभा जोशी का जूरी सदस्य के रूप में चयन महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
सुलभा जोशी वर्ष 2024 में पायथियन एवं डेल्फिक सांस्कृतिक आंदोलन से जुड़ीं। इस अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मंच की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। हालांकि सुलभा जोशी का कला सफर इससे कहीं पहले शुरू हो चुका था। मात्र 22 वर्ष की आयु से ही वे कला क्षेत्र में सक्रिय रही है। उन्होंने भारत के विभिन्न हिस्सों में आर्ट प्रदर्शनी आयोजित कर सोलो शो प्रस्तुत किए।
सुलभ जोशी की कला अभिव्यक्ति भारतीय परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन दृष्टिकोण का सुंदर संगम मानी जाती है। उन्होंने वर्ष 2000 में स्थापित मॉडर्न गेम्स सोसायटी ट्रस्ट के साथ कार्य करते हुए सचिव के रूप में योगदान दिया। 2024 में वह जनरल सेक्रेटरी (आर्ट्स कैटेगरी) बनीं। दिसंबर 2025 में डायरेक्टर ऑफ आर्ट्स पद पर पदोन्नत हुईं। 20 देशों की भागीदारी वाले इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर जूरी सदस्य के रूप में सुलभा का चयन भारत की बढ़ती सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक कला मंच पर प्रभाव का जीवंत उदाहरण है।
Trending Videos
कोटद्वार। काशीरामपुर मल्ला निवासी आर्टिस्ट सुलभा जोशी का चयन अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित डेल्फिक यूथ आर्ट प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय जूरी सदस्य के रूप में हुआ है। यह प्रतिष्ठित आयोजन बिश्केक किर्गिस्तान में होगा। इसमें 20 देशों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। चयनित अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ जूरी पैनल में रहकर मूल्यांकन करेंगे। सुलभा जोशी का जूरी सदस्य के रूप में चयन महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
सुलभा जोशी वर्ष 2024 में पायथियन एवं डेल्फिक सांस्कृतिक आंदोलन से जुड़ीं। इस अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मंच की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी। हालांकि सुलभा जोशी का कला सफर इससे कहीं पहले शुरू हो चुका था। मात्र 22 वर्ष की आयु से ही वे कला क्षेत्र में सक्रिय रही है। उन्होंने भारत के विभिन्न हिस्सों में आर्ट प्रदर्शनी आयोजित कर सोलो शो प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुलभ जोशी की कला अभिव्यक्ति भारतीय परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन दृष्टिकोण का सुंदर संगम मानी जाती है। उन्होंने वर्ष 2000 में स्थापित मॉडर्न गेम्स सोसायटी ट्रस्ट के साथ कार्य करते हुए सचिव के रूप में योगदान दिया। 2024 में वह जनरल सेक्रेटरी (आर्ट्स कैटेगरी) बनीं। दिसंबर 2025 में डायरेक्टर ऑफ आर्ट्स पद पर पदोन्नत हुईं। 20 देशों की भागीदारी वाले इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर जूरी सदस्य के रूप में सुलभा का चयन भारत की बढ़ती सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक कला मंच पर प्रभाव का जीवंत उदाहरण है।