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Pauri News: मुआवजा न मिलने से गुस्साए लोगों ने रोका रेलवे का काम
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 07 Apr 2026 07:18 PM IST
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श्रीकोट के समीप रेलवे निर्माण कार्य बंद कराने के दौरान प्रदर्शन करते लोग---संवाद
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फोटो
कार्यालयों में की तालाबंदी, कहा-जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता काम नहीं होने देंगे
कहा-सुरंग निर्माण के लिए विस्फोटकों करने से घरों और भवनों में आईं दरारें
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। पिछले वर्ष सितंबर माह में श्रीकोट व श्रीनगर के बीच रेलवे सुरंग के पास टीचर्स कॉलोनी के आवासीय भवनों को भू-धंसाव से हुए नुकसान का मुआवजा न मिलने पर प्रभावित परिवारों और व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोगों ने मंगलवार सुबह श्रीकोट व श्रीनगर जीआईटीआई मैदान में चल रहे रेलवे निर्माण कार्य बंद करा दिया और कार्यालयों में तालाबंदी कर दी। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिलता तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
मंगलवार सुबह आठ बजे जिला व्यापार सभा अध्यक्ष वासुदेव कंडारी, नीरज नैथानी समेत प्रभावित परिवार और व्यापार सभा श्रीनगर, श्रीकोट, डांग व बिलकेदार के पदाधिकारी श्रीकोट के समीप रेलवे सुरंग के पास पहुंचे। जैसे ही मजदूर काम करने के लिए अंदर प्रवेश करने लगे तो प्रभावितों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद आक्रोशित लोग जीआईटीआई मैदान स्थित रेलवे लाइन निर्माण कार्य स्थल पर पहुंचे और यहां कार्यालयों में तालाबंदी कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे सुरंग निर्माण में उपयोग किए गए विस्फोटकों के कारण उनके घरों और आसपास के भवनों में दरारें आईं और कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचा लेकिन अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रशासन की ओर से रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है और जनप्रतिनिधियों, सांसद व मंत्री स्तर से भी निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद रेलवे विकास निगम प्रभावितों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है।प्रभावितों ने कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता काम काम नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर व्यापार सभा अध्यक्ष दिनेश असवाल, डांग के अध्यक्ष सौरभ पांडे, श्रीकोट अध्यक्ष नरेश नौटियाल, त्रिभुवन राणा, बिलकेदार अध्यक्ष विपेंद्र बिष्ट, जितेंद्र धिरवाण, कुशलानाथ, आनंद भंडारी, यशीष रावत, दिनेश पंवार और दीपक चौधरी आदि मौजूद रहे।
कोट
समाधान के लिए हो रही वार्ता
श्रीकोट के समीप रेलवे सुरंग के कंस्ट्रक्शन मैनेजर शैलेंद्र बिष्ट ने कहा कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। वहीं आरवीएनएल के प्रोजेक्ट मैनेजर पीयूष पंत ने कहा कि निर्माण कार्य बंद कराने आए लोगों की मांगों को सुना गया है। समाधान के लिए बात चल रही है। दिनभर यहां पर रेलवे कार्य बंद रहा।
कृषि भूमि पर रेलवे डंप कर रहा मलबा
कीर्तिनगर। विकास खंड कीर्तिनगर के घिल्डियाल गांव में रेलवे परियोजना की ओर से बिना अनुमति कृषि भूमि पर मलबा डंप करने का मामला सामने आया है। इससे नाराज घिल्डियाल गांव निवासी संदीप रावत ने एसडीएम को ज्ञापन भेजा। कहा कि रेलवे की कार्यदायी संस्था आरवीएनएल (रेल विकास निगम लिमिटेड) ने उनकी कृषि भूमि पर बिना सहमति के पत्थर और मलबा डालकर खेतों को नुकसान पहुंचाया है। स्थानीय प्रशासन से शिकायत की गई लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ बल्कि राजस्व उपनिरीक्षक ने उनकी भूमि पर उनके दावे को ही खारिज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व उपनिरीक्षक और आरवीएनएल की मिलीभगत से उनकी जमीन को नुकसान पहुंचाया गया है। खेतों के मलबे में दबने के बाद उनके पिता सदमे में हैं। उन्होंने मामले में मानवाधिकार न्यायालय में भी शिकायत दर्ज कराई है। कीर्तिनगर एसडीएम मंजू राजपूत ने कहा कि जहां पर डंपिंग जोन बनाया गया है वह संयुक्त खाते की जमीन है। सभी लोगों ने आरवीएनएल को अनापत्ति प्रमाणपत्र दिए हैं। केवल एक व्यक्ति की ओर से आपत्ति जताई जा रही है। पूरा मामला भूमिधरों और आरवीएनएल के बीच का है। संवाद
