Uttarakhand: पुलिस की नाक के नीचे से 'लापता' हुए कुमाऊं के अपराधी, सात सौ हिस्ट्रीशीटरों में से 84 लापता
कुमाऊं में 700 से अधिक हिस्ट्रीशीटरों में से 84 की लोकेशन अज्ञात होने से पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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आदतन कानून तोड़ने वालों पर शिकंजा कसने के लिए कुमाऊं में सात सौ से ज्यादा अपराधियों को हिस्ट्रीशीटर के दायरे में लाया गया लेकिन इनकी निगरानी में पुलिस फिसड्डी निकली। कुल हिस्ट्रीशीटरों में से 10.72 प्रतिशत लापता हो गए। इनकी संख्या तो रिकॉर्ड में दर्ज है लेकिन ये इस वक्त कहां हैं इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
मंडल के सभी छह जिलों में दिसंबर 2025 तक पुलिस ने अपराध पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से कई बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोली। कुमाऊं के कुल हिस्ट्रीशीटरों में सबसे ज्यादा 482 ऊधमसिंह नगर में निकले। नैनीताल में 156, पिथौरागढ़ में 56, चंपावत में 41 और अल्मोड़ा व बागेश्वर में 24-24 हिस्ट्रीशीटर हैं। इनमें से 84 हिस्ट्रीशीटरों की लोकेशन की जानकारी पुलिस को नहीं है।
कहां से कितने हिस्ट्रीशीटर गायब
ऊधमसिंह नगर -39
नैनीताल -29
अल्मोड़ा -04
पिथौरागढ़ -05
चंपावत -04
बागेश्वर -03
जेल में हैं 75
कुमाऊं के कुल हिस्ट्रीशीटरों में से 75 इस समय जेल में हैं। इसमें ऊधमसिंह नगर के 40 हिस्ट्रीशीटर शामिल हैं। इसके अलावा चंपावत के 13, नैनीताल के 11, पिथौरागढ़ के छह, बागेश्वर का एक और अल्मोड़ा के चार हिस्ट्रीशीटर सलाखों के पीछे हैं।
कुमाऊं के हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी का आदेश जनपद प्रभारियों को दिया गया है। सभी थाना पुलिस अपने-अपने क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर पर नजर रखें। इसके साथ ही जो हिस्ट्रीशीटर इस समय गायब हैं उनके यहां जाकर परिवार वालों से जानकारी लेते हुए इसे अपडेट करें। अपराध की रोकथाम ही मुख्य उद्देश्य है। इससे समझौता नहीं किया जाएगा। - रिद्धिम अग्रवाल, आईजी कुमाऊं