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Ramnagar: जब सुरक्षा बन गई खतरा...रामनगर-सीतावनी के बैरियर ने हाथियों की कर दी मुश्किल, बच्चों की आवाजाही ठप

Wed, 08 Jul 2026 11:29 AM IST
Heera अजीत प्रताप गोस्वामी
अजीत प्रताप गोस्वामी Published by: Heera Updated Wed, 08 Jul 2026 11:29 AM IST
सार

रामनगर-सीतावनी मार्ग हाथियों का प्रमुख कॉरिडोर है वहां सड़क सुरक्षा के लिए लगाए गए क्रैश बैरियर हाथियों के लिए मुसीबत बन गए हैं। 

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The Ramnagar-Sitawani barrier created problems for the elephants
हाथी

विस्तार

 

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रामनगर-सीतावनी मार्ग पर सड़क सुरक्षा के लिए लगाए गए क्रैश बैरियर अब हाथियों की आवाजाही में बाधा बनने लगे हैं। इस मार्ग को हाथियों का प्रमुख कॉरिडोर माना जाता है। जगह-जगह लगे क्रैश बैरियर से हाथी अपने बच्चों की सुरक्षा के चलते आगे नहीं बढ़ रहे हैं। इससे हाथियों के लिए नई परेशानी खड़ी हो गई है।
 

हर साल हाथियों के झुंड राजाजी नेशनल पार्क से सीटीआर, रामनगर समेत कई वन प्रभागों में होते हुए नेपाल तक जाते हैं। हाथियों के कॉरिडोर पहले ही मानवीय हस्तक्षेप से बाधित हैं। ऐसे में रामनगर-सीतावनी मार्ग के बीच लगाए गए क्रैश बैरियर हाथियों के विचरण में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इन बैरियरों को बड़े हाथी किसी तरह लांघ लेते हैं, लेकिन बच्चों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इससे कई बार हाथियों का मूवमेंट प्रभावित हो रहा है और वे वैकल्पिक रास्ते तलाशने को मजबूर हो रहे हैं।

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रामनगर-मोहान के बीच हैं हाथियों के दो कॉरिडोर
वन्य जीव विशेषज्ञों के अनुसार हाथी हर दिन करीब 10 से 12 किलोमीटर का सफर तय करता है। पर्याप्त मात्रा में भोजन के लिए हाथी कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से रामनगर वन प्रभाग से होते हुए नेपाल तक की यात्रा करते हैं। इसके लिए सीटीआर से रामनगर वन प्रभाग को जोड़ने के लिए हाथियों के दो प्रमुख कॉरिडोर चिल्किया कोटा, कोसी रिवर शामिल हैं।

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प्रतिक्रिया

जंगल सफारी के दौरान रास्ते में लगाए गए क्रैश बैरियर से हाथियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। संबंधित विभागों से इसको लेकर कई बार वार्ता की जा चुकी है। - दीप मलकानी, अध्यक्ष, नेचर गाइड एसोसिएशन सीतावनी।

 

कई बार वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के दौरान इस तरह के दृश्य सामने आते हैं, जहां हाथियों के झुंड छोटे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए क्रैश बैरियर से आगे नहीं बढ़ते। क्रैश बैरियर से हाथी कॉरिडोर बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। वन्यजीव सुरक्षा की दृष्टि से इन्हें हटाना जरूरी है। - दीप रजवार, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, रामनगर।


 

क्रैश बैरियर से हाथी कॉरिडोर बाधित हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजकर इन बैरियर को हटवाया जाएगा। संबंधित विभाग की ओर से कार्यवाही नहीं होने पर वन विभाग वन्य जीवों की सुरक्षा को देखते हुए इन बैरियर को खुद हटाएगा। - अंकित बडोला, एसडीओ, रामनगर वनप्रभाग।

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