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Kotdwar News: महाविद्यालय की दान भूमि पर अतिक्रमण का मामला गरमाया
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 03 Jun 2026 05:19 PM IST
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कॉलेज प्रशासन ने की उच्च शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर जांच समिति गठित करने की मांग
जयहरीखाल। भक्त दर्शन पीजी कॉलेज की स्थापना के लिए ग्रामीणों की ओर से दान में दी गई भूमि पर अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ने लगा है। महाविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए उच्च शिक्षा विभाग से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर जांच समिति गठित करने का अनुरोध किया गया है।
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार वर्ष 1992 में ग्राम सभा स्यालगांव मल्ला, पट्टी लंगूर पल्ला, तहसील लैंसडौन के 14 ग्रामीणों ने क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विकास के उद्देश्य से करीब 184 नाली भूमि महाविद्यालय स्थापना के लिए दान स्वरूप उपलब्ध कराई थी। इसी भूमि पर भवन निर्माण के बाद वर्ष 2004 से भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का संचालन किया जा रहा है।
महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि तत्कालीन जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं राजस्व अधिकारियों द्वारा अभिलेखों और मौखिक जानकारी के आधार पर महाविद्यालय को गुमखाल-कोटद्वार मोटर मार्ग के ऊपर और गुमखाल-लैंसडौन मोटर मार्ग के नीचे स्थित भूमि आवंटित की गई थी। पिछले 34 वर्षों से महाविद्यालय उक्त भूमि का उपयोग और संरक्षण करता आ रहा है।
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उन्होंने कहा कि अप्रैल 2026 में एक बाहरी व्यक्ति ने उक्त भूमि पर खोदाई कार्य शुरू कर दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए महाविद्यालय प्रशासन ने उच्च शिक्षा निदेशक से पूरे प्रकरण की जांच के लिए समिति गठित करने और दान भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। स्थानीय लोगों एवं पीटीए सदस्य प्रकाश असवाल का कहना है कि यह भूमि क्षेत्र में उच्च शिक्षा की स्थापना और विकास से जुड़ी हुई है। प्राचार्य प्रो. लवनी रानी राजवंशी ने बताया कि भूमि विवाद के संबंध में उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
जयहरीखाल। भक्त दर्शन पीजी कॉलेज की स्थापना के लिए ग्रामीणों की ओर से दान में दी गई भूमि पर अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ने लगा है। महाविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए उच्च शिक्षा विभाग से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर जांच समिति गठित करने का अनुरोध किया गया है।
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार वर्ष 1992 में ग्राम सभा स्यालगांव मल्ला, पट्टी लंगूर पल्ला, तहसील लैंसडौन के 14 ग्रामीणों ने क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विकास के उद्देश्य से करीब 184 नाली भूमि महाविद्यालय स्थापना के लिए दान स्वरूप उपलब्ध कराई थी। इसी भूमि पर भवन निर्माण के बाद वर्ष 2004 से भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का संचालन किया जा रहा है।
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महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि तत्कालीन जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं राजस्व अधिकारियों द्वारा अभिलेखों और मौखिक जानकारी के आधार पर महाविद्यालय को गुमखाल-कोटद्वार मोटर मार्ग के ऊपर और गुमखाल-लैंसडौन मोटर मार्ग के नीचे स्थित भूमि आवंटित की गई थी। पिछले 34 वर्षों से महाविद्यालय उक्त भूमि का उपयोग और संरक्षण करता आ रहा है।
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