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Kotdwar News: पिरूल संग्रहण से संवरेगी पहाड़ की तस्वीर, वनाग्नि पर लगेगा अंकुश
Wed, 24 Jun 2026 07:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 24 Jun 2026 07:40 PM IST
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हंस फाउंडेशन ने किया 76 टन से अधिक पिरूल एकत्र, ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार
सतपुली। द हंस फाउंडेशन और वन विभाग की संयुक्त परियोजना के तहत जयहरीखाल विकासखंड में पिरूल संग्रहण का कार्य चल रहा है। इस पहल से ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है और वनाग्नि की घटनाओं पर भी अंकुश लग रहा है। अब तक 76 टन से अधिक पिरूल एकत्र किया जा चुका है।
हंस फाउंडेशन के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक पुरुषोत्तम प्रसाद थपलियाल ने बताया कि उत्तराखंड सरकार की पिरूल लाओ, पैसे पाओ योजना महत्वपूर्ण है। यह योजना महिलाओं की आजीविका को मजबूत कर रही है और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ रही है। परियोजना वनाग्नि शमन एवं रोकथाम परियोजना का हिस्सा है।
इसमें चयनित वॉलंटियर फायर फाइटर्स और हंस वन अग्नि प्रबंधन समितियां सक्रिय रूप से शामिल हैं। जयहरीखाल विकासखंड के कई गांवों में ग्रामीण पिरूल का संग्रहण कर रहे हैं। यह कार्य वन विभाग के निर्देशन में किया जा रहा है। संग्रहित पिरूल को सतपुली स्थित मलेठी गांव के डंपिंग जोन में भंडारित किया जा रहा है। परियोजना के सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट (एसएमई) संजय बजवाल ने वनों के प्रति समाज की सोच बदलने की आवश्यकता बताई। फाउंडेशन की ओर से रेखा देवी, ममता देवी और रुचि देवी इसमें शामिल हैं। वन विभाग से वन क्षेत्राधिकारी बहुगुणा, कुलदीप, वन दरोगा रमेश गुसाईं और राकेश बेदवाल निगरानी कर रहे हैं।
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सतपुली। द हंस फाउंडेशन और वन विभाग की संयुक्त परियोजना के तहत जयहरीखाल विकासखंड में पिरूल संग्रहण का कार्य चल रहा है। इस पहल से ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है और वनाग्नि की घटनाओं पर भी अंकुश लग रहा है। अब तक 76 टन से अधिक पिरूल एकत्र किया जा चुका है।
हंस फाउंडेशन के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक पुरुषोत्तम प्रसाद थपलियाल ने बताया कि उत्तराखंड सरकार की पिरूल लाओ, पैसे पाओ योजना महत्वपूर्ण है। यह योजना महिलाओं की आजीविका को मजबूत कर रही है और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ रही है। परियोजना वनाग्नि शमन एवं रोकथाम परियोजना का हिस्सा है।
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इसमें चयनित वॉलंटियर फायर फाइटर्स और हंस वन अग्नि प्रबंधन समितियां सक्रिय रूप से शामिल हैं। जयहरीखाल विकासखंड के कई गांवों में ग्रामीण पिरूल का संग्रहण कर रहे हैं। यह कार्य वन विभाग के निर्देशन में किया जा रहा है। संग्रहित पिरूल को सतपुली स्थित मलेठी गांव के डंपिंग जोन में भंडारित किया जा रहा है। परियोजना के सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट (एसएमई) संजय बजवाल ने वनों के प्रति समाज की सोच बदलने की आवश्यकता बताई। फाउंडेशन की ओर से रेखा देवी, ममता देवी और रुचि देवी इसमें शामिल हैं। वन विभाग से वन क्षेत्राधिकारी बहुगुणा, कुलदीप, वन दरोगा रमेश गुसाईं और राकेश बेदवाल निगरानी कर रहे हैं।
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