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Pauri News: राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता मजबूत करने का किया आह्वान
Fri, 14 Aug 2026 06:10 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Fri, 14 Aug 2026 06:10 PM IST
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श्रीनगर। हेहेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित एकेडमिक एक्टिविटी सेंटर में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि विवि कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने विभाजन की पीड़ा को रेखांकित करते हुए कहा कि किसी देश का विभाजन नहीं होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता मजबूत करने का आह्वान किया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, नेहरू युवा केंद्र, भारत सरकार के पूर्व सहायक निदेशक डॉ. योगेश धस्माना ने 1947 के विभाजन के ऐतिहासिक तथ्यों, मानवीय त्रासदी और दूरगामी प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम व विभाजन के दौरान हिमालयी क्षेत्र के जनमानस के योगदान पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. राजपाल सिंह नेगी ने संकल्पना पत्र प्रस्तुत करते हुए विभाजन के अनछुए व कम चर्चित पहलुओं पर निष्पक्ष शोध की आवश्यकता बताई। संचालन डॉ. सुभाष चंद्र ने किया। मौके पर संयोजक डॉ. सुरेंद्र सिंह, प्रो. योगंबर सिंह, डॉ. नागेंद्र सिंह, डॉ. श्वेता वर्मा, डॉ. ज्योत्सना सोनल, डॉ. सुबोध, डॉ. भाष्करानंद पंत, डॉ. सुनील सिंह, आशुतोष बहुगुणा आदि मौजूद रहे।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, नेहरू युवा केंद्र, भारत सरकार के पूर्व सहायक निदेशक डॉ. योगेश धस्माना ने 1947 के विभाजन के ऐतिहासिक तथ्यों, मानवीय त्रासदी और दूरगामी प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम व विभाजन के दौरान हिमालयी क्षेत्र के जनमानस के योगदान पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. राजपाल सिंह नेगी ने संकल्पना पत्र प्रस्तुत करते हुए विभाजन के अनछुए व कम चर्चित पहलुओं पर निष्पक्ष शोध की आवश्यकता बताई। संचालन डॉ. सुभाष चंद्र ने किया। मौके पर संयोजक डॉ. सुरेंद्र सिंह, प्रो. योगंबर सिंह, डॉ. नागेंद्र सिंह, डॉ. श्वेता वर्मा, डॉ. ज्योत्सना सोनल, डॉ. सुबोध, डॉ. भाष्करानंद पंत, डॉ. सुनील सिंह, आशुतोष बहुगुणा आदि मौजूद रहे।
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