UK: सुविधा के नाम पर बेहाली...टपकती रोडवेज बसों में भीग रहे यात्री, डिपो के जर्जर भवन में काम कर रहे कर्मचारी
अमर उजाला की पड़ताल में हल्द्वानी, काठगोदाम समेत अन्य डिपो की रोडवेज बसों की बुरी हालत सामने आई है। बारिश में यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के दावों के बावजूद बसों की छतें टपक रही हैं और खिड़कियां जाम हैं, जिससे यात्री भीग रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरसात शुरू होते ही यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के दावे करने वाले परिवहन निगम की बसों की हकीकत सामने आ गई। हल्द्वानी और काठगोदाम समेत अन्य डिपो की बसों में सवार यात्री टपकती छत से परेशान हैं। यही नहीं रोडवेज बस अड्डे के जर्जर हो चुके भवन में कर्मचारी जान हथेली पर रखकर काम कर रहे हैं। शुक्रवार को अमर उजाला की पड़ताल में सामान्य बसों की स्थिति खराब निकली। कुछ में खिड़कियों के शीशे ऐसे जाम थे कि यात्री चाहकर भी उन्हें बंद नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में बारिश का पानी सवारियों को भिगो रहा था।
केस-1
टनकपुर रवाना होने वाली भवाली डिपो की बस में सवार यात्रियों ने बताया कि छत से कई जगह पानी टपक रहा है। सीटें गीली होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
केस-2
हल्द्वानी डिपो की जंगलियागांव जाने वाली बस में सवार यात्रियों ने भी छत से पानी रिसने की शिकायत की। इस बस में यात्रियों की ही नहीं बल्कि कंडक्टर की सीट भी गीली थी।
केस-3
भवाली डिपो की बस की खिड़कियों में शीशे तो थे लेकिन कुछ इस कदर जाम थे कि यात्री उन्हें बंद नहीं कर पा रहे थे। शीशा बंद न होने से बारिश की बौछार भीतर तक पहुंच रही है।
केस-4
हल्द्वानी बस अड्डे का मुख्य भवन जर्जर हो गया है। पूछताछ और टिकट काउंटर कक्ष में चारों तरफ सीलन थी। हाल ऐसे हैं कि यदि कोई कर्मचारी लगातार इस कक्ष में ड्यूटी करे तो वह बीमार पड़ जाए। जर्जर हो चुकी छत से टपक रहे पानी को रोकने के लिए उल्टी छत में प्लास्टिक की पन्नी लगाई है।
केस-5
सीढ़ियों के पास स्थित कमरे का फर्श पानी में डूबा हुआ था। छत का प्लास्टर कई जगह से उखड़कर गिर चुका था। लिंटर की सरिया साफ नजर आ रही थी। यहां मेज पर बिछाए कपड़े पानी से तर थे जबकि कंप्यूटरों को बचाने के लिए उनके ऊपर प्लास्टिक की पन्नी डाली गई है।
मुख्य भवन के संबंध में निगम के उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है। यहां नमो भवन प्रस्तावित है। इस भवन को ध्वस्त किया जाना है। फिलहाल जहां-जहां खामियां हैं उन्हें दूर कराया जाएगा। बसों में किसी तरह की दिक्कतें होंगी तो उन्हें भी ठीक कराया जाएगा। - संजय पांडे एआरएम हल्द्वानी डिपो