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Pauri News: कुलसचिव के साथ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने खुद को कमरे में किया बंद
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Mon, 16 Mar 2026 07:10 PM IST
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फोटो
कुलसचिव कार्यालय के अंदर से जड़ा ताला, पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने, एमएससी कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम शुरू कराने आदि की उठाई मांग
मांगों पर कार्रवाई न होने से गुस्साए एबीवीपी कार्यकर्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। विभिन्न मांगों के संबंध में एबीवीपी श्रीनगर इकाई के कार्यकर्ता मुखर हो गए। उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने के साथ ही विवि में एमएससी कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम शुरू कराने व अन्य मांगों के लिए विवि के अधिकारियों कुलसचिव अनीश-उल-जमा, डीन नियुक्ति एवं पदोन्नति प्रो. एमएस पंवार से वार्ता की। शाम चार बजे बजे तक कोई समाधान न निकलने पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलसचिव कार्यालय का अंदर से ही ताला जड़ दिया। कार्यकर्ताओं के साथ ही विवि के अधिकारी भी घंटों कमरे में बंद रहे। शाम सात बजे तक भी ताला नहीं खुल पाया।
छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट ने कहा कि विवि में शोध के प्रति छात्रों की रुचि बढ़ रही है लेकिन विवि की ओर से नेट, जेआरएफ छात्रों को ही पीएचडी में प्रवेश दिए जाने की बाध्यता से कई योग्य छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित हो जाएंगे। कहा कि विवि को पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने का अधिकार है इसलिए छात्रों के भविष्य को देखते हुए विवि को यह व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने बीएड व एलएलबी में रिक्त सीटों पर छात्रों को प्रवेश देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने एसएसडी के दो क्रेडिट के मुद्दे पर कहा कि सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहने वाले छात्रों को इन क्रेडिट का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए इस व्यवस्था को स्पष्ट और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि विवि के कंप्यूटर साइंस विभाग में छात्रों को बीएससी करने के बाद एमएससी करने के लिए अन्य संस्थानों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने विवि में एमएससी कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग भी की। कहा यदि जल्द इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा। इस मौके पर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष जसवंत सिंह बिष्ट, अमन पंत, गौरव मोहन, आयुष भारद्वाज, शारांश शेखर रावत आदि शामिल रहे।
सीयूईटी समाप्त करने एवं पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने के लिए प्रदर्शन
श्रीनगर। गढ़वाल विवि में सीयूईटी से प्रवेश की व्यवस्था समाप्त कराने और पीएचडी में पीएचडी प्रवेश परीक्षा के माध्यम से कराने की मांग के लिए छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर धरना दिया। छात्रों ने कहा कि विवि में स्नातक स्तर पर सीयूईटी और पीएचडी के नेट, जेआरएफ को ही प्रवेश दिए जाने की बाध्यता से आम छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग के संबंध में प्रशासनिक भवन के समक्ष तंबू लगाया और धरने पर बैठ गए।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुधांशु थपलियाल व बिड़ला परिसर छात्रसंघ महासचिव अनुरोध पुरोहित ने कहा कि पीएचडी प्रवेश के लिए नियमित रूप से विवि की पीएचडी प्रवेश परीक्षा होनी चाहिए। साथ ही सीयूईटी प्रणाली को समाप्त कर स्थानीय छात्रों को प्रवेश में आने वाली समस्याओं से निजात दिलाई जाए। प्रदर्शन करने वालों में छात्र संघ कोषाध्यक्ष आयुष वेदवाल, उपाध्यक्ष शिवांक नौटियाल सहित वीरेंद्र बिष्ट, हिमांशु भंडारी, मयंक बहुगुणा, नीरज पंचोली, अखिल, साहिल कराशी और दिव्यांशु आदि छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संवाद
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कुलसचिव कार्यालय के अंदर से जड़ा ताला, पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने, एमएससी कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम शुरू कराने आदि की उठाई मांग
मांगों पर कार्रवाई न होने से गुस्साए एबीवीपी कार्यकर्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। विभिन्न मांगों के संबंध में एबीवीपी श्रीनगर इकाई के कार्यकर्ता मुखर हो गए। उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने के साथ ही विवि में एमएससी कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम शुरू कराने व अन्य मांगों के लिए विवि के अधिकारियों कुलसचिव अनीश-उल-जमा, डीन नियुक्ति एवं पदोन्नति प्रो. एमएस पंवार से वार्ता की। शाम चार बजे बजे तक कोई समाधान न निकलने पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलसचिव कार्यालय का अंदर से ही ताला जड़ दिया। कार्यकर्ताओं के साथ ही विवि के अधिकारी भी घंटों कमरे में बंद रहे। शाम सात बजे तक भी ताला नहीं खुल पाया।
छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट ने कहा कि विवि में शोध के प्रति छात्रों की रुचि बढ़ रही है लेकिन विवि की ओर से नेट, जेआरएफ छात्रों को ही पीएचडी में प्रवेश दिए जाने की बाध्यता से कई योग्य छात्र-छात्राएं प्रवेश से वंचित हो जाएंगे। कहा कि विवि को पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने का अधिकार है इसलिए छात्रों के भविष्य को देखते हुए विवि को यह व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने बीएड व एलएलबी में रिक्त सीटों पर छात्रों को प्रवेश देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने एसएसडी के दो क्रेडिट के मुद्दे पर कहा कि सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रहने वाले छात्रों को इन क्रेडिट का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए इस व्यवस्था को स्पष्ट और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि विवि के कंप्यूटर साइंस विभाग में छात्रों को बीएससी करने के बाद एमएससी करने के लिए अन्य संस्थानों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने विवि में एमएससी कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग भी की। कहा यदि जल्द इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा। इस मौके पर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष जसवंत सिंह बिष्ट, अमन पंत, गौरव मोहन, आयुष भारद्वाज, शारांश शेखर रावत आदि शामिल रहे।
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सीयूईटी समाप्त करने एवं पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने के लिए प्रदर्शन
श्रीनगर। गढ़वाल विवि में सीयूईटी से प्रवेश की व्यवस्था समाप्त कराने और पीएचडी में पीएचडी प्रवेश परीक्षा के माध्यम से कराने की मांग के लिए छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर धरना दिया। छात्रों ने कहा कि विवि में स्नातक स्तर पर सीयूईटी और पीएचडी के नेट, जेआरएफ को ही प्रवेश दिए जाने की बाध्यता से आम छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग के संबंध में प्रशासनिक भवन के समक्ष तंबू लगाया और धरने पर बैठ गए।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुधांशु थपलियाल व बिड़ला परिसर छात्रसंघ महासचिव अनुरोध पुरोहित ने कहा कि पीएचडी प्रवेश के लिए नियमित रूप से विवि की पीएचडी प्रवेश परीक्षा होनी चाहिए। साथ ही सीयूईटी प्रणाली को समाप्त कर स्थानीय छात्रों को प्रवेश में आने वाली समस्याओं से निजात दिलाई जाए। प्रदर्शन करने वालों में छात्र संघ कोषाध्यक्ष आयुष वेदवाल, उपाध्यक्ष शिवांक नौटियाल सहित वीरेंद्र बिष्ट, हिमांशु भंडारी, मयंक बहुगुणा, नीरज पंचोली, अखिल, साहिल कराशी और दिव्यांशु आदि छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संवाद