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Nainital News: स्वयं पर भरोसा जीवन की सबसे बड़ी सीख
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नैनीताल। कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर में आयोजित दो दिवसीय जीवन कौशल कार्यशाला के दूसरे दिन विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, आंतरिक शांति और सकारात्मक जीवन शैली के बारे में बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वयं पर भरोसा रखना जीवन की सबसे बड़ी सीख है।
इस विशेष सत्र की मुख्य वक्ता सोबन सिंह जीना विवि अल्मोड़ा के मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मधुलता नयाल रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को छिपे हुए भावनात्मक बोझ को पहचानने, क्रोध प्रबंधन और बचपन के भावनात्मक उपचार के प्रति जागरूक किया।
दूसरे सत्र में बस में यात्री नामक रोल-प्ले गतिविधि आयोजित की गई जिसमें छात्रों ने प्रकृति, मित्र, समाज और परिवार जैसी भूमिकाएं निभाईं। इसके अतिरिक्त अवसाद और संज्ञानात्मक मन के बीच रस्साकशी के माध्यम से मानसिक द्वंद्व को दर्शाया गया जिसका समापन रस्सी छोड़ो के सकारात्मक संदेश के साथ हुआ।
कुलसचिव डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल ने कहा कि स्वयं पर भरोसा रखना और सकारात्मक रहना ही जीवन की सबसे बड़ी सीख है। डॉ. ललित तिवारी ने मस्तिष्क को जीवन की कुंजी बताई। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस मौके पर डॉ. नवीन पांडे, डॉ. प्रभा पंत, डॉ. हेम जोशी, डॉ. संदीप मंडोली, डॉ. सीता आदि मौजूद रहीं।
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फोटो- 28एनटीएल05पी-
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इस विशेष सत्र की मुख्य वक्ता सोबन सिंह जीना विवि अल्मोड़ा के मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मधुलता नयाल रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को छिपे हुए भावनात्मक बोझ को पहचानने, क्रोध प्रबंधन और बचपन के भावनात्मक उपचार के प्रति जागरूक किया।
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दूसरे सत्र में बस में यात्री नामक रोल-प्ले गतिविधि आयोजित की गई जिसमें छात्रों ने प्रकृति, मित्र, समाज और परिवार जैसी भूमिकाएं निभाईं। इसके अतिरिक्त अवसाद और संज्ञानात्मक मन के बीच रस्साकशी के माध्यम से मानसिक द्वंद्व को दर्शाया गया जिसका समापन रस्सी छोड़ो के सकारात्मक संदेश के साथ हुआ।
कुलसचिव डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल ने कहा कि स्वयं पर भरोसा रखना और सकारात्मक रहना ही जीवन की सबसे बड़ी सीख है। डॉ. ललित तिवारी ने मस्तिष्क को जीवन की कुंजी बताई। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस मौके पर डॉ. नवीन पांडे, डॉ. प्रभा पंत, डॉ. हेम जोशी, डॉ. संदीप मंडोली, डॉ. सीता आदि मौजूद रहीं।
फोटो- 28एनटीएल05पी-