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कार्यालयों में की तालाबंदी, कहा-जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता काम नहीं होने देंगे
कहा-सुरंग निर्माण के लिए विस्फोटकों करने से घरों और भवनों में आईं दरारें
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। पिछले वर्ष सितंबर माह में श्रीकोट व श्रीनगर के बीच रेलवे सुरंग के पास टीचर्स कॉलोनी के आवासीय भवनों को भू-धंसाव से हुए नुकसान का मुआवजा न मिलने पर प्रभावित परिवारों और व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोगों ने मंगलवार सुबह श्रीकोट व श्रीनगर जीआईटीआई मैदान में चल रहे रेलवे निर्माण कार्य बंद करा दिया और कार्यालयों में तालाबंदी कर दी। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिलता तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
मंगलवार सुबह आठ बजे जिला व्यापार सभा अध्यक्ष वासुदेव कंडारी, नीरज नैथानी समेत प्रभावित परिवार और व्यापार सभा श्रीनगर, श्रीकोट, डांग व बिलकेदार के पदाधिकारी श्रीकोट के समीप रेलवे सुरंग के पास पहुंचे। जैसे ही मजदूर काम करने के लिए अंदर प्रवेश करने लगे तो प्रभावितों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद आक्रोशित लोग जीआईटीआई मैदान स्थित रेलवे लाइन निर्माण कार्य स्थल पर पहुंचे और यहां कार्यालयों में तालाबंदी कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे सुरंग निर्माण में उपयोग किए गए विस्फोटकों के कारण उनके घरों और आसपास के भवनों में दरारें आईं और कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचा लेकिन अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रशासन की ओर से रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है और जनप्रतिनिधियों, सांसद व मंत्री स्तर से भी निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद रेलवे विकास निगम प्रभावितों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है।प्रभावितों ने कहा कि जब तक मुआवजा नहीं मिल जाता काम काम नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर व्यापार सभा अध्यक्ष दिनेश असवाल, डांग के अध्यक्ष सौरभ पांडे, श्रीकोट अध्यक्ष नरेश नौटियाल, त्रिभुवन राणा, बिलकेदार अध्यक्ष विपेंद्र बिष्ट, जितेंद्र धिरवाण, कुशलानाथ, आनंद भंडारी, यशीष रावत, दिनेश पंवार और दीपक चौधरी आदि मौजूद रहे।
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समाधान के लिए हो रही वार्ता
श्रीकोट के समीप रेलवे सुरंग के कंस्ट्रक्शन मैनेजर शैलेंद्र बिष्ट ने कहा कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। वहीं आरवीएनएल के प्रोजेक्ट मैनेजर पीयूष पंत ने कहा कि निर्माण कार्य बंद कराने आए लोगों की मांगों को सुना गया है। समाधान के लिए बात चल रही है। दिनभर यहां पर रेलवे कार्य बंद रहा।
कृषि भूमि पर रेलवे डंप कर रहा मलबा
कीर्तिनगर। विकास खंड कीर्तिनगर के घिल्डियाल गांव में रेलवे परियोजना की ओर से बिना अनुमति कृषि भूमि पर मलबा डंप करने का मामला सामने आया है। इससे नाराज घिल्डियाल गांव निवासी संदीप रावत ने एसडीएम को ज्ञापन भेजा। कहा कि रेलवे की कार्यदायी संस्था आरवीएनएल (रेल विकास निगम लिमिटेड) ने उनकी कृषि भूमि पर बिना सहमति के पत्थर और मलबा डालकर खेतों को नुकसान पहुंचाया है। स्थानीय प्रशासन से शिकायत की गई लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ बल्कि राजस्व उपनिरीक्षक ने उनकी भूमि पर उनके दावे को ही खारिज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व उपनिरीक्षक और आरवीएनएल की मिलीभगत से उनकी जमीन को नुकसान पहुंचाया गया है। खेतों के मलबे में दबने के बाद उनके पिता सदमे में हैं। उन्होंने मामले में मानवाधिकार न्यायालय में भी शिकायत दर्ज कराई है। कीर्तिनगर एसडीएम मंजू राजपूत ने कहा कि जहां पर डंपिंग जोन बनाया गया है वह संयुक्त खाते की जमीन है। सभी लोगों ने आरवीएनएल को अनापत्ति प्रमाणपत्र दिए हैं। केवल एक व्यक्ति की ओर से आपत्ति जताई जा रही है। पूरा मामला भूमिधरों और आरवीएनएल के बीच का है। संवाद