{"_id":"6a1d77ee62332e120d0fdf43","slug":"the-135-crore-namami-gange-sewage-treatment-plant-in-kotdwar-is-taking-shape-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1007-124066-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: कोटद्वार में 135 करोड़ रुपये का नमामि गंगे सीवेज शोधन संयंत्र लेने लगा आकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: कोटद्वार में 135 करोड़ रुपये का नमामि गंगे सीवेज शोधन संयंत्र लेने लगा आकार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 01 Jun 2026 05:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी (पड़ताल)
कोटद्वार। केंद्र सरकार की नमामि गंगे परियोजना के तहत काशीरामपुर तल्ला में 135 करोड़ रुपये की लागत से 21 एमएलडी क्षमता का सीवेज शोधन संयंत्र तेजी से आकार ले रहा है। वर्ष 2023 में स्वीकृत इस परियोजना का निर्माण कार्य पेयजल निगम ऋषिकेश ने पिछले वर्ष अक्तूबर में शुरू किया था और इसके अगले साल तक पूरा होने की उम्मीद है। परियोजना के अंतर्गत काशीरामपुर तल्ला और कौड़िया में दो पंपिंग स्टेशन भी बनाए जा रहे हैं। खोह नदी और पनियाली में गिरने वाले सीवेज को इन स्टेशनों के टैंकों में एकत्र कर शोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। काशीरामपुर तल्ला में संयंत्र, पंपिंग स्टेशन और कर्मचारियों के आवासीय भवन का निर्माण तेजी से चल रहा है, जबकि कौड़िया में पंपिंग स्टेशन का कार्य प्रगति पर है। साथ ही, कुष्ठाश्रम के समीप से संयंत्र तक तथा कौड़िया चौराहे से पंपिंग स्टेशन तक सीवेज लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है।
कोटद्वार की सीवेज समस्या का होगा समाधान
यह परियोजना कोटद्वार शहर की सीवेज से संबंधित बड़ी समस्या को हल करेगी। पहले शहर का सीवेज खोह नदी में बहता था, जो आगे चलकर रामगंगा और फिर गंगा में मिलती है। राज्य गठन के बाद बिजनौर में सीवेज शोधन संयंत्र को लेकर आपत्ति के कारण सीवेज निस्तारण चुनौती बन गया था। इस समस्या को देखते हुए कोटद्वार को नमामि गंगे कार्यक्रम में शामिल किया गया था।
.
यह प्रोजेक्ट अगले साल तक पूरा होना है। निर्माण कार्य प्रगति पर है। काशीरामपुर तल्ला में एसटीपी प्लांट, पंपिंग स्टेशन व आवासीय भवन का निर्माण कार्य 40 फीसदी तक पूरा हो चुका है।
विज्ञापन
-आशीष चमोली, जेई पेयजल निगम ऋषिकेश नमामि गंगे प्रोजेक्ट।
Trending Videos
कोटद्वार। केंद्र सरकार की नमामि गंगे परियोजना के तहत काशीरामपुर तल्ला में 135 करोड़ रुपये की लागत से 21 एमएलडी क्षमता का सीवेज शोधन संयंत्र तेजी से आकार ले रहा है। वर्ष 2023 में स्वीकृत इस परियोजना का निर्माण कार्य पेयजल निगम ऋषिकेश ने पिछले वर्ष अक्तूबर में शुरू किया था और इसके अगले साल तक पूरा होने की उम्मीद है। परियोजना के अंतर्गत काशीरामपुर तल्ला और कौड़िया में दो पंपिंग स्टेशन भी बनाए जा रहे हैं। खोह नदी और पनियाली में गिरने वाले सीवेज को इन स्टेशनों के टैंकों में एकत्र कर शोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। काशीरामपुर तल्ला में संयंत्र, पंपिंग स्टेशन और कर्मचारियों के आवासीय भवन का निर्माण तेजी से चल रहा है, जबकि कौड़िया में पंपिंग स्टेशन का कार्य प्रगति पर है। साथ ही, कुष्ठाश्रम के समीप से संयंत्र तक तथा कौड़िया चौराहे से पंपिंग स्टेशन तक सीवेज लाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है।
कोटद्वार की सीवेज समस्या का होगा समाधान
यह परियोजना कोटद्वार शहर की सीवेज से संबंधित बड़ी समस्या को हल करेगी। पहले शहर का सीवेज खोह नदी में बहता था, जो आगे चलकर रामगंगा और फिर गंगा में मिलती है। राज्य गठन के बाद बिजनौर में सीवेज शोधन संयंत्र को लेकर आपत्ति के कारण सीवेज निस्तारण चुनौती बन गया था। इस समस्या को देखते हुए कोटद्वार को नमामि गंगे कार्यक्रम में शामिल किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
.
यह प्रोजेक्ट अगले साल तक पूरा होना है। निर्माण कार्य प्रगति पर है। काशीरामपुर तल्ला में एसटीपी प्लांट, पंपिंग स्टेशन व आवासीय भवन का निर्माण कार्य 40 फीसदी तक पूरा हो चुका है।
-आशीष चमोली, जेई पेयजल निगम ऋषिकेश नमामि गंगे प्रोजेक्ट।