Uk: कुमाऊं के 70 वर्ष से अधिक उम्र के अनुभवी विधायक, धामी सरकार के मंत्रिमंडल में जगह बनाने में नाकाम
मंत्रिमंडल विस्तार में इस बार अनुभवी नेताओं को जगह नहीं मिल सकी उनकी जगह अपनी छोटी पारी से प्रभावित करने वाले युवा नेता को मंत्री बनाया गया है।
विस्तार
हल्द्वानी में टी20 विश्वकप जीत के बाद प्रदेश की सियासत का मिजाज भी क्रिकेट नुमा हो गया है। अगले साल होने वाले विधानसभा के बड़े टूर्नामेंट से पहले धामी सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। इस बार लंबे समय से सियासत की पिच पर किसी टेस्ट मैच के खिलाड़ी की तरह टिके अनुभवी राजनेताओं को टीम में जगह नहीं मिली है। उनकी जगह अपनी छोटी पारी से प्रभावित करने वाले युवा नेता को मंत्री बनाया गया है। इससे साफ है कि पार्टी अब भविष्य के सियासतदान तैयार करने की मंशा है। ऐसे में अनुभवी राजनेताओं का मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होना उनके रिटायरमेंट के संकेत दे रहे हैं।
बंशीधर भगत... सात बार के विधायक भगत ने वर्ष 1991 से 2022 तक लंबी सियासी पारी खेली है। 2002 में मिली शिकस्त को छोड़ दिया जाए तो भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में रिकॉर्ड बेहद शानदार है। इसी कारण पूर्व में उन्हें भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन उम्र के 76 वसंत देख चुके भगत इस बार टीम में जगह बनाने में नाकामयाब रहे।
बिशन सिंह चुफाल... विधानसभा चुनाव में जीत की डबल हैट्रिक बिशन सिंह चुफाल की निरंतरता की गवाही देती है। 1996 से डीडीहाट सीट पर अडिग खड़े 75 वर्षीय चुफाल कभी चुनाव नहीं हारे। राजनीतिक परिस्थितियां कैसी भी हों विपक्ष उनका विकेट गिराने में नाकामयाब रहा। इसके बावजूद उनका मंत्री नहीं बनना बताता है कि चयनकर्ता अब फॉर्मेट बदलने के मूड में हैं।
दीवान सिंह बिष्ट... रामनगर से तीन बार के विधायक दीवान सिंह बिष्ट भाजपा के के लिए भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज की तरह हैं। उन्होंने बीस वर्षों में समय-समय पर अपनी उपयोगिता साबित की है। शांत स्वभाव के लिए जाने जाने वाले 71 वर्षीय दीवान सिंह की उम्र भी धामी सरकार के मंत्रिमंडल में उनके चयन के राह में बाधा बन गई।
टीम का नया चेहरा... राम सिंह कैड़ा
छात्रसंघ से सक्रिय राजनीति तक का सफर करने वाले विधायक राम सिंह कैड़ा की धामी की टीम के नए खिलाड़ी हैं। साल 2017 में कैड़ा पहली बार विधायक (निर्दलीय) बने। साल 2022 में भाजपा के टिकट पर उन्होंने जीत दर्ज की। उनके चयन से स्पष्ट है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी मैनेजमेंट युवाओं पर ज्यादा भरोसा जताने वाली है।