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Kotdwar News: हल्दूखाता ट्रंचिंग ग्राउंड पर बढ़ा विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 04 Jun 2026 04:47 PM IST
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निर्माण कार्य अधर में लटकने के आसार
स्वच्छ भारत मिशन के तहत 13.5 करोड़ की लागत से प्रस्तावित है ट्रंचिंग ग्राउंड
कोटद्वार। हल्दूखाता में करीब 13.5 करोड़ की लागत से प्रस्तावित ट्रंचिंग ग्राउंड के निर्माण का स्थानीय लोगों ने विरोध तेज कर दिया है जिससे परियोजना का कार्य अधर में लटकने के आसार हैं।
नगर निगम क्षेत्र का कूड़ा वर्षों से गाड़ीघाट झूलाबस्ती स्थित पुराने ट्रंचिंग ग्राउंड में डंप किया जा रहा है। अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय आवंटित इस स्थल पर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने से कूड़े के ढेर लग गए थे। वर्ष 2017 में नगर निगम गठन के बाद 40 वार्डों का कूड़ा पहुंचने लगा जिससे समस्या और गंभीर हो गई।
कूड़ा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था नहीं होने पर वर्ष 2019 में मामले को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में उठाया गया। इसके बाद प्रशासन ने ट्रंचिंग ग्राउंड विकसित करने का आश्वासन दिया था। शासन ने मार्च 2021 में हल्दूखाता में 0.998 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण को सैद्धांतिक मंजूरी दी लेकिन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने में चार वर्ष से अधिक समय लग गया।
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पिछले वर्ष भूमि मिलने के बाद दोबारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया गया। हालांकि इस बीच नगर निगम की ओर से ट्रोमल मशीन की खरीद कर पुराने ट्रंचिंग ग्राउंड से कूड़े का निस्तारण भी कर दिया गया। कंचनपुरी निवासी प्रमोद रावत समेत स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल के आसपास घनी आबादी, शिक्षण संस्थान और अन्य सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थान हैं। आरोप है कि ट्रंचिंग ग्राउंड बनने से दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या पैदा होगी।
पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि 15 जून, 2023 को हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए अविभाजित यूपी की सीवर फार्म वाली भूमि का चयन किया गया था। इसमें उत्तराखंड सरकार को यूपी सरकार से कोटद्वार के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट और कूड़ा निस्तारण के लिए भूमि दिलाने के लिए वार्ता एवं पत्राचार कर भूमि दिलवाए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया था लेकिन इस पर काम ही नहीं हुआ।
शासन की ओर से ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए हल्दूखाता में वन भूमि उपलब्ध कराई गई है। यहीं पर ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने की योजना है। वर्तमान में ट्रंचिंग ग्राउंड की भूमि की चाहरदीवारी के निर्माण का कार्य चल रहा है। स्थानीय विरोध को देखते हुए फिलहाल निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों से वार्ता कर समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-पीएल शाह, नगर आयुक्त नगर निगम कोटद्वार
स्वच्छ भारत मिशन के तहत 13.5 करोड़ की लागत से प्रस्तावित है ट्रंचिंग ग्राउंड
कोटद्वार। हल्दूखाता में करीब 13.5 करोड़ की लागत से प्रस्तावित ट्रंचिंग ग्राउंड के निर्माण का स्थानीय लोगों ने विरोध तेज कर दिया है जिससे परियोजना का कार्य अधर में लटकने के आसार हैं।
नगर निगम क्षेत्र का कूड़ा वर्षों से गाड़ीघाट झूलाबस्ती स्थित पुराने ट्रंचिंग ग्राउंड में डंप किया जा रहा है। अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय आवंटित इस स्थल पर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था न होने से कूड़े के ढेर लग गए थे। वर्ष 2017 में नगर निगम गठन के बाद 40 वार्डों का कूड़ा पहुंचने लगा जिससे समस्या और गंभीर हो गई।
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कूड़ा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था नहीं होने पर वर्ष 2019 में मामले को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में उठाया गया। इसके बाद प्रशासन ने ट्रंचिंग ग्राउंड विकसित करने का आश्वासन दिया था। शासन ने मार्च 2021 में हल्दूखाता में 0.998 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण को सैद्धांतिक मंजूरी दी लेकिन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने में चार वर्ष से अधिक समय लग गया।
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पिछले वर्ष भूमि मिलने के बाद दोबारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया गया। हालांकि इस बीच नगर निगम की ओर से ट्रोमल मशीन की खरीद कर पुराने ट्रंचिंग ग्राउंड से कूड़े का निस्तारण भी कर दिया गया। कंचनपुरी निवासी प्रमोद रावत समेत स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल के आसपास घनी आबादी, शिक्षण संस्थान और अन्य सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थान हैं। आरोप है कि ट्रंचिंग ग्राउंड बनने से दुर्गंध और प्रदूषण की समस्या पैदा होगी।
पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि 15 जून, 2023 को हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए अविभाजित यूपी की सीवर फार्म वाली भूमि का चयन किया गया था। इसमें उत्तराखंड सरकार को यूपी सरकार से कोटद्वार के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट और कूड़ा निस्तारण के लिए भूमि दिलाने के लिए वार्ता एवं पत्राचार कर भूमि दिलवाए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया था लेकिन इस पर काम ही नहीं हुआ।
शासन की ओर से ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए हल्दूखाता में वन भूमि उपलब्ध कराई गई है। यहीं पर ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने की योजना है। वर्तमान में ट्रंचिंग ग्राउंड की भूमि की चाहरदीवारी के निर्माण का कार्य चल रहा है। स्थानीय विरोध को देखते हुए फिलहाल निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों से वार्ता कर समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-पीएल शाह, नगर आयुक्त नगर निगम कोटद्वार