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Kotdwar News: कागजों में आवंटित जमीन पर कब मिलेगा कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 21 May 2026 06:04 PM IST
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रोड का काम भी शुरू नहीं किया, सीमांकन कार्य भी अधूरा
आंशिक बांध प्रभावितों ने उठाई मांग
नई टिहरी। आंशिक बांध प्रभावित तिवाड़ गांव, मरोड़ा और तल्ला उप्पू के ग्रामीणों को डेढ़ बाद भी आवंटित भूखंड का कब्जा नहीं मिल पाया है जिससे ग्रामीणों में पुनर्वास निदेशालय के प्रति खासी नाराजगी बनी है। उन्होंने आवंटित भूखंड तक शीघ्र सड़क पहुंचाने और कब्जा देने की मांग की है।
टिहरी बांध से आंशिक रूप से प्रभावित ग्रामीणों को अक्तूबर 2024 में गोरण और सिरांई में 163 परिवारों को कृषि भूखंड आवंटित किए गए थे। पुनर्वास निदेशालय ने आवंटित जमीन पर काश्तकार को कब्जा देने के साथ ही भूमि का सीमांकन कर सड़क भी पहुंचानी थी लेकिन जमीन आवंटन करने के एक डेढ़ साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
गांव के पूर्व प्रधान व राज्य आंदोलनकारी नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि बांध प्रभावितों को अभी जमीन केवल कागजों में ही आवंटित की गई है। धरातल पर जमीन कहां पर है, कितनी है काश्तकार को इसका कुछ पता नहीं है। लापरवाही इस कदर है, कि अभी तक सड़क पहुंचाने का कार्य भी शुरू नहीं किया गया है। उन्होंने आवंटित जमीन के लिए सड़क बनाने, जमीन का सीमांकन कर कब्जा देने की मांग की है।
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आंशिक बांध प्रभावित ग्रामीणों को गोरण और सिंराई में समतुल्य जमीन आवंटित की गई है। कुछ क्षेत्र में सीमांकन कर दिया गया है। भूस्वामियों को कब्जा देने की कार्यवाही शीघ्र ही शुरू की जा रही है।
- राकेश थपलियाल, वरिष्ठ प्रबंधक पुनर्वास निदेशालय नई टिहरी।
आंशिक बांध प्रभावितों ने उठाई मांग
नई टिहरी। आंशिक बांध प्रभावित तिवाड़ गांव, मरोड़ा और तल्ला उप्पू के ग्रामीणों को डेढ़ बाद भी आवंटित भूखंड का कब्जा नहीं मिल पाया है जिससे ग्रामीणों में पुनर्वास निदेशालय के प्रति खासी नाराजगी बनी है। उन्होंने आवंटित भूखंड तक शीघ्र सड़क पहुंचाने और कब्जा देने की मांग की है।
टिहरी बांध से आंशिक रूप से प्रभावित ग्रामीणों को अक्तूबर 2024 में गोरण और सिरांई में 163 परिवारों को कृषि भूखंड आवंटित किए गए थे। पुनर्वास निदेशालय ने आवंटित जमीन पर काश्तकार को कब्जा देने के साथ ही भूमि का सीमांकन कर सड़क भी पहुंचानी थी लेकिन जमीन आवंटन करने के एक डेढ़ साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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गांव के पूर्व प्रधान व राज्य आंदोलनकारी नरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि बांध प्रभावितों को अभी जमीन केवल कागजों में ही आवंटित की गई है। धरातल पर जमीन कहां पर है, कितनी है काश्तकार को इसका कुछ पता नहीं है। लापरवाही इस कदर है, कि अभी तक सड़क पहुंचाने का कार्य भी शुरू नहीं किया गया है। उन्होंने आवंटित जमीन के लिए सड़क बनाने, जमीन का सीमांकन कर कब्जा देने की मांग की है।
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- राकेश थपलियाल, वरिष्ठ प्रबंधक पुनर्वास निदेशालय नई टिहरी।