High Court: उत्तराखंड बार काउंसिल चुनाव अंतिम चरण में, 23 उम्मीदवारों का भाग्य आज होगा पेटियों में बंद
नैनीताल में उत्तराखंड बार काउंसिल के 23 सदस्यों के चुनाव का भाग्य का निर्णय आज होगा। चुनाव में बार काउंसिल के 23 पदों के लिए 104 प्रत्याशी मैदान में हैं। इस चुनाव में करीब साढ़े चौदह हजार अधिवक्ता पंजीकृत मतदाता हैं।
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उत्तराखंड बार काउंसिल के लिए 23 सदस्यों के भाग्य का निर्णय आज होगा। चुनाव का जायजा लेने सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष उत्तराखंड हाई कोर्ट के पूर्व एक्टिंग चीफ जस्टिस राजीव शर्मा भी सोमवार को नैनीताल पहुंच गए हैं। चुनाव के लिए राज्य के सभी जिला एवं सिविल न्यायालयों की बार एसोसिएशनों को मतदान केंद्र बनाया गया है। चुनाव में बार काउंसिल के 23 पदों के लिए 104 प्रत्याशी मैदान में हैं। इस चुनाव में करीब साढ़े चौदह हजार अधिवक्ता पंजीकृत मतदाता हैं। सर्वाधिक लगभग पांच हजार मतदाता देहरादून जिले से हैं। चुनाव के लिए शासन ने विभिन्न स्थानों पर एसडीएम और तहसीलदारों को मुख्य मतदान अधिकारी के रूप में कार्य करने की स्वीकृति प्रदान दी है।
20 से होगी काउंटिंग, एक सप्ताह चलने की संभावना
बार काउंसिल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी इलाहबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रामअवतार सिंह की ओर से मतदाता सूची और अन्य आवश्यक सामग्री जिला मुख्यालयों को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि मतदान के बाद सभी सीलबंद मतपत्र और महत्वपूर्ण दस्तावेज विशेष वाहकों के माध्यम से नैनीताल क्लब, नैनीताल भेजे जाएंगे। मतगणना 20 फरवरी से प्रारंभ की जाएगी। संभावना है कि मतगणना लगभग एक सप्ताह तक चले और परिणाम इस माह के अंत तक आएं।
आईडी आवश्यक, सावधानी से डालें वोट
बार काउंसिल के सचिव विजय सिंह अग्रावत ने बताया कि वोट डालने के लिए मतदाताओं की पहचान के रूप में अधिवक्ताओं को राज्य विधिज्ञ परिषद की ओर से जारी परिचय पत्र, पंजीकरण प्रमाण पत्र, सीओपी प्रमाण पत्र या बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से जारी एआईबीई प्रमाण पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। कम से कम पांच वरीयता मत डालने आवश्यक हैं जबकि कुल 23 वरीयता मत डाले जा सकते हैं। वरीयता के लिए केवल अंग्रेजी में 1,2,3 आदि लिखने होंगे। मतदान केंद्र के भीतर मोबाइल फोन ले जाना वर्जित रहेगा। उन्होंने अपील की है कि मत डालने से पहले मतपत्र के पीछे लिखे दिशा निर्देश आवश्य पढ़ लें तथा सावधानी से वोट डालें जिससे वोट इनवैलिड न हो।