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High Court: गंगा किनारे हो रहे अवैध खनन मामले की सुनवाई, अगले सप्ताह होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
Published by: गायत्री जोशी
Updated Wed, 11 Feb 2026 01:27 PM IST
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सार
हरिद्वार में गंगा किनारे अवैध खनन मामले में हाईकोर्ट ने जनहित याचिका को अन्य खंडपीठ में सुनवाई के लिए भेजते हुए। अगली तारीख अगले सप्ताह तय की है।
नैनीताल हाईकोर्ट।
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विस्तार
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हरिद्वार में रायवाला से भोगपुर व कुंभ मेला क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे हो रहे अवैध खनन के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के लिए पूर्व में निर्धारित न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी व न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में सुनवाई के लिए भेज दिया है। अब कोर्ट में मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होगी।
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पूर्व में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आदेशों का अनुपालन नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त की थी। कोर्ट ने कहा था कि पूर्व के आदेशों का अनुपालन नहीं करना और स्टोन क्रशरों का संचालन करना कानून का उल्लंघन है। कोर्ट ने हरिद्वार में संचालित 48 स्टोन क्रशरों को तत्काल बंद करने व उनकी बिजली पानी के कनेक्शन काटने के आदेश जिलाधिकारी हरिद्वार व एसएसपी हरिद्वार को दिए थे। साथ ही इसकी एक्शन टेकन रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए थे।
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मामले के अनुसार मातृ सदन हरिद्वार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हरिद्वार में रायवाला से भोगपुर के बीच गंगा नदी में नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। याचिका में कहा कि इससे गंगा नदी के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है। याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई कि गंगा नदी में हो रहे अवैध खनन पर रोक लगाई जाए ताकि गंगा नदी के अस्तित्व को बचाया जा सके। याचिका में कहा कि खनन कुंभ क्षेत्र में भी किया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने गंगा नदी को बचाने के लिए एनएमसीजी बोर्ड गठित किया है। जिसका मुख्य उद्देश्य गंगा को साफ करना व उसके अस्तित्व को बचाए रखना है।एनएमसीजी की ओर से राज्य सरकार को बार बार आदेश दिए गए कि यहां खनन कार्य नहीं किया जाए। उसके बाद भी यहां खनन कार्य करवाया जा रहा है।