{"_id":"6a7cc426148790e63b04191a","slug":"kharges-rally-heats-up-kumaon-politics-nainital-news-c-8-1-hld1031-815502-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nainital News: खरगे की रैली से गरमाई कुमाऊं की राजनीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nainital News: खरगे की रैली से गरमाई कुमाऊं की राजनीति
Thu, 13 Aug 2026 12:36 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की आठ अगस्त को हल्द्वानी में हुई विजय शंखनाद रैली के बाद कुमाऊं की सियासत अचानक गरमा गई है। रैली के मंच से लेकर उसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और कथित नारों को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप अब सड़क से लेकर कोतवाली तक पहुंच चुके हैं। दोनों दल इस पूरे घटनाक्रम को आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक जमीन तैयार करने के नजरिये से देख रहे हैं।
भाजपा ने रैली के दौरान रामलीला मैदान में अल्लाह हो अकबर जैसे नारे लगाए जाने का आरोप लगाकर कांग्रेस पर हिंदू भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया। इसके विरोध में भाजपाइयों ने कोतवाली में प्रदर्शन भी किया और रामलीला मैदान में शुद्धिकरण हवन-यज्ञ कर गंगाजल का छिड़काव भी किया। भाजपा का यह कदम महज विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसके जरिये पार्टी ने कांग्रेस को हिंदू विरोधी बताने की कोशिश भी तेज कर दी है।
कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। कांग्रेस का दावा है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो एआई से तैयार किया गया है और उसके जरिये पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ता भी कोतवाली पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। पार्टी ने साफ किया है कि वह इस मुद्दे को जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक उठाएगी।-- -
विज्ञापन
दोनों दल आक्रामक
इस पूरे विवाद के पीछे केवल रैली में लगाए गए कथित नारों का मुद्दा नहीं, बल्कि कुमाऊं में बदलते राजनीतिक समीकरण भी दिखाई दे रहे हैं। रैली से पहले जहां कांग्रेस और भाजपा की गतिविधियां अपेक्षाकृत धीमी थीं, वहीं खरगे के कार्यक्रम के बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता आक्रामक मुद्रा में नजर आ रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों पार्टियां इस विवाद के जरिये अपने-अपने समर्थक वर्ग को लामबंद करने और चुनावी माहौल को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही हैं।
-- -
राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे की रैली के बाद भाजपा ने जिस तरह कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश रची है उसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। कांग्रेस जिले से लेकर प्रदेश तक भाजपा की इस कार्यप्रणाली का विरोध करेगी। हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक कांग्रेस को बेवजह बदनाम करने वालों की गिरफ्तारी नहीं होती।
-राहुल छिम्वाल जिलाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी नैनीताल।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हल्द्वानी में हुई रैली पूरी तरह फ्लाॅप रही है। पार्टी ने छोटा मैदान चुना इसके बाद भी भीड़ नहीं जुटी। इससे कांग्रेसी नेता बौखलाए हुए हैं। कांग्रेसी नेताओं में छटपटाहट है। जनता सब देख रही है। जनता विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका जवाब देगी। - प्रताप बिष्ट जिलाध्यक्ष भाजपा नैनीताल।
विज्ञापन
भाजपा ने रैली के दौरान रामलीला मैदान में अल्लाह हो अकबर जैसे नारे लगाए जाने का आरोप लगाकर कांग्रेस पर हिंदू भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया। इसके विरोध में भाजपाइयों ने कोतवाली में प्रदर्शन भी किया और रामलीला मैदान में शुद्धिकरण हवन-यज्ञ कर गंगाजल का छिड़काव भी किया। भाजपा का यह कदम महज विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसके जरिये पार्टी ने कांग्रेस को हिंदू विरोधी बताने की कोशिश भी तेज कर दी है।
विज्ञापन
कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। कांग्रेस का दावा है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो एआई से तैयार किया गया है और उसके जरिये पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ता भी कोतवाली पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। पार्टी ने साफ किया है कि वह इस मुद्दे को जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक उठाएगी।
विज्ञापन
दोनों दल आक्रामक
इस पूरे विवाद के पीछे केवल रैली में लगाए गए कथित नारों का मुद्दा नहीं, बल्कि कुमाऊं में बदलते राजनीतिक समीकरण भी दिखाई दे रहे हैं। रैली से पहले जहां कांग्रेस और भाजपा की गतिविधियां अपेक्षाकृत धीमी थीं, वहीं खरगे के कार्यक्रम के बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता आक्रामक मुद्रा में नजर आ रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों पार्टियां इस विवाद के जरिये अपने-अपने समर्थक वर्ग को लामबंद करने और चुनावी माहौल को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रही हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे की रैली के बाद भाजपा ने जिस तरह कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश रची है उसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। कांग्रेस जिले से लेकर प्रदेश तक भाजपा की इस कार्यप्रणाली का विरोध करेगी। हम तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक कांग्रेस को बेवजह बदनाम करने वालों की गिरफ्तारी नहीं होती।
-राहुल छिम्वाल जिलाध्यक्ष कांग्रेस पार्टी नैनीताल।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की हल्द्वानी में हुई रैली पूरी तरह फ्लाॅप रही है। पार्टी ने छोटा मैदान चुना इसके बाद भी भीड़ नहीं जुटी। इससे कांग्रेसी नेता बौखलाए हुए हैं। कांग्रेसी नेताओं में छटपटाहट है। जनता सब देख रही है। जनता विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका जवाब देगी। - प्रताप बिष्ट जिलाध्यक्ष भाजपा नैनीताल।