Uttarakhand: रामनगर को जाम से मुक्ति...27 किमी बाईपास को हरी झंडी, काशीपुर-हल्द्वानी सीधे जुड़ेंगे
रामनगर में जाम की समस्या को दूर करने के लिए 27 किलोमीटर लंबे बाईपास की योजना बनाई गई है। इसके बनने से काशीपुर, मुरादाबाद और हल्द्वानी की ओर जाने वाले वाहन बिना शहर में प्रवेश किए सीधे गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
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पर्यटन नगरी रामनगर में बीते कई वर्षों से जाम की समस्या झेल रहे लोगों को जल्द ही राहत दिलाने के लिए बाईपास योजना तैयार की गई है। प्रस्तावित 27 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण के बाद काशीपुर, मुरादाबाद और हल्द्वानी की ओर आवाजाही करने वाले लोग बिना शहर में प्रवेश किए अपने गंतव्यों को जा सकेंगे। हल्द्वानी से काशीपुर जाने वाले लोग बैलगढ़ होते हुए निकल जाएंगे जबकि हल्द्वानी से पहाड़ जाने के लिए भंडारपानी से गर्जिया मार्ग से निकलेंगे।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व समेत कई पर्यटन स्थल होने के चलते बीते कई वर्षों में रामनगर के भीतर जाम की स्थिति बढ़ गई है। इससे लोगों को कई-कई घंटे जाम में फंसा रहना पड़ता है। इसे देखते हुए लोनिवि और एनएच ने रामनगर को बाईपास करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। इससे काशीपुर, हल्द्वानी और पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले लोग सीधा गंतव्यों को जा सकेंगे। ऐसे में शहर में जाम की स्थिति नहीं बनेगी।
ये है मास्टर प्लान
बाईपास के लिए काशीपुर से चिल्किया तक फोरलेन का निर्माण पहले से चल रहा है। इसके आगे चिल्किया से नया मार्ग जस्सागांजा, शंकरपुर, बैलगढ़ और भंडारपानी मार्ग होते हुए गर्जिया मंदिर के पास एनएच-309 से जुड़ेगा और वहां से मोहान तक जाएगा।
कोसी नदी पर बनेंगे दो पुल
इस परियोजना में कोसी नदी पर दो नए पुल भी बनाए जाएंगे। पहला पुल शंकरपुर क्षेत्र से श्मशान घाट मार्ग के पास कोसी नदी पर प्रस्तावित है जो बैलगढ़ से भंडारपानी की ओर बढ़ेगा। दूसरा पुल गर्जिया मंदिर के समीप कोसी नदी पर बनाया जाएगा। यहां से सड़क सीधे एनएच-309 से जुड़ते हुए मोहान तक पहुंचेगी।
रामनगर में जाम की समस्या को देखते हुए संबंधित विभाग से मास्टर प्लान तैयार कराया गया है। जल्द ही मास्टर प्लान को धरातल पर उतारकर रामनगर को बाईपास किया जाएगा। इससे शहर में जाम की समस्या से लोगों को निजात मिलेगी। -अजय टम्टा, राज्य मंत्री, केंद्रीय सड़क राज्य मंत्री