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Kotdwar News: बारिश ने खोली हाईवे की सुरक्षा दीवार की पोल
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 02 Jun 2026 07:04 PM IST
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कई जगह दीवारें ढही और उनमें पड़ी दरारें, निर्माण की गुणवत्ता पर उठने लगे सवाल
सतपुली। गुमखाल-सतपुली के बीच पौड़ी नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण कार्य में निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। बारिश ने कई स्थानों पर बनाई गई सुरक्षा दीवारों की पोल खोल दी है। क्षेत्र में जगह-जगह सुरक्षा दीवार ढहने और उनमें दरारें पड़ने की घटनाएं सामने आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गुमखाल-सतपुली के बीच पिछले कुछ महीनों के दौरान बनाई गई कई सुरक्षा दीवारें तीन से चार माह के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बरसात के मौसम में भूस्खलन और मलबा आने की आशंका के बीच इन दीवारों की मजबूती को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से क्षतिग्रस्त पुश्तों की जांच कर निर्माण में खामियां छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने, मानसून से पहले आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो बरसात में हाईवे और यात्रियों की सुरक्षा दोनों खतरे में पड़ सकती है।
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कार्यदायी एजेंसी को निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार व क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही सुरक्षा दीवारों की मरम्मत करा ली जाएगी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पांच साल तक अनुरक्षण कार्य की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की है।
- आशीष कुमार सैनी, जेई, एनएच खंड लोनिवि धुमाकोट।
सतपुली। गुमखाल-सतपुली के बीच पौड़ी नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण कार्य में निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। बारिश ने कई स्थानों पर बनाई गई सुरक्षा दीवारों की पोल खोल दी है। क्षेत्र में जगह-जगह सुरक्षा दीवार ढहने और उनमें दरारें पड़ने की घटनाएं सामने आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गुमखाल-सतपुली के बीच पिछले कुछ महीनों के दौरान बनाई गई कई सुरक्षा दीवारें तीन से चार माह के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बरसात के मौसम में भूस्खलन और मलबा आने की आशंका के बीच इन दीवारों की मजबूती को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
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क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से क्षतिग्रस्त पुश्तों की जांच कर निर्माण में खामियां छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने, मानसून से पहले आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो बरसात में हाईवे और यात्रियों की सुरक्षा दोनों खतरे में पड़ सकती है।
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- आशीष कुमार सैनी, जेई, एनएच खंड लोनिवि धुमाकोट।