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Pauri News: मलेथा में स्मारक के सौंदर्यकरण पर विवाद, ग्राम प्रधान ने कार्यों की जांच और कार्य रोकने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Thu, 26 Mar 2026 10:32 PM IST
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कार्य में वित्तीय अनियमितताओं, मानकों की अनदेखी और जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा का लगाया आरोप
कीर्तिनगर। विकास खंड कीर्तिनगर के ऐतिहासिक गांव मलेथा में प्रस्तावित वीर शिरोमणि माधो सिंह भंडारी स्मारक सौंदर्यकरण के कार्य को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम प्रधान रश्मि रावत ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कार्य में वित्तीय अनियमितताओं, मानकों की अनदेखी और निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपेक्षा के गंभीर आरोप लगाए हैं।
बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान मलेथा रश्मि रावत, उप प्रधान रविंद्र बिष्ट, क्षेत्रपंचायत सदस्य संजय लाल, अचल नेगी, वीरेंद्र राणा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य व राज्य आंदोलनकारी सतेंद्र भट्ट तथा सुनील पोखरियाल आदि लोग मलेथा गांव के पास छेड़ाधार स्थित माधो सिंह भंडारी स्मारक स्थल पहुंचे। जहां माधो सिंह भंडारी स्मारक के सौंदर्यकरण का कार्य किया जा रहा है। ग्राम प्रधान का कहना है कि करीब सवा करोड़ रुपये की इस योजना को ग्राम सभा की खुली बैठक में प्रस्ताव पारित किए बिना ही स्वीकृति दी गई, जो पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के बजट मद और कार्य की विस्तृत रूपरेखा (ब्लूप्रिंट) की जानकारी ग्राम सभा को नहीं दी गई, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रधान ने यह भी बताया कि इससे पहले भी इसी स्मारक के नाम पर वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं, जिनके प्रमाण ग्राम पंचायत के पास सुरक्षित हैं। वर्तमान में पुराने और जर्जर ढांचे की मरम्मत के नाम पर केवल सतही कार्य कर सरकारी धन का दुर्पयोग किया जा रहा है। यह ढांचा कभी भी गिर सकता है। उन्होंने निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े कर बीआईएस मानकों के अनुरूप सरकारी प्रयोगशाला से जांच कराने की मांग की है। साथ ही, जब तक तकनीकी और वित्तीय ऑडिट पूरी नहीं हो जाती, तब तक निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है। ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच समिति गठित कर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
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कीर्तिनगर। विकास खंड कीर्तिनगर के ऐतिहासिक गांव मलेथा में प्रस्तावित वीर शिरोमणि माधो सिंह भंडारी स्मारक सौंदर्यकरण के कार्य को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम प्रधान रश्मि रावत ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कार्य में वित्तीय अनियमितताओं, मानकों की अनदेखी और निर्वाचित प्रतिनिधियों की उपेक्षा के गंभीर आरोप लगाए हैं।
बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान मलेथा रश्मि रावत, उप प्रधान रविंद्र बिष्ट, क्षेत्रपंचायत सदस्य संजय लाल, अचल नेगी, वीरेंद्र राणा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य व राज्य आंदोलनकारी सतेंद्र भट्ट तथा सुनील पोखरियाल आदि लोग मलेथा गांव के पास छेड़ाधार स्थित माधो सिंह भंडारी स्मारक स्थल पहुंचे। जहां माधो सिंह भंडारी स्मारक के सौंदर्यकरण का कार्य किया जा रहा है। ग्राम प्रधान का कहना है कि करीब सवा करोड़ रुपये की इस योजना को ग्राम सभा की खुली बैठक में प्रस्ताव पारित किए बिना ही स्वीकृति दी गई, जो पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के बजट मद और कार्य की विस्तृत रूपरेखा (ब्लूप्रिंट) की जानकारी ग्राम सभा को नहीं दी गई, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रधान ने यह भी बताया कि इससे पहले भी इसी स्मारक के नाम पर वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं, जिनके प्रमाण ग्राम पंचायत के पास सुरक्षित हैं। वर्तमान में पुराने और जर्जर ढांचे की मरम्मत के नाम पर केवल सतही कार्य कर सरकारी धन का दुर्पयोग किया जा रहा है। यह ढांचा कभी भी गिर सकता है। उन्होंने निर्माण कार्य में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े कर बीआईएस मानकों के अनुरूप सरकारी प्रयोगशाला से जांच कराने की मांग की है। साथ ही, जब तक तकनीकी और वित्तीय ऑडिट पूरी नहीं हो जाती, तब तक निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है। ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच समिति गठित कर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
